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दान पत्र का कमाल...एक अरब 90 करोड़ की संपत्ति देकर अपनों को किया मालामाल
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झांसी। जिले में चार माह के भीतर एक अरब 90 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां दान दी जा चुकी हैं। स्टांप ड्यूटी में रियायत मिलने की वजह से जिले के सभी सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में धड़ाधड़ दान पत्र पंजीकृत किए जा रहे हैं। लोग अपनों को मालामाल कर रहे हैं। चार महीनों में 1270 गिफ्ट डीड पंजीकृत की जा चुकी हैं।
दान पत्र के जरिये संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए सरकार की ओर से स्टांप ड्यूटी में रियायत का प्रावधान किया गया है। इसमें संपत्ति चाहे कितनी ही बड़ी हो, स्टांप ड्यूटी अधिकतम पांच हजार रुपये ही ली जा रही। हालांकि, संपत्तियों का हस्तांतरण केवल रक्त संबंधियों के बीच ही किया जा सकता है। 18 जून 2022 से छह माह के लिए लागू की गई इस योजना का लोग खूब लाभ उठा रहे हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि साल 2021 में जिले के सभी छह सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में महज 96 दान पत्र पंजीकृत हुए थे, जबकि इस साल स्टांप ड्यूटी में छूट का प्रावधान किए जाने के बाद से पिछले चार माह के भीतर ही 1270 गिफ्ट डीड हो चुकी हैं, इनके जरिये लोगों ने अपनों को अपनी एक अरब 90 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां दान में दीं हैं।
इन्हें दान दी जा सकती हैं संपत्ति
झांसी। स्टांप ड्यूटी में रियायत का लाभ रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति के हस्तांतरण पर ही मिलेगा। इनमें पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधू, दामाद, सगे भाई-बहन तथा पुत्र/पुत्री के बच्चों को ही दान पत्र के जरिये संपत्ति दी जा सकती है। शासन ने 18 जून 2022 को गजट प्रकाशित कर अगले छह माह के लिए यह योजना लागू की थी। इस लिहाज से 18 दिसंबर तक इस योजना का भी लाभ उठाया जा सकता है। हालांकि, इसकी अवधि बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
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सरकार को भी खूब मिला राजस्व
झांसी। गिफ्ट डीड के जरिये सरकार को भी खूब राजस्व हासिल हो रहा है। दान पत्र पंजीकृत होने पर पांच हजार रुपये स्टांप ड्यूटी के अलावा संपत्ति के सरकारी मूल्य का एक प्रतिशत भी लिया जाता है। इससे सरकार को अब तक एक करोड़ 72 लाख रुपये का राजस्व हासिल हो चुका है।
रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति के हस्तांतरण में लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ न आए, इसके लिए सरकार ने ये योजना लागू की है। इसके उत्साहजनक परिणाम भी सामने आए हैं। इससे अलावा इससे आने वाले दिनों में संपत्ति को लेकर होने वाले पारिवारिक विवादों में भी कमी आएगी।
- प्रवीण सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन
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दान पत्र के जरिये संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए सरकार की ओर से स्टांप ड्यूटी में रियायत का प्रावधान किया गया है। इसमें संपत्ति चाहे कितनी ही बड़ी हो, स्टांप ड्यूटी अधिकतम पांच हजार रुपये ही ली जा रही। हालांकि, संपत्तियों का हस्तांतरण केवल रक्त संबंधियों के बीच ही किया जा सकता है। 18 जून 2022 से छह माह के लिए लागू की गई इस योजना का लोग खूब लाभ उठा रहे हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि साल 2021 में जिले के सभी छह सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में महज 96 दान पत्र पंजीकृत हुए थे, जबकि इस साल स्टांप ड्यूटी में छूट का प्रावधान किए जाने के बाद से पिछले चार माह के भीतर ही 1270 गिफ्ट डीड हो चुकी हैं, इनके जरिये लोगों ने अपनों को अपनी एक अरब 90 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां दान में दीं हैं।
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इन्हें दान दी जा सकती हैं संपत्ति
झांसी। स्टांप ड्यूटी में रियायत का लाभ रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति के हस्तांतरण पर ही मिलेगा। इनमें पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधू, दामाद, सगे भाई-बहन तथा पुत्र/पुत्री के बच्चों को ही दान पत्र के जरिये संपत्ति दी जा सकती है। शासन ने 18 जून 2022 को गजट प्रकाशित कर अगले छह माह के लिए यह योजना लागू की थी। इस लिहाज से 18 दिसंबर तक इस योजना का भी लाभ उठाया जा सकता है। हालांकि, इसकी अवधि बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
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सरकार को भी खूब मिला राजस्व
झांसी। गिफ्ट डीड के जरिये सरकार को भी खूब राजस्व हासिल हो रहा है। दान पत्र पंजीकृत होने पर पांच हजार रुपये स्टांप ड्यूटी के अलावा संपत्ति के सरकारी मूल्य का एक प्रतिशत भी लिया जाता है। इससे सरकार को अब तक एक करोड़ 72 लाख रुपये का राजस्व हासिल हो चुका है।
रक्त संबंधियों के बीच संपत्ति के हस्तांतरण में लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ न आए, इसके लिए सरकार ने ये योजना लागू की है। इसके उत्साहजनक परिणाम भी सामने आए हैं। इससे अलावा इससे आने वाले दिनों में संपत्ति को लेकर होने वाले पारिवारिक विवादों में भी कमी आएगी।
- प्रवीण सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन