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पांच साल बाद गायनी, ईएनटी की बढ़ी एमडी सीटों को मिलेगी मान्यता
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के गायनी और ईएनटी विभाग में पांच साल बाद एमडी की बढ़ी सीटों को मान्यता मिल सकती है। बृहस्पतिवार को नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) की टीम ने विभागों का निरीक्षण कर मानकों को परखा। छोटी-मोटी कमियां मिलने पर इन्हें दूर करने के लिए कहा है।
वर्ष 2017 तक मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में आठ और ईएनटी में एमडी की चार सीटें थीं। उसी साल दोनों ही विभागों में एक-एक एमडी की सीटें बढ़ा दी गई थीं। हालांकि, इन्हें मान्यता नहीं मिल पाई थी। 2020 में एनएमसी की टीम ने ऑनलाइन सत्यापन जरूर किया था। मगर कोरोना काल के चलते मान्यता नहीं मिल पाई। बृहस्पतिवार को दोनों ही विभागों का एक साथ एनएमसी की टीमों ने निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी, वार्ड, ओटी आदि का जायजा लिया। बताया गया कि गायनी विभाग में वार्ड में मरीजों की संख्या कम मिली। जबकि, ईएनटी में छोटे उपकरणों की कमी सामने आई। जिसमें जल्द ही सुधार करने की बात कॉलेज के अधिकारियों द्वारा कही गई। अब टीम अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। हालांकि, चिकित्सकों की संख्या पर्याप्त होने की वजह से दोनों ही विभागों की सीटों की मान्यता मिलने की संभावना जताई जा रही है। निरीक्षण के दौरान उप प्राचार्य डॉ. अंशुल जैन, गायनी की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. संजया शर्मा, सीएमएस डॉ. सचिन माहुर, डॉ. हेमा जे शोभने, ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील कश्यप आदि मौजूद रहे।
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वर्ष 2017 तक मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में आठ और ईएनटी में एमडी की चार सीटें थीं। उसी साल दोनों ही विभागों में एक-एक एमडी की सीटें बढ़ा दी गई थीं। हालांकि, इन्हें मान्यता नहीं मिल पाई थी। 2020 में एनएमसी की टीम ने ऑनलाइन सत्यापन जरूर किया था। मगर कोरोना काल के चलते मान्यता नहीं मिल पाई। बृहस्पतिवार को दोनों ही विभागों का एक साथ एनएमसी की टीमों ने निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी, वार्ड, ओटी आदि का जायजा लिया। बताया गया कि गायनी विभाग में वार्ड में मरीजों की संख्या कम मिली। जबकि, ईएनटी में छोटे उपकरणों की कमी सामने आई। जिसमें जल्द ही सुधार करने की बात कॉलेज के अधिकारियों द्वारा कही गई। अब टीम अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। हालांकि, चिकित्सकों की संख्या पर्याप्त होने की वजह से दोनों ही विभागों की सीटों की मान्यता मिलने की संभावना जताई जा रही है। निरीक्षण के दौरान उप प्राचार्य डॉ. अंशुल जैन, गायनी की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. संजया शर्मा, सीएमएस डॉ. सचिन माहुर, डॉ. हेमा जे शोभने, ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील कश्यप आदि मौजूद रहे।
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