फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Alcohol is destroying the family, does not mind even from mother to wife's murder

Alcohol: परिवार तबाह कर रही शराब, मां से लेकर पत्नी की हत्या तक से गुरेज नहीं

Mon, 15 Aug 2022 12:51 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Mon, 15 Aug 2022 12:51 AM IST
सार

झांसी में जिला अस्पताल में रोजाना आठ से दस ऐसे मरीज इलाज के लिए भर्ती हो रहे हैं। दिन-रात शराब के नशे में डूबे रहने वाले लोगों के शरीर में कंपन, शराब की मात्रा लगातार बढ़ाते जाना, नींद न आना, चिड़चिड़ापन की समस्या शुरू हो जाती है।

विज्ञापन
Alcohol is destroying the family, does not mind even from mother to wife's murder
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

झांसी। शराब परिवार के परिवार तबाह कर रही है। कोई शराबी खुद को तो कोई परिवार को खत्म करना चाहता है। कई लोगों को इसकी लत इस कदर पड़ चुकी है कि उन्हें 24 घंटे तक शराब न मिले तो मिर्गी के दौरे आने लगते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे लोगों का ब्रेन भी डैमेज हो सकता है। जिला अस्पताल में रोजाना आठ से दस ऐसे मरीज इलाज के लिए भर्ती हो रहे हैं।
विज्ञापन


दिन-रात शराब के नशे में डूबे रहने वाले लोगों के शरीर में कंपन, शराब की मात्रा लगातार बढ़ाते जाना, नींद न आना, चिड़चिड़ापन की समस्या शुरू हो जाती है। मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन का कहना है कि शराब पीने वालों के लिए ये खतरे की घंटी है। इसे एल्कोहल डिपेंडेंस सिंड्रोम कहते हैं। इस स्थिति में मरीज की जान पर बन आती है। शराब पीते-पीते व्यक्ति डिलीरियम ट्रिमेंस का शिकार हो जाता है।
विज्ञापन


ऐसे में उसे हमेशा जान का खतरा महसूस होता रहता है। कभी शराबी को लगता है कि कहीं सांप और बिच्छु आकर उसे न काट ले। कभी लगता है कि कोई उसे पकड़ने के लिए आ रहा है। ऐसे में व्यक्ति का इलाज नहीं कराया गया तो मिर्गी के दौरे आने लगते हैं। कुछ का ब्रेन तक डैमेज हो सकता है। उन्होंने बताया कि शराब के जबरदस्त लती आठ से दस मरीज रोजाना जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे मरीजों को 10 से 15 दिन भर्ती रखकर इलाज किया जाता है। रोगियों को दो प्रकार की दवाएं चलाई जाती हैं। एक तो नशे की लत कम करती है और दूसरी रिएक्शन करने वाली होती है। जो कि मरीज में शराब के प्रति भय और नफरत पैदा हो करती है। डिस्चार्ज होने के छह महीने बाद तक इलाज चलता है। वहीं, मनोचिकित्सक डॉ. अर्जित गौरव ने बताया कि जो लोग नियमित दवाएं खाते और फॉलोअप कराने आते रहते हैं, वो शराब को पूरी तरह छोड़ देते हैं।

20 फीसदी शराबियों की याददाश्त कमजोर, 70 प्रतिशत का लिवर खराब
डॉ. शिकाफा ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने वाले शराब के लती 20 फीसदी मरीजों की याददाश्त कमजोर होती है। जबकि, 70 प्रतिशत का लिवर खराब होता है। यानी कि किसी का 20 प्रतिशत तो किसी का 80 फीसदी तक लिवर डैमेज हो चुका होता है।

परिजनों ने बाहर नहीं जाने दिया तो छत से कूद गया
शहर में रहने वाले शराब पीने के आदी एक व्यक्ति को परिजनों ने शराब पीने के लिए घर से बाहर नहीं निकलने दिया। 24 घंटे तक उसे शराब नहीं मिली तो वह छत से कूद गया। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती किया। इलाज चला तो उसकी सेहत में सुधार आया। अभी इलाज को पांच महीने हुए हैं और उसने शराब को हाथ तक नहीं लगाया।

पत्नी को मार नहीं पाया तो खुद आत्महत्या करने लगा
ललितपुर का एक युवक दिन-रात शराब के नशे में धुत रहता था। घर में रोज लड़ाई होती थी। एक दिन व्यक्ति ने शराब के नशे में अपनी पत्नी का गला दबाना शुरू कर दिया। बच्चे चिल्लाए तो आसपास के लोगों ने आकर बचाया। बाद में युवक ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। हालांकि, पड़ोसियों ने उसे भी बचा लिया।

मां पर कर दिया चाकू से हमला, घर से भी निकाला
सीपरी बाजार के युवक की विधवा मां ने बड़ी मुश्किलों से उसे पढ़ाया। पढ़ाई में तेज होने से उसकी नौकरी भी लग गई। गलत लोगों की संगत में पड़ने से उसे शराब की लत लग गई। तीन साल में वो शराब का इस कदर आदी हो गया कि टोकने पर मां पर चाकू से हमला कर दिया और घर से निकाल दिया। लंबा इलाज चलने के बाद उसने शराब छोड़ दी।


22 साल की उम्र में 50 फीसदी लिवर हुआ डैमेज
महज 22 साल की उम्र में युवक का 50 प्रतिशत तक लिवर डैमेज, डायबिटीज से लेकर हाइपरटेंशन तक की समस्या हो गई। उसका एक छोटा बच्चा और पत्नी है। डॉक्टर को परिजनों ने बताया कि दो साल में ही उसकी ये हालत हो गई। जबकि, 18-19 साल तक उसने कभी शराब पी ही नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed