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हवाई पट्टी के विस्तार के लिए जमीन देने को राजी नहीं किसान

Mon, 24 Feb 2020 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2020 01:12 AM IST
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airport in jhansi
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झांसी। शासन स्तर पर तय हो गया है कि ग्वालियर रोड स्थित सेना की हवाई पट्टी का विस्तार कर यहां हवाई अड्डा बनाया जाएगा। इसके लिए आसपास की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। हवाई पट्टी से सटे गांव सिमरधा के किसान शासन के इस निर्णय के विरोध में आ गए हैं।
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क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि जब सफा व चमरौआ गांव में हवाई अड्डे के निर्माण के लिए पर्याप्त उपयुक्त भूमि उपलब्ध है, तो ऐसे में हवाई पट्टी का विस्तार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहूज बांध, ग्रासलैंड, हाईवे, नहर, हवाई पट्टी, बिजली घर, रेल लाइन व बेतवा विहार आवासीय योजना के लिए पहले ही ग्राम सिमरधा और बूढ़ा की जमीन ली जा चुकी है, अब हवाई पट्टी के विस्तार के लिए भी इन्हीं गांवों की जमीन पर निगाहें टिकी हुई हैं। ऐसे में गांवों का अस्तित्व ही संकट में आ जाएगा।
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कई बार जमीन अधिग्रहित होने से सिमरधा बुरी तरह से प्रभावित हो चुका है। हवाई पट्टी के विस्तार के लिए किसान जमीन देने को राजी नहीं हैं।
- राजकुमार
एक ही इलाके में सभी परियोजनाएं विकसित करना ठीक नहीं है। इससे आबादी प्रभावित होती है। हवाई अड्डा सफा, चमरौआ में बनाया जाना ही ठीक होगा।
- पवन कुशवाहा
सिमरधा गांव की 50 प्रतिशत भूमि विभिन्न परियोजनाओं के लिए पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है। ऐसे में अब क्षेत्र के लोग और भूमि देने को तैयार नहीं हैं।
- पवन यादव
क्षेत्र के लोगों की जीविकोपार्जन का प्रमुख जरिया कृषि ही है। अगर ये ही हम से छीन ली जाएगी, तो हम क्या करेंगे? हम अपनी जमीन किसी दशा में नहीं देंगे।
- राघवेंद्र सिंह
क्षेत्र के विकास का हवाला देकर किसानों से कई बार जमीन अधिग्रहित की गई। लेकिन, क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है। पहले से हालात और खराब हुए हैं।
- प्रतिपाल
सफा, चमरौआ में हवाई अड्डे के लिए चिह्नित की गई भूमि में ज्यादातर सरकारी है। ये आसानी से उपलब्ध है। हवाई अड्डा वहां ही बनाया जाना चाहिए।
- शैलेंद्र सिंह
सुरक्षा की दृष्टि से हवाई अड्डे आबादी से दूर बनाए जाते हैं, लेकिन झांसी में ये आबादी के बीच लाया जा रहा है। शासन का ये फैसला स्थानीय लोगों को स्वीकार नहीं है।
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- अजय
खेती ही किसानों का रोजगार है। यदि हवाई अड्डे के लिए जमीन अधिग्रहित की जाती है, तो किसानों से रोजगार छीना जाएगा। ये निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- बृजेश
झांसी में बंजर जमीन की कमी नहीं है, बावजूद हवाई अड्डे के लिए उपजाऊ जमीन लेने की तैयारी है। जबकि, पहले से ही खेती की जमीन कम होती जा रही है।
- अरविंद
हवाई पट्टी के विस्तार के लिए केवल कृषि योग्य भूमि ही नहीं ली जाएगी, बल्कि कई आवास भी इसकी जद में आएंगे। ग्रामीणों के सिर से उनकी छत छिन जाएगी।
- राहुल
शहर से सटी कृषि भूमि पर आवासीय कॉलोनियां लगातार विकसित हो रही हैं। इससे कृषि का रकवा कम होता जा रहा है। हवाई अड्डा गैर कृषि भूमि पर बनाया जाना चाहिए।

- दीपक
कृषि उत्पादन की मांग लगातार बढ़ी है, जबकि कृषि भूमि घट रही है। इस पर अभी ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में हालात खराब होंगे। हवाई अड्डा सफा, चमरौआ में बनाना चाहिए।
- आकाश गुप्ता
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