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हाथों को बनाएं हथियार और साहस सेे दें दुश्मन को मात

Sat, 27 Nov 2021 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Nov 2021 01:33 AM IST
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amar ujala aprajita, self defence training for girls
nibu pani.jpg - फोटो : nibu pani.jpg
झांसी। अमर उजाला की ‘अपराजिता’ मुहिम के तहत शुक्रवार को महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान एक्सपर्ट ने बालिकाओं को बताया कि आपात स्थिति में वे अपने साहस के बल पर हाथों को हथियार बनाकर दुश्मन को मात दे सकती हैं। साथ ही उन्हें पेन, रुमाल, दुपट्टे, चाबी जैसी चीजों को हथियार की तरह इस्तेमाल करने के उपाय भी बताए।
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कार्यशाला में कराटे एक्सपर्ट मेवालाल राजपूत ने अपनी टीम की शाहीन परवीन व पूनम गौतम के साथ छात्राओं को आत्मरक्षा के कई तरीके बताएं। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में किसी भी दशा में आपा न खोएं। धैर्य रखते हुए साहस से काम लें। अपने पास उपलब्ध मोबाइल फोन, पेन, चाबी, दुपट्टा आदि जैसी चीजों को हथियार की तरह इस्तेमाल करें। शरीर के अंग हाथ-पैर, नाखून, दांत, सिर का भी हथियार तरह अपने बचाव में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके उन्हेें तरीके भी बताए गए।
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इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद ओझा ने कहा कि कार्यशाला में दी गईं जानकारियों का बालिकाएं निरंतर अभ्यास करें और दूसरों को भी इसकी जानकारी दें। इस मौके पर शिक्षक जयप्रकाश सोनी, प्रताप सिंह, ध्रुव सिंह और संगीता उपाध्याय मौजूद रहीं।
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मैंने सीखा कि अपने हाथ ही दुश्मन को चोट देने के लिए काफी हैं। हाथों को हथियार बनाकर अपने को बचा सकते हैं। - चावली श्रीवास
मैने यह सीखा कि किसी मुसीबत की स्थिति आने पर पेन के जरिए भी हम अपना बचाव कर सकते हैं। - स्नेहा तिवारी
टैक्सी चालक से असुरक्षा महसूस होने पर अपने दुपट्टे को हथियार बनाकर टैक्सी चालक को रोक सकते हैं।- प्रियंका सिंह
डर को दूरकर बचाव के बारे में सोचना है, बालों में लगी पिन को हथियार बनाकर खुद कोेेेेेेे बचा सकते हैं।- गायत्री
मैं हमेशा कड़ा पहनकर रखती हूं, उसे ही मैं अपना हथियार बनाकर दुश्मन को चुटहिल कर सकती हूं।- वंशिका लाक्षाकार
दुबली-पतली काया को कमजोर ना समझा जाए। हमारी हड्डियां ही हमारे लिए हथियार बन सकती हैं।- स्वीटी झा
अब हर परिस्थिति से निपटने को तैयार हूं। कभी कोई समस्या आई भी निडर होकर उसका सामना करूंगी।
- शिवानी राय
विद्यार्थी जीवन में किताबें हमारे साथ रहती ही हैं, उन किताबों को ही हम अपने बचाव के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।- जरीन अहमद
किसी से डरे बिना अपनी जिंदगी जीने की बात ने उन्हें बहुत प्रभावित किया। इसे अपने जीवन में जरूर अपनाएंगी।- शालिनी रायकवार
हमें प्रशिक्षण में बताए गए तरीके अच्छे से समझ आए। किसी भी परेशानी की स्थिति में बचाव के लिए भी तैयार हैं।- दीक्षा यादव
जीवन में अपने कार्यवाहक आप स्वयं बनें, हिचकिचाहट दूर कर अपने जिंदगी जीने की बात ने उन्हें बहुत प्रभावित किया।- सृष्टि निगम
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