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Jhansi News: अभिनेत्री राखी सावंत को मिली बड़ी राहत, जारी गैर जमानती वारंट हुआ निरस्त
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राखी सावंत
- फोटो : internet media
झांसी। अभिनेत्री राखी सावंत को झांसी की अदालत से बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के पहले से प्रभावी स्थगन आदेश की वजह से एफटीसी कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट बृहस्पतिवार को निरस्त कर दिया। राखी की ओर से अधिवक्ता आशू सिंह और कृष्णा यादव ने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति पेश करके पूर्व में जारी वारंट वापस लेने की मांग की। अदालत ने स्थगन आदेश देखने के बाद वारंट निरस्त कर दिया।
सिविल जज (एफटीसी) की अदालत ने 16 अक्तूबर को राखी सावंत के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। यह मामला वर्ष 2010 में प्रसारित टीवी कार्यक्रम ‘राखी का इन्साफ’ से जुड़ा है। हंसारी निवासी सावित्री देवी की शिकायत पर राखी सावंत और कार्यक्रम से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ प्रेमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कार्यक्रम के दौरान उनके बेटे लक्ष्मण अहिरवार को अपमानित किया गया था। बाद में लक्ष्मण की मौत हो गई थी। उसकी मां ने लक्ष्मण की मौत के लिए राखी की ओर से कहे गए अपमानजनक शब्द को जिम्मेदार ठहराया था।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद राखी सावंत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करते हुए याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 7 दिसंबर, 2011 को स्थगन आदेश पारित कर दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। उधर, एफटीसी कोर्ट ने इसी मामले में राखी के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी कर दिया था। राखी ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से बृहस्पतिवार को कोर्ट में हाईकोर्ट का स्टे आर्डर पेश किया। अधिवक्ता आशू सिंह के मुताबिक, इस मामले में अगली तारीख एक दिसंबर भी अब प्रभावी नहीं रही। हाईकोर्ट का स्थगन आदेश समाप्त होने के बाद ही मामले में आगे की अदालती कार्यवाही का रास्ता साफ हो सकेगा।
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सिविल जज (एफटीसी) की अदालत ने 16 अक्तूबर को राखी सावंत के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। यह मामला वर्ष 2010 में प्रसारित टीवी कार्यक्रम ‘राखी का इन्साफ’ से जुड़ा है। हंसारी निवासी सावित्री देवी की शिकायत पर राखी सावंत और कार्यक्रम से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ प्रेमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कार्यक्रम के दौरान उनके बेटे लक्ष्मण अहिरवार को अपमानित किया गया था। बाद में लक्ष्मण की मौत हो गई थी। उसकी मां ने लक्ष्मण की मौत के लिए राखी की ओर से कहे गए अपमानजनक शब्द को जिम्मेदार ठहराया था।
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प्राथमिकी दर्ज होने के बाद राखी सावंत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करते हुए याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 7 दिसंबर, 2011 को स्थगन आदेश पारित कर दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। उधर, एफटीसी कोर्ट ने इसी मामले में राखी के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी कर दिया था। राखी ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से बृहस्पतिवार को कोर्ट में हाईकोर्ट का स्टे आर्डर पेश किया। अधिवक्ता आशू सिंह के मुताबिक, इस मामले में अगली तारीख एक दिसंबर भी अब प्रभावी नहीं रही। हाईकोर्ट का स्थगन आदेश समाप्त होने के बाद ही मामले में आगे की अदालती कार्यवाही का रास्ता साफ हो सकेगा।
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