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विकास योजनाओं के साथ आपदा का भी ध्यान रखें
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विकास भवन में आयोजित आपदा प्रबंधन कार्यशाला में मौजूद अधिकारी।
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झांसी। आपदा के दौरान उससे निपटने के तौर-तरीकों को बताने के लिए विकास भवन में कार्यशाला हुई। प्रशिक्षकों ने उचित प्रबंधन पर जोर दिया।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं टाइम्स के साझा बैनर तले हुई कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी शैलेष कुमार ने किया। उन्होंने विकास योजनाओं के संग आपदा को भी ध्यान में रखने की जरूरत बताई और हर गांव में आपदा से निपटने को खास यूनिट स्थापित करने पर जोर दिया। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी ने पुलिस की भूमिका का उल्लेख करते हुए आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने को जरूरी बताया। कहा कि पुलिस आपदा के समय प्रथम प्रतिक्रिया बल की भूमिका में रहती है। प्रशिक्षण मिलने पर पुलिस इस भूमिका को बेहतर तरीके से निभा सकेगी।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान आपदा विशेषज्ञ मासूम सिद्दीकी, ज़ियाउलहक एवं रमेश रंजन ने आपदा से निपटने के तरीके बताए। बताया कि जिला एवं ग्राम पंचायत स्तर के प्रशिक्षण में दो हजार से अधिक राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। सूबे के 19 आपदा प्रभावित जिलों के 950 गांवों के 50 हजार से अधिक ग्रामीण भी प्रशिक्षित किए जाएंगे। दो माह में यह ट्रेनिंग पूरी होगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रभारी उप कृषि निदेशक केके सिंह, अधिशासी अभियंता बेतवा उमेश कुमार, संयोजक टाइम्स के कृष्णा तिवारी, सुरेंद्र यादव, ऋषिकांत वर्मा, मोहिनी वर्मा समेत तमाम विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में एडीएम वित्त रामअक्षयवर चौहान ने आभार व्यक्त किया।
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जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं टाइम्स के साझा बैनर तले हुई कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी शैलेष कुमार ने किया। उन्होंने विकास योजनाओं के संग आपदा को भी ध्यान में रखने की जरूरत बताई और हर गांव में आपदा से निपटने को खास यूनिट स्थापित करने पर जोर दिया। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी ने पुलिस की भूमिका का उल्लेख करते हुए आपदा से निपटने के लिए तैयार रहने को जरूरी बताया। कहा कि पुलिस आपदा के समय प्रथम प्रतिक्रिया बल की भूमिका में रहती है। प्रशिक्षण मिलने पर पुलिस इस भूमिका को बेहतर तरीके से निभा सकेगी।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान आपदा विशेषज्ञ मासूम सिद्दीकी, ज़ियाउलहक एवं रमेश रंजन ने आपदा से निपटने के तरीके बताए। बताया कि जिला एवं ग्राम पंचायत स्तर के प्रशिक्षण में दो हजार से अधिक राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। सूबे के 19 आपदा प्रभावित जिलों के 950 गांवों के 50 हजार से अधिक ग्रामीण भी प्रशिक्षित किए जाएंगे। दो माह में यह ट्रेनिंग पूरी होगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रभारी उप कृषि निदेशक केके सिंह, अधिशासी अभियंता बेतवा उमेश कुमार, संयोजक टाइम्स के कृष्णा तिवारी, सुरेंद्र यादव, ऋषिकांत वर्मा, मोहिनी वर्मा समेत तमाम विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में एडीएम वित्त रामअक्षयवर चौहान ने आभार व्यक्त किया।
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