{"_id":"5c6b141cbdec2275c51244f5","slug":"anil-soni-make-nagar-nigam-vice-chairman","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनिल सोनी बने नगर निगम के उपसभापति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनिल सोनी बने नगर निगम के उपसभापति
Tue, 19 Feb 2019 01:52 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
jhansi
Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Tue, 19 Feb 2019 01:52 AM IST
विज्ञापन
nagar nigam election
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम के उपसभापति के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के पार्षद अनिल सोनी निर्विरोध निर्वाचित हो गए। महापौर रामतीर्थ सिंघल के कार्यकाल में लगातार दूसरी बार निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। पार्षद अनिल सोनी का उपसभापति बनना उसी समय तय हो गया था, जब पार्षदों और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में उन्होंने टिकट नहीं मिलने की स्थिति में बगावत करने की चेतावनी दी थी। हालांकि, बाद में उन्होंने इससे इंकार कर दिया था।
सोमवार को सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जगरूप पटेल की देखरेख में उपसभापति के चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। पार्षद अनिल सोनी ने नामांकन किया, उनके प्रस्तावक कांग्रेस के पार्षद विकास खत्री रहे। अनिल के नामांकन के बाद तय हो गया था कि अब कोई नामांकन नहीं करेगा और निर्विरोध निर्वाचन के आसार बन गए। अंतत: किसी पार्षद ने नामांकन नहीं किया और अनिल सोनी उपसभापति बन गए। औपचारिक घोषणा पौने तीन बजे की गई। निर्वाचन अधिकारी ने अनिल सोनी को उपसभापति पद का प्रमाण पत्र सौंपा। इस अवसर पर महापौर रामतीर्थ सिंघल, भाजपा अध्यक्ष प्रदीप सरावगी, सुबोध गुबरेले, मुकेश मिश्रा मौजूद रहे।
हजम नहीं हुआ कांग्रेस का समर्थन
कांग्रेस के पार्षद विकास खत्री का उपसभापति के चुनाव में नामांकन के दौरान प्रस्तावक बनना, किसी को हजम नहीं हो रहा था। भारतीय जनता पार्टी के महानगर जिलाध्यक्ष प्रदीप सरावगी से जब पार्षद अनिल सोनी की निष्ठा के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अनिल सोनी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं और भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के सह जिला संयोजक हैं, इसलिए भाजपा ही जीती है।
विज्ञापन
भाजपा पार्षदों में असंतोष, नेता सदन बदलेंगे
पार्षद अनिल सोनी के उपसभापति बनने से भारतीय जनता पार्टी के पार्षदाें में असंतोष है। दरअसल, पार्षदों को लगता है कि पार्षद अनिल सोनी के उपसभापति बनने के पीछे पार्टी के ही एक जिम्मेदार और पुराने पार्षद का हाथ है। इसलिए पार्षदों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि एक- दो दिन में नेता सदन के पद का बदलाव किया जाएगा। पार्षदों को लगता है कि उनकी बात को नेता सदन ने गंभीरता से नहीं लिया, यदि कहा भी गया तो उन्होंने उस बात को सदन में नहीं उठाया। उधर, नेता सदन दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पार्षद उन्हें दोषी मान रहे हैं, लेकिन ऐसा है नहीं।
सबको समझाकर शांत कराया
भाजपा के किसी अन्य पार्षद को उपसभापति पद के लिए दावेदारी करने से मना किया गया और समझाकर- बुझा कर प्रकरण शांत कर दिया गया। पार्षद विद्याप्रकाश दुबे को यह कहकर शांत कराया गया कि महापौर और विधायक सामान्य वर्ग से हैं। इसलिए आपका दावा कमजोर है। पार्षद लखन कुशवाहा को यह कहकर शांत कराया गया कि भाजपा जिलाध्यक्ष कुशवाहा समाज से हैं। पार्षद किशोरी प्रसाद रायकवार से यह कहा गया कि अभी आपका पहला साल है, अगली बार आपकी दावेदारी बनेगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि विधायक की रुचि किसी दूसरे पार्षद को उपसभापति बनाने में थी, लेकिन उनकी रणनीति कामयाब नहीं हो सकी।
विज्ञापन
सोमवार को सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी जगरूप पटेल की देखरेख में उपसभापति के चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। पार्षद अनिल सोनी ने नामांकन किया, उनके प्रस्तावक कांग्रेस के पार्षद विकास खत्री रहे। अनिल के नामांकन के बाद तय हो गया था कि अब कोई नामांकन नहीं करेगा और निर्विरोध निर्वाचन के आसार बन गए। अंतत: किसी पार्षद ने नामांकन नहीं किया और अनिल सोनी उपसभापति बन गए। औपचारिक घोषणा पौने तीन बजे की गई। निर्वाचन अधिकारी ने अनिल सोनी को उपसभापति पद का प्रमाण पत्र सौंपा। इस अवसर पर महापौर रामतीर्थ सिंघल, भाजपा अध्यक्ष प्रदीप सरावगी, सुबोध गुबरेले, मुकेश मिश्रा मौजूद रहे।
विज्ञापन
हजम नहीं हुआ कांग्रेस का समर्थन
कांग्रेस के पार्षद विकास खत्री का उपसभापति के चुनाव में नामांकन के दौरान प्रस्तावक बनना, किसी को हजम नहीं हो रहा था। भारतीय जनता पार्टी के महानगर जिलाध्यक्ष प्रदीप सरावगी से जब पार्षद अनिल सोनी की निष्ठा के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अनिल सोनी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं और भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के सह जिला संयोजक हैं, इसलिए भाजपा ही जीती है।
विज्ञापन
भाजपा पार्षदों में असंतोष, नेता सदन बदलेंगे
पार्षद अनिल सोनी के उपसभापति बनने से भारतीय जनता पार्टी के पार्षदाें में असंतोष है। दरअसल, पार्षदों को लगता है कि पार्षद अनिल सोनी के उपसभापति बनने के पीछे पार्टी के ही एक जिम्मेदार और पुराने पार्षद का हाथ है। इसलिए पार्षदों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि एक- दो दिन में नेता सदन के पद का बदलाव किया जाएगा। पार्षदों को लगता है कि उनकी बात को नेता सदन ने गंभीरता से नहीं लिया, यदि कहा भी गया तो उन्होंने उस बात को सदन में नहीं उठाया। उधर, नेता सदन दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पार्षद उन्हें दोषी मान रहे हैं, लेकिन ऐसा है नहीं।
सबको समझाकर शांत कराया
भाजपा के किसी अन्य पार्षद को उपसभापति पद के लिए दावेदारी करने से मना किया गया और समझाकर- बुझा कर प्रकरण शांत कर दिया गया। पार्षद विद्याप्रकाश दुबे को यह कहकर शांत कराया गया कि महापौर और विधायक सामान्य वर्ग से हैं। इसलिए आपका दावा कमजोर है। पार्षद लखन कुशवाहा को यह कहकर शांत कराया गया कि भाजपा जिलाध्यक्ष कुशवाहा समाज से हैं। पार्षद किशोरी प्रसाद रायकवार से यह कहा गया कि अभी आपका पहला साल है, अगली बार आपकी दावेदारी बनेगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि विधायक की रुचि किसी दूसरे पार्षद को उपसभापति बनाने में थी, लेकिन उनकी रणनीति कामयाब नहीं हो सकी।