गंगा की तर्ज पर बेतवा नदी की भी शुरू हुई आरती
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भोपाल से शुरू होकर 580 किलोमीटर का सफर तय करते हुए हमीरपुर में यमुना नदी में विलीन होने वाली बेतवा नदी को बुंदेलखंड की गंगा कहा जाता है। क्षेत्र की सिंचाई एवं पीने के पानी की अधिकांश जरूरत ये नदी पूरी करती है। अब इस नदी को गंगा की तरह ही सम्मान भी दिया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के संस्कृति विभाग की पहल पर बुधवार से ओरछा में बेतवा नदी की आरती शुरू हुई। पहले दिन मंशापूर्ण घाट पर आरती हुई। पर्यटन विभाग ने बताया कि मां बेतवा की आरती रोज शाम 5.30 बजे की जाएगी। जिसमें प्रशासन और आमजन का सहयोग रहेगा। भविष्य में आरती कार्यक्रम को और भव्य रूप दिया जाएगा।
धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है ओरछा
ओरछा मध्य प्रदेश के नवगठित जिले निवाड़ी का हिस्सा है। ये झांसी से महज 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर है। माना जाता है कि भगवान श्रीराम रात में अयोध्या में रहते हैं, जबकि दिन में उनका वास ओरछा में होता है। यही वजह है कि यहां साल भर भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन लगा रहता है।
वहीं, पर्यटन की दृष्टि से भी ओरछा महत्वपूर्ण स्थान है। यहां की ऐतिहासिक इमारतें और कुदरती नजारे पर्यटकों को खूब आकर्षित करती हैं। वैसे तो पूरे साल यहां विदेश पर्यटकों की आना लगा रहता है, लेकिन अक्तूबर से फरवरी तक विदेशी पर्यटकों की भरमार रहती है।
राम हैं राजा, मिलता है गार्ड ऑफ ऑनर
ओरछा का राजा राम को माना जाता है। यही वजह है कि यहां विराजे राम को ‘राम राजा सरकार’ कहा जाता है। यहां किसी भी वीआईपी या वीवीआईपी को गार्ड ऑफ ऑनर नहीं दिया जाता, चाहे वो प्रधानमंत्री हों या राष्ट्रपति। रोजाना प्रशासन की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर भगवान श्रीराम को दिया जाता है।