झांसी। ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को कोरोना का खतरा न रहे, इसके लिए रेलवे अब अहम बदलाव करने पर विचार कर रहा है। मुसाफिरों की प्लेटफार्म पर जाने से पहले मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग होगी। कोच में प्लास्टिक पर्दे लगेंगे। कंबल की जगह खादी की मोटी चादर मिलेगी, ताकि उसे हर फेरे के बाद धोया जा सके।
लॉकडाउन के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू करना रेलवे के लिए एक चुनौती होगा। इसलिए रेलवे यात्री सुविधाओं में कई अहम बदलाव करने पर विचार कर रहा है, ताकि कोरोना का खतरा न रहे। रेलवे प्लेटफार्म पर कोशिश की जाएगी कि यात्रियों के अलावा कोई दूसरे लोग मौजूद न रहें। यात्रियों की प्लेटफार्म पर प्रवेश के पहले मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। लॉकडाउन के पहले ही एसी कोचों से पर्दे हटा दिए गए थे। अब उनकी जगह प्लास्टिक के पर्दे लगाने पर विचार चल रहा है। अभी एसी कोचों में जो कंबल दिए जाते हैं, वे 15 से 20 दिन में एक बार धुल पाते हैं। उनकी जगह खादी के मोटे चादर यात्रियों को दिए जाएंगे, ताकि उनको हर फेरे पर आसानी से धोया जा सके। वेटिंग टिकट के यात्रियों को आरक्षित कोचों में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। यात्रियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा। शौचालय में सेनिटाइजर रखा जाएगा। यात्रियों को मास्क पहनकर चलना होगा। जनरल कोचों में भी भीड़ नहीं बढ़ने दी जाएगी। ट्रेन के आखिरी स्टेशन पर पहुंचने के बाद पूरी गाड़ी सेनिटाइज की जाएगी।