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Jhansi: ई-मालखाना पोर्टल से जुड़े सभी थाने, क्यूआर कोड से पहचाने जाएंगे साक्ष्य, एडीजी ने ऑनलाइन की शुरूआत
Thu, 16 Jul 2026 02:23 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Updated Thu, 16 Jul 2026 02:23 AM IST
सार
इस नई व्यवस्था के जरिए अब माल मुकदमाती तलाशने के लिए महज क्यूआर कोड स्कैन करते ही उसे रखे जाने की जगह पता चल जाएगी, जिससे समय पर उसे कोर्ट के सामने पेश किया जा सकेगा।
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ई-मालखाना पोर्टल की शुरूआत करतीं एडीजी।
- फोटो : विभाग
विस्तार
झांसी के सभी थाने अब ई-मालखाना पोर्टल से जुड़ गए। बुधवार को एडीजी जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ ने कानपुर में आयोजित क्राइम मीटिंग के दौरान ऑनलाइन माध्यम से इसकी शुरूआत की। इस नई व्यवस्था के जरिए अब माल मुकदमाती महज एक क्लिक की दूरी पर होंगे। उनको तलाशने के लिए महज क्यूआर कोड स्कैन करते ही उसे रखे जाने की जगह पता चल जाएगी, जिससे समय पर उसे कोर्ट के सामने पेश किया जा सकेगा।
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि इस नई व्यवस्था में प्रत्येक माल मुकदमाती का यूनिक क्यूआर कोड के साथ पंजीकरण होगा। प्रत्येक साक्ष्य बॉक्स पर थाना, अपराध संख्या, दिनांक और आइटम कोड अंकित रहेगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित माल मुकदमाती का पूरा विवरण तुरंत उपलब्ध हो जाएगा। इससे साक्ष्यों के रखरखाव में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित ट्रैकिंग सुनिश्चित होगी। इसके लिए हेड मुहर्रिर, कंप्यूटर ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दिया गया है। एसएसपी के मुताबिक इसकी मदद से कोर्ट के सामने समय पर यह पेश किए जा सकेंगे। इस दौरान आईजी आकाश कुलहरि भी मौजूद रहे।
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एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि इस नई व्यवस्था में प्रत्येक माल मुकदमाती का यूनिक क्यूआर कोड के साथ पंजीकरण होगा। प्रत्येक साक्ष्य बॉक्स पर थाना, अपराध संख्या, दिनांक और आइटम कोड अंकित रहेगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित माल मुकदमाती का पूरा विवरण तुरंत उपलब्ध हो जाएगा। इससे साक्ष्यों के रखरखाव में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित ट्रैकिंग सुनिश्चित होगी। इसके लिए हेड मुहर्रिर, कंप्यूटर ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दिया गया है। एसएसपी के मुताबिक इसकी मदद से कोर्ट के सामने समय पर यह पेश किए जा सकेंगे। इस दौरान आईजी आकाश कुलहरि भी मौजूद रहे।
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