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आयुर्वेदिक अनुसंधान संस्थान में शुरू होगी ओपीडी
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केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान के नव निर्मित भवन का लोकार्पण करते आयुष मंत्री श्रीपद येसो न
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झांसी। केंद्रीय आयुर्वेदिक अनुसंधान संस्थान में ओपीडी शुरू होने की संभावना है। सदर विधायक रवि शर्मा की मांग पर आयुष राज्यमंत्री श्रीपद नाईक ने ओपीडी खोलने के लिए सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेस के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। ओपीडी खुलने के बाद यहां के मरीजों को काफी लाभ होगा।
आयुर्वेदिक अनुसंधान संस्थान में लगभग 15 साल पहले भी ओपीडी का संचालन होता था। तब यहां पर काफी मरीज आते थे मगर किन्हीं कारणों से यहां ओपीडी बंद हो गई। बृहस्पतिवार को आयुर्वेद फार्मेसी एवं औषधि परीक्षण लैब और राष्ट्रीय औषध मानक संग्रहालय के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण करने आए आयुष राज्यमंत्री से विधायक रवि शर्मा ने मांग की कि संस्थान में फिर से ओपीडी का संचालन शुरू किया जाए। इस पर मंत्री ने ओपीडी का संचालन शुरू करने का न सिर्फ आश्वासन दिया, बल्कि सीसीआरएएस के डीजी को भी इस दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए। वहीं, कार्यक्रम में सीसीआरएएस के डीजी प्रो. वैद्य केएस धीमान ने कहा कि फार्मेसी और क्वालिटी कंट्रोल लैब के लोकार्पण के बाद अब क्षेत्रीय औषधियों को नया आयाम मिलेगा। एनएमपीबी के सीईओ डॉ. जेएलएन शास्त्री पिछले बीस सालों से संस्थान रॉ ड्रग के स्टैंडर्ड पर काम कर रहा है।
अब राष्ट्रीय स्तर का औषधि संग्रह गृह होने की वजह से जड़ी-बूटियों को वैश्विक पहचान मिल सकेगी। सदर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि पिछले बीस सालों से देश आयुर्वेद से एलोपैथिक चिकित्सा पर केंद्रित हो गया। पहले वैद्य आयुर्वेद से असाध्य रोगों तक का उपचार करते थे। मगर अब फिर से आयुर्वेद का विस्तार होगा। केंद्र सरकार भी आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। इसका लाभ आमजन को होगा। आयुष मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पीके पाठक ने कहा कि कोविड में आयुष काढ़ा काफी उपयोगी साबित हुआ है। दिल्ली पुलिस के एक लाख सिपाहियों को आयुष रक्षा किट दी गई, जिस कारण न सिर्फ कोरोना के केस घटे, बल्कि मौतों का ग्राफ भी कम हुआ। अंत में संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. जी बाबू ने आभार जताया। इस दौरान आनंद शर्मा, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज प्राचार्य डॉ. केएन यादव, डॉ. गजानन पवार, डॉ. जगदीश आर्या, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. नीलम शर्मा, डॉ. चंद्रशेखर जगताप, डॉ. वैभव आदि मौजूद रहे।
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वेब पोर्टल का शुभारंभ, पुस्तकों का हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दौरान आयुष राज्यमंत्री समेत पदाधिकारियों ने एसएएस पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर का आंकलन कर स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जा सकता है। इसके अलावा तीन पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।
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आयुर्वेदिक अनुसंधान संस्थान में लगभग 15 साल पहले भी ओपीडी का संचालन होता था। तब यहां पर काफी मरीज आते थे मगर किन्हीं कारणों से यहां ओपीडी बंद हो गई। बृहस्पतिवार को आयुर्वेद फार्मेसी एवं औषधि परीक्षण लैब और राष्ट्रीय औषध मानक संग्रहालय के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण करने आए आयुष राज्यमंत्री से विधायक रवि शर्मा ने मांग की कि संस्थान में फिर से ओपीडी का संचालन शुरू किया जाए। इस पर मंत्री ने ओपीडी का संचालन शुरू करने का न सिर्फ आश्वासन दिया, बल्कि सीसीआरएएस के डीजी को भी इस दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए। वहीं, कार्यक्रम में सीसीआरएएस के डीजी प्रो. वैद्य केएस धीमान ने कहा कि फार्मेसी और क्वालिटी कंट्रोल लैब के लोकार्पण के बाद अब क्षेत्रीय औषधियों को नया आयाम मिलेगा। एनएमपीबी के सीईओ डॉ. जेएलएन शास्त्री पिछले बीस सालों से संस्थान रॉ ड्रग के स्टैंडर्ड पर काम कर रहा है।
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अब राष्ट्रीय स्तर का औषधि संग्रह गृह होने की वजह से जड़ी-बूटियों को वैश्विक पहचान मिल सकेगी। सदर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि पिछले बीस सालों से देश आयुर्वेद से एलोपैथिक चिकित्सा पर केंद्रित हो गया। पहले वैद्य आयुर्वेद से असाध्य रोगों तक का उपचार करते थे। मगर अब फिर से आयुर्वेद का विस्तार होगा। केंद्र सरकार भी आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। इसका लाभ आमजन को होगा। आयुष मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पीके पाठक ने कहा कि कोविड में आयुष काढ़ा काफी उपयोगी साबित हुआ है। दिल्ली पुलिस के एक लाख सिपाहियों को आयुष रक्षा किट दी गई, जिस कारण न सिर्फ कोरोना के केस घटे, बल्कि मौतों का ग्राफ भी कम हुआ। अंत में संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. जी बाबू ने आभार जताया। इस दौरान आनंद शर्मा, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज प्राचार्य डॉ. केएन यादव, डॉ. गजानन पवार, डॉ. जगदीश आर्या, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. नीलम शर्मा, डॉ. चंद्रशेखर जगताप, डॉ. वैभव आदि मौजूद रहे।
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वेब पोर्टल का शुभारंभ, पुस्तकों का हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दौरान आयुष राज्यमंत्री समेत पदाधिकारियों ने एसएएस पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर का आंकलन कर स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया जा सकता है। इसके अलावा तीन पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।