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झांसी: डंपर-बस टकराईं, किशोरी की मौत, एक घायल
Thu, 18 Jul 2019 03:29 AM IST
झांसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2019 03:29 AM IST
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- फोटो : Amar Ujala
बरुआसागर मार्ग पर बुधवार की रात छतरपुर से नई दिल्ली जा रही एक प्राइवेट बस नोटघाट पुल और लक्ष्मणपुरा के बीच डंपर से टकराकर रगड़ती चली गई। इससे बस में एक तरफ बैठी 12 से अधिक सवारियां घायल हो गईं। इनमें एक किशोरी को मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित कर दिया गया। जबकि, एक गंभीर घायल यात्री को ग्वालियर के लिए रेफर कर दिया गया। बस में अधिकांश सवारियां छतरपुर और नौगांव क्षेत्र की सवार थीं, जो दिल्ली के लिए सफर कर रही थीं।
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बुधवार को एक प्राइवेट बस छतरपुर से काले खां नई दिल्ली जा रही थी। बस सवारियों से ठसाठस भरी थी। रात करीब साढ़े आठ बजे बस बरुआसागर से झांसी की तरफ बढ़ रही थी। बारिश हो रही थी। नोटघाट पुल और लक्ष्मणपुरा के बीच एक लकड़ी सड़क पर पड़ी थी।
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बस चालक ने लकड़ी के किनारे से निकलने की कोशिश की, तभी विपरीत दिशा से आ रहे डंफर से बस का एक तरफ का हिस्सा रगड़ता चला गया। बस की खिड़कियों के कांच टूटकर कई सवारियों को जाकर लगे। साथ ही चालक के यकायक ब्रेक लगाने से सवारियां एक दूसरे पर गिरकर घायल हो गई। इससे सवारियों में चीख पुकार मच गई। अंधेरे में सवारियां भयभीत होकर बस से उतरकर इधर- उधर भागने लगीं।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल सवारियों को बस से निकालने के बाद उनको मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने नौगांव के आमखेरा ईशानगर निवासी परमलाल की बेटी भारती (14) को मृत घोषित कर दिया। परमलाल बेटी, पत्नी कुसुम, पुत्र लखन व बहू प्रियंका के साथ दिल्ली मजदूरी करने जा रहे थे।
इसी तरह छतरपुर के सिलावर निवासी राकेश अहिरवार, नौगांव के मऊसानिया निवासी मुन्नी और उनकी बेटी गुड़िया, छतरपुर के चंदला थाना क्षेत्र के छतपुरा निवासी महेश घायल हो गए। यह सभी घायल अपने परिवार के साथ दिल्ली मजदूरी करने जा रहे थे। मेडिकल कॉलेज में घायलों के परिजनों का बुरा हाल रहा। वे उनके उपचार के लिए परेशान होते रहे।
मजदूरी के लिए जा रही थीं अधिकांश सवारियां
प्राइवेट बस में अधिकांश सवारियां छतरपुर और नौगांव क्षेत्र से जुड़े गांवों की सवार थीं, जो रोजी रोटी की तलाश में दिल्ली जा रही थीं। इनमें परमलाल का भी परिवार शामिल था, जो कभी सपने में भी नहीं सोच सकते थे कि उनकी बेटी के लिए यह अंतिम सफर बन जाएगा।