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कृषि विश्वविद्यालय में शुरू होंगे दो नये कोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jun 2016 01:17 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी। कृषि क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थियों के लिए एक अच्छी खबर है। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में इस सत्र से दो नए कोर्स बीएससी बागवानी व वानिकी शुरू किए जा रहे हैं। दोनों कोर्सों में 20-20 सीटों पर छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिलेगा। शुक्रवार को केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की प्रबंधन बोर्ड की तीसरी बैठक में कुलपति प्रोफेसर अरविंद कुमार ने यह जानकारी दी।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में दस फरवरी 2016 को हुई द्वितीय बैठक के फैसलों की समीक्षा कर स्वीकृति दी गई। सत्र 2016-17 के बजट प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही निर्माण समिति गठित कर दी गई है, जो कि प्रस्तावित प्रशासनिक भवन, पुस्तकालय, महाविद्यालयों के शैक्षणिक भवन, अतिथि गृह, छात्रावास, सभागार व कर्मचारी आवास आदि के निर्माण कार्य व प्रस्तावों की समीक्षा करेगी। कुलपति प्रोफेसर अरविंद कुमार ने बताया कि 25 जुलाई से नया एकेडमिक सेशन शुरू होगा।
शैक्षिक वर्ष 2016-17 से कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी बागवानी व बीएससी वानिकी भी शुरू होंगे। बीएससी कृषि की 30, बीएससी बागवानी की 20 और बीएससी वानिकी की 20 सीटों पर छात्र-छात्राओं का चयन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा के जरिए किया जाएगा। इस बार विश्वविद्यालय को दो वैज्ञानिक भी मिल गए हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के विस्तार को राज्य सरकार से तीन सौ एकड़ जमीन की उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
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कुलपति ने बताया कि बोर्ड ने बुंदेलखंड के कृषि विकास हेतु बबीना ब्लाक के कंचनपुर गांव को गोद लिया है। बुंदेलखंड क्षेत्र में दलहन व तिलहन फसल के उत्पादन की संभावना को ध्यान में रखते हुए किसानों के लाभ को इसके विस्तार पर जोर दिया गया। कुलसचिव डॉ. मुकेश श्रीवास्तव ने सभी का स्वागत किया। इस दौरान राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एके सिंह, पूर्व कुलपति डॉ. सुरेश चंद्र मुदगल, उप महानिदेशक (शिक्षा) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली डॉ. नरेंद्र सिंह राठौर, पूर्व कुलपति डॉ. के आर धीमन, अधिष्ठाता डॉ. मृदुला बिल्लोर, एमपीएस यादव, गोपाल दास पालीवाल, प्रमोद कुमारी राजपूत, एन कुमार आदि मौजूद रहे।
नियुक्तियों की फाइल वित्त मंत्रालय के पास
कृषि विश्वविद्यालय में टीचिंग की 254 और नॉन टीचिंग की 234 सीटों की स्वीकृति कृषि मंत्रालय से मिल गई है। अब यह फाइल वित्त मंत्रालय के पास पहुंच गई है। यहां से हरी झंडी मिलते ही पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बैठक में नियुक्ति प्रक्रिया, गाइड लाइन आदि तय की गईं।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में दस फरवरी 2016 को हुई द्वितीय बैठक के फैसलों की समीक्षा कर स्वीकृति दी गई। सत्र 2016-17 के बजट प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही निर्माण समिति गठित कर दी गई है, जो कि प्रस्तावित प्रशासनिक भवन, पुस्तकालय, महाविद्यालयों के शैक्षणिक भवन, अतिथि गृह, छात्रावास, सभागार व कर्मचारी आवास आदि के निर्माण कार्य व प्रस्तावों की समीक्षा करेगी। कुलपति प्रोफेसर अरविंद कुमार ने बताया कि 25 जुलाई से नया एकेडमिक सेशन शुरू होगा।
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शैक्षिक वर्ष 2016-17 से कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी बागवानी व बीएससी वानिकी भी शुरू होंगे। बीएससी कृषि की 30, बीएससी बागवानी की 20 और बीएससी वानिकी की 20 सीटों पर छात्र-छात्राओं का चयन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा के जरिए किया जाएगा। इस बार विश्वविद्यालय को दो वैज्ञानिक भी मिल गए हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के विस्तार को राज्य सरकार से तीन सौ एकड़ जमीन की उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
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कुलपति ने बताया कि बोर्ड ने बुंदेलखंड के कृषि विकास हेतु बबीना ब्लाक के कंचनपुर गांव को गोद लिया है। बुंदेलखंड क्षेत्र में दलहन व तिलहन फसल के उत्पादन की संभावना को ध्यान में रखते हुए किसानों के लाभ को इसके विस्तार पर जोर दिया गया। कुलसचिव डॉ. मुकेश श्रीवास्तव ने सभी का स्वागत किया। इस दौरान राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एके सिंह, पूर्व कुलपति डॉ. सुरेश चंद्र मुदगल, उप महानिदेशक (शिक्षा) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली डॉ. नरेंद्र सिंह राठौर, पूर्व कुलपति डॉ. के आर धीमन, अधिष्ठाता डॉ. मृदुला बिल्लोर, एमपीएस यादव, गोपाल दास पालीवाल, प्रमोद कुमारी राजपूत, एन कुमार आदि मौजूद रहे।
नियुक्तियों की फाइल वित्त मंत्रालय के पास
कृषि विश्वविद्यालय में टीचिंग की 254 और नॉन टीचिंग की 234 सीटों की स्वीकृति कृषि मंत्रालय से मिल गई है। अब यह फाइल वित्त मंत्रालय के पास पहुंच गई है। यहां से हरी झंडी मिलते ही पदों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बैठक में नियुक्ति प्रक्रिया, गाइड लाइन आदि तय की गईं।