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कानपुर में बवाल के बाद महानगर के 43 व्हाट्सएप ग्रुप पुलिस की रडार पर
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झांसी। कानपुर में बवाल के बाद झांसी में भी पुलिस फोर्स को अलर्ट कर दिया गया है। सोशल मीडिया खास तौर से पुलिस की निगाह में हैं। तनाव फैलने के बाद से महानगर के 43 विभिन्न सक्रिय व्हाट्सएप ग्रुप खास तौर से पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस अफसरों के मुताबिक खुफिया इनपुट के आधार पर यह ग्रुप संवेदनशील हैं। इस वजह से इनकी एक-एक गतिविधियों पर निगाह रखी जा रही है। ग्रुप एडमिन को खास तौर से चेताया गया है।
चार जून को कानपुर में समुदाय विशेष के लोग बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए थे। वहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत तमाम वीवीआईपी के मौजूद होने से पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए थे। लेकिन किसी तरह पुलिस ने वहां हालात को काबू में किया। इसे देखते हुए जगह-जगह पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए गड़बड़ी करने के खुफिया इनपुट भी मिले हैं। इसको देखते हुए झांसी में भी पुलिस को पहले से ही सतर्क रहने को कहा गया है।
इस इनपुट के बाद पुलिस ने यहां भी सरगर्मी तेज कर दी है। महानगर के अंदर दोनों समुदाय के 43 सक्रिय व्हाट्सएप ग्रुप ऐसे चिंह्ति हैं जो अलग-अलग धार्मिक संगठन के लोगों ने बना रखे हैं। पुलिस अफसरों का कहना है इन व्हाट्सएप ग्रुपों के अलावा धार्मिक एवं राजनीतिक व्यक्तियों के फेसबुक एवं ट्विटर एकाउंट की भी निगरानी की जा रही है। एसएसपी शिवहरी मीना का कहना है जनपद की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।
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एंटी राइट गन और मिर्ची बम से लैस दस्ता पुलिस लाइन में तैनात
झांसी। कानपुर में बवाल के बाद आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए झांसी में चालीस पुलिसकर्मियों का विशेष दस्ता रिजर्व में रखा गया है। दस्ते के साथ एक इंस्पेक्टर समेत दो सब इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं। पुलिस अफसरों के मुताबिक दस्ते को एंटी राइट गन, टीयर गैस, टीयर ग्रेनेट, मिर्ची बम समेत दंगे अथवा बवाल से निपटने के लिए जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। फिलहाल यह दस्ता चौबीस घंटे अलर्ट रखा जा रहा है।
भ्रामक सूचना फैलाने के आरोप में सत्तारूढ़ दल पार्षद हो चुका पाबंद
झांसी। भाजपा पार्षद के एक धर्मस्थल को लेकर भ्रामक मेसेज वायरल करने के दौरान ही कानपुर में बवाल हो गया। कानपुर बवाल की चिंगारी यहां तक न पहुंचे इसके लिए पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। बिना समय गवाएं ही पुलिस ने सत्तारूढ़ दल के पार्षद को उठा लिया हालांकि कुछ घंटे बाद पार्षद के माफी मांगने पर पुलिस ने उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया।
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चार जून को कानपुर में समुदाय विशेष के लोग बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए थे। वहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत तमाम वीवीआईपी के मौजूद होने से पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए थे। लेकिन किसी तरह पुलिस ने वहां हालात को काबू में किया। इसे देखते हुए जगह-जगह पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए गड़बड़ी करने के खुफिया इनपुट भी मिले हैं। इसको देखते हुए झांसी में भी पुलिस को पहले से ही सतर्क रहने को कहा गया है।
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इस इनपुट के बाद पुलिस ने यहां भी सरगर्मी तेज कर दी है। महानगर के अंदर दोनों समुदाय के 43 सक्रिय व्हाट्सएप ग्रुप ऐसे चिंह्ति हैं जो अलग-अलग धार्मिक संगठन के लोगों ने बना रखे हैं। पुलिस अफसरों का कहना है इन व्हाट्सएप ग्रुपों के अलावा धार्मिक एवं राजनीतिक व्यक्तियों के फेसबुक एवं ट्विटर एकाउंट की भी निगरानी की जा रही है। एसएसपी शिवहरी मीना का कहना है जनपद की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।
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एंटी राइट गन और मिर्ची बम से लैस दस्ता पुलिस लाइन में तैनात
झांसी। कानपुर में बवाल के बाद आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए झांसी में चालीस पुलिसकर्मियों का विशेष दस्ता रिजर्व में रखा गया है। दस्ते के साथ एक इंस्पेक्टर समेत दो सब इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं। पुलिस अफसरों के मुताबिक दस्ते को एंटी राइट गन, टीयर गैस, टीयर ग्रेनेट, मिर्ची बम समेत दंगे अथवा बवाल से निपटने के लिए जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। फिलहाल यह दस्ता चौबीस घंटे अलर्ट रखा जा रहा है।
भ्रामक सूचना फैलाने के आरोप में सत्तारूढ़ दल पार्षद हो चुका पाबंद
झांसी। भाजपा पार्षद के एक धर्मस्थल को लेकर भ्रामक मेसेज वायरल करने के दौरान ही कानपुर में बवाल हो गया। कानपुर बवाल की चिंगारी यहां तक न पहुंचे इसके लिए पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। बिना समय गवाएं ही पुलिस ने सत्तारूढ़ दल के पार्षद को उठा लिया हालांकि कुछ घंटे बाद पार्षद के माफी मांगने पर पुलिस ने उसे निजी मुचलके पर छोड़ दिया।