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डीएम के हस्तक्षेप पर दो दिन बाद हुआ होमगार्ड का पोस्टमार्टम
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झांसी। सड़क हादसे में घायल एक होमगार्ड के शव का डीएम के हस्तक्षेप पर सोमवार को पोस्टमार्टम हुआ। दो दिन पहले हुई मौत के बाद पोस्टमार्टम न होने की वजह से परिजन मेडिकल कॉलेज के चक्कर काट रहे थे। देर शाम परिजन शव लेकर घर रवाना हो गए।
थाना सीपरी बाजार के कांशीराम कॉलोनी निवासी अनंतराम वर्मा (50) होमगार्ड में तैनात थे। वर्तमान में उनकी ड्यूटी थाना सकरार में लगी थी। बीते 26 सितंबर को ओरछा तिगैला के पास सड़क हादसे में वे घायल हो गए थे। उपचार के बाद हालत में सुधार न होने के बाद परिजनों ने 4 अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है 5 अक्तूबर को उनको कोरोना की जांच करने के बाद मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया गया था। इसके बाद किसी को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया। 7 अक्तूबर को कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उनको वहीं भर्ती रखा गया। इस बीच अचानक 17 अक्तूबर की दोपहर उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने बुलाकर शव सौप दिया, लेकिन पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था। 17 अक्तूबर की दोपहर से शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया था। पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजन लगातार मेडिकल कॉलेज के चक्कर काट रहे थे, लेकिन पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। सोमवार को परिजनों ने रिश्तेदारों के साथ पहुंचकर डीएम के सामने पूरा मामला रखा। जहां डीएम के हस्तक्षेप के बाद सोमवार शाम पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी हुई।
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थाना सीपरी बाजार के कांशीराम कॉलोनी निवासी अनंतराम वर्मा (50) होमगार्ड में तैनात थे। वर्तमान में उनकी ड्यूटी थाना सकरार में लगी थी। बीते 26 सितंबर को ओरछा तिगैला के पास सड़क हादसे में वे घायल हो गए थे। उपचार के बाद हालत में सुधार न होने के बाद परिजनों ने 4 अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है 5 अक्तूबर को उनको कोरोना की जांच करने के बाद मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया गया था। इसके बाद किसी को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया। 7 अक्तूबर को कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उनको वहीं भर्ती रखा गया। इस बीच अचानक 17 अक्तूबर की दोपहर उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने बुलाकर शव सौप दिया, लेकिन पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था। 17 अक्तूबर की दोपहर से शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया था। पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजन लगातार मेडिकल कॉलेज के चक्कर काट रहे थे, लेकिन पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। सोमवार को परिजनों ने रिश्तेदारों के साथ पहुंचकर डीएम के सामने पूरा मामला रखा। जहां डीएम के हस्तक्षेप के बाद सोमवार शाम पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी हुई।
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