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मेडिकल कॉलेज में डेढ़ साल बाद फिर शुरू हुई एंजियोग्राफी
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेेडिकल कॉलेज में लगभग डेढ़ साल से बंद एंजियोग्राफी की सुविधा को दोबारा से शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ द्वारा पुलिया नंबर नौ निवासी एक वृद्ध की एंजियोग्राफी की गई। संक्रमण से पहले 13 लोगों की एंजियोग्राफी हुई थी।
कोरोना संक्रमण का प्रकोप बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल कॉलेज सहित सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी व कई स्वास्थ्य सेवाओं को बंद कर दिया गया था। सरकारी अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। संक्रमण का दायरा सिमटते ही ओपीडी सहित सभी सेवाओं को दोबारा से शुरू कर दिया गया था, लेकिन मेडिकल कॉलेज में कॉर्डियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण एंजियोग्राफी को शुरू नहीं किया जा सका था। जिसके चलते हृदय रोगी निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी कराने के लिए मजबूर थे।
लगभग डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी एंजियोग्राफी बंद पड़ी थी। मेडिकल प्रशासन द्वारा कॉर्डियोलॉजिस्ट की कमी को दूर करते ही एंजियोग्राफी की सुविधा को दोबारा से शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक शर्मा द्वारा मरीज की एंजियोग्राफी की गई। इस दौरान डॉ. मधुसूदन, वरिष्ठ कैथ लैब टेक्नीशियन विशाल सिंह सेंगर, सहायक टेक्नीशियन विकास राजपूत, जूनियर टेक्नीशियन अविनाश यादव, स्टाफ नर्स शीबा, उर्मिला, शेाभा, गीता मौजूद रहीं।
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यह होती है एंजियोग्राफी
एंजियोग्राफी एक तरह से जांच प्रक्रिया है। इसमें हृदय की धमनियों के रक्त प्रवाह की जांच की जाती है। इस परीक्षण में नस अथवा धमनियों के भीतर के रक्त संचार की स्पष्ट रूप से तस्वीरें प्राप्त करने के लिए डाई का उपयोग किया जाता है। एंजियोग्राफी रिपोर्ट के आधार पर ही चिकित्सक द्वारा इलाज किया जाता है।
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कोरोना संक्रमण का प्रकोप बढ़ते ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल कॉलेज सहित सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी व कई स्वास्थ्य सेवाओं को बंद कर दिया गया था। सरकारी अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। संक्रमण का दायरा सिमटते ही ओपीडी सहित सभी सेवाओं को दोबारा से शुरू कर दिया गया था, लेकिन मेडिकल कॉलेज में कॉर्डियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण एंजियोग्राफी को शुरू नहीं किया जा सका था। जिसके चलते हृदय रोगी निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी कराने के लिए मजबूर थे।
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लगभग डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी एंजियोग्राफी बंद पड़ी थी। मेडिकल प्रशासन द्वारा कॉर्डियोलॉजिस्ट की कमी को दूर करते ही एंजियोग्राफी की सुविधा को दोबारा से शुरू कर दिया गया है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक शर्मा द्वारा मरीज की एंजियोग्राफी की गई। इस दौरान डॉ. मधुसूदन, वरिष्ठ कैथ लैब टेक्नीशियन विशाल सिंह सेंगर, सहायक टेक्नीशियन विकास राजपूत, जूनियर टेक्नीशियन अविनाश यादव, स्टाफ नर्स शीबा, उर्मिला, शेाभा, गीता मौजूद रहीं।
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यह होती है एंजियोग्राफी
एंजियोग्राफी एक तरह से जांच प्रक्रिया है। इसमें हृदय की धमनियों के रक्त प्रवाह की जांच की जाती है। इस परीक्षण में नस अथवा धमनियों के भीतर के रक्त संचार की स्पष्ट रूप से तस्वीरें प्राप्त करने के लिए डाई का उपयोग किया जाता है। एंजियोग्राफी रिपोर्ट के आधार पर ही चिकित्सक द्वारा इलाज किया जाता है।