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बुंदेलखंड में सोलर एनर्जी का मॉडल बना कृषि विश्वविद्यालय
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झांसी। बुंदेलखंड में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय सोलर एनर्जी का मॉडल बन गया है। 30 फीसदी बिजली विश्वविद्यालय सौर ऊर्जा से ही इस्तेमाल कर रहा है। इससे हर महीने दो लाख रुपये तक की बचत हो रही है।
झांसी में वर्ष 2014 में कृषि विश्वविद्यालय को मंजूरी मिल गई थी। साल 2016 में पहले बैच की पढ़ाई शुरू हो गई। विवि में 2018 में सोलर पैनल लगाने का काम शुरू हो गया था। पूरे विश्वविद्यालय में बिजली का लोड 1498 किलोवाट है। विश्वविद्यालय के इंजीनियर साहिल गुप्ता के मुताबिक मौजूदा समय में यहां पर लगभग 450 किलोवाट सोलर एनर्जी से प्राप्त बिजली का उपयोग किया जा रहा है। शैक्षणिक भवन, प्रशासनिक भवन, विद्यार्थी, छात्रावास और स्टाफ आवास की बिजली का उपयोग सोलर पैनल के जरिए किया है। अक्तूबर 2020 में यहां पर 1.27 लाख यूनिट बिजली का बिल आया था। जबकि, 2021 अक्तूबर में 98 हजार यूनिट बिल आया है। ऐसे में 29 हजार यूनिट की बचत कृषि विश्वविद्यालय ने सोलर एनर्जी के जरिए की है। ऐसे में पिछले अक्तूबर की तुलना में इस साल सवा दो लाख रुपये की बचत हुई है। मई तक विश्वविद्यालय ने 70 किलोवाट सोलर पैनल और बढ़ाने की योजना बनाई है।
कृषि विश्वविद्यालय बुंदेलखंड का पहला ऐसा संस्थान है, जहां पर 30 फीसदी बिजली का उपयोग सोलर एनर्जी के जरिए किया जा रहा है। आने वाले समय में इसको और बढ़ाने की योजना है। - डॉ. अरविंद कुमार, कुलपति, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय।
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झांसी में वर्ष 2014 में कृषि विश्वविद्यालय को मंजूरी मिल गई थी। साल 2016 में पहले बैच की पढ़ाई शुरू हो गई। विवि में 2018 में सोलर पैनल लगाने का काम शुरू हो गया था। पूरे विश्वविद्यालय में बिजली का लोड 1498 किलोवाट है। विश्वविद्यालय के इंजीनियर साहिल गुप्ता के मुताबिक मौजूदा समय में यहां पर लगभग 450 किलोवाट सोलर एनर्जी से प्राप्त बिजली का उपयोग किया जा रहा है। शैक्षणिक भवन, प्रशासनिक भवन, विद्यार्थी, छात्रावास और स्टाफ आवास की बिजली का उपयोग सोलर पैनल के जरिए किया है। अक्तूबर 2020 में यहां पर 1.27 लाख यूनिट बिजली का बिल आया था। जबकि, 2021 अक्तूबर में 98 हजार यूनिट बिल आया है। ऐसे में 29 हजार यूनिट की बचत कृषि विश्वविद्यालय ने सोलर एनर्जी के जरिए की है। ऐसे में पिछले अक्तूबर की तुलना में इस साल सवा दो लाख रुपये की बचत हुई है। मई तक विश्वविद्यालय ने 70 किलोवाट सोलर पैनल और बढ़ाने की योजना बनाई है।
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कृषि विश्वविद्यालय बुंदेलखंड का पहला ऐसा संस्थान है, जहां पर 30 फीसदी बिजली का उपयोग सोलर एनर्जी के जरिए किया जा रहा है। आने वाले समय में इसको और बढ़ाने की योजना है। - डॉ. अरविंद कुमार, कुलपति, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय।
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