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दो आरोपियों के परिजन पहुंचे थाने, बोले, फर्जी फंसाया
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झांसी। घटना में शामिल आरोपी विपिन तिवारी व शैलेंद्र नाथ पाठक के परिजन ही थाने पहुंचे। दोनों परिवार के लोगों ने उनको बेटों को झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। आरोपी विपिन तिवारी के परिजनों ने बताया कि वह लोग कानपुर में रहते हैं। उनका पुत्र विपिन पॉलीटेक्निक में द्वितीय वर्ष का छात्र है। 3 अक्तूबर को विपिन अपना सामान शिफ्ट करने कॉलेज आया था। कल शाम 6.30 बजे उसने घबराकर मां को फोन कर बताया कि उसे फर्जी फंसा दिया गया है। यह सुनकर परिजन घबराकर झांसी पहुंचे, जहां उनको मामले की जानकारी हुई। उनका कहना था कि उनके पुत्र को फर्जी फंसा दिया गया है।
इधर, आरोपी शैलेंद्र नाथ पाठक के भाई आशुतोष का आरोप है कि उसका भाई बेकसूर है। अन्य आरोपियों के चलते उसके भाई को पुलिस ने जबरन फंसा दिया है। साथ ही भाई से भी मिलने नहीं दिया जा रहा है।
छह आरोपी देखते रहे परिजनों की राह
आरोपी विपिन व शैलेंद्र के अलावा अन्य आरोपियों के परिजन थाने नहीं पहुंचे। छह आरोपी अपने-अपने परिजनों की राह देखते रहे। कुछ आरोपी पुलिसकर्मियोें से फोन पर बात करवाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी फरियाद किसी ने नहीं सुनी।
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आरोपी रहे पुलिस की निगाह में
घटना के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों को थाने लाने के बाद उन पर पुलिस की पैनी निगाह रही। खाने पीने से लेकर पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच शौचालय भेजा जाता रहा। किसी अनहोनी को देखते हुए पुलिस सतर्क रही। मिलने जुलने वालों पर भी पाबंदी रही।
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इधर, आरोपी शैलेंद्र नाथ पाठक के भाई आशुतोष का आरोप है कि उसका भाई बेकसूर है। अन्य आरोपियों के चलते उसके भाई को पुलिस ने जबरन फंसा दिया है। साथ ही भाई से भी मिलने नहीं दिया जा रहा है।
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छह आरोपी देखते रहे परिजनों की राह
आरोपी विपिन व शैलेंद्र के अलावा अन्य आरोपियों के परिजन थाने नहीं पहुंचे। छह आरोपी अपने-अपने परिजनों की राह देखते रहे। कुछ आरोपी पुलिसकर्मियोें से फोन पर बात करवाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी फरियाद किसी ने नहीं सुनी।
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आरोपी रहे पुलिस की निगाह में
घटना के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपियों को थाने लाने के बाद उन पर पुलिस की पैनी निगाह रही। खाने पीने से लेकर पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच शौचालय भेजा जाता रहा। किसी अनहोनी को देखते हुए पुलिस सतर्क रही। मिलने जुलने वालों पर भी पाबंदी रही।