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मेडिकल कॉलेज में जल्द शुरू होगी हर तरह की टीबी की जांच

Mon, 11 Jul 2022 12:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jul 2022 12:30 AM IST
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All types of TB investigation will start soon in the medical college
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में अब हर प्रकार की टीबी की जांच हो पाएगी। जल्द ही कल्चर डीएसटी लैब की शुरूआत हो जाएगी। इसके बाद बुंदेलखंड के टीबी के संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांच के लिए झांसी आएंगे। जल्द रिपोर्ट मिलकर रोगियों का इलाज शुरू हो सकेगा।
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अभी प्रदेश के लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर, वाराणसी के मेडिकल कॉलेजों में कल्चर डीएसटी लैब है। इसके अलावा आगरा के जालमा इंस्टीट्यूट में भी ये प्रयोगशाला स्थापित है। विशेषज्ञों ने बताया कि लैब में लिक्विड कल्चर में बैक्टीरिया को बढ़ाते हुए विभिन्न प्रकार की टीबी की जांच करते हैं। अभी मेडिकल कॉलेज में सीबी नेट से फेफड़े के अलावा चुनिंदा टीबी की ही जांच हो पाती हैं। बाकी सैंपलों को जांच के लिए आगरा भेजा जाता है। वहां से जांच रिपोर्ट आने में एक सप्ताह तक का समय लग जाता है। मगर अब मरीजों को जल्द ही रिपोर्ट मिल सकेगी, क्योंकि मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कल्चर डीएसटी लैब की स्थापना हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि मशीनों से लेकर स्टाफ तक पूरा है। बस थोड़ा निर्माण कार्य रह गया है, जो कि जल्द पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद पूरे बुंदेलखंड के सैंपल जांच के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज आएंगे। मरीजों को जल्दी रिपोर्ट भी मिल सकेगी। लैब में ब्रेन, रीढ़ की हड्डी, गांठ, आंत, बच्चेदानी आदि की टीबी की जांच हो सकेगी।
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ड्रग रेजिस्टेंस का पता लगा कारगर दवाएं शुरू करने में मिलेगी मदद
टीबी के कई मरीजों द्वारा लगातार इलाज न कराने या बीच-बीच में दवाएं छोड़ देने की वजह से ड्रग रेजिस्टेंस यानी दवा के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है। इससे मरीजों में दवाएं असर नहीं करती हैं। चेस्ट एवं टीबी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मधुर्मय शास्त्री ने बताया कि लैब में जांच के दौरान ड्रग रजिस्टेंस का पता लग सकेगा। इसके बाद मरीजों को दूसरी दवाएं देकर ठीक किया जा सकेगा।
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