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आठ सौ लोगों के पीछे एक पुलिसवाला, कैसे थमे अपराध

Thu, 04 Nov 2021 12:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 04 Nov 2021 12:51 AM IST
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A soldier's responsibility is 1000 people's security, how stopped
झांसी। आबादी का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है लेकिन, उसके मुकाबले पुलिस बल की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा। आंकड़ों के लिहाज से जनपद के भीतर 800 लोगों के पीछे महज एक पुलिसकर्मी ही तैनात है। अगर वीआईपी ड्यूटी समेत दूसरी रूटीन ड्यूटी में तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या निकाल दी जाए तब करीब एक हजार लोगों की सुरक्षा का जिम्मा सिर्फ एक पुलिसकर्मियों के कंधे पर दिखाई पड़ता है।
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वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक जनपद की कुल आबादी 19,98,603 दर्ज की गई थी। पिछले दस वर्ष के दौरान यह बढ़कर करीब 23,15,581 हो चुकी है। जनपद में पुरुषों की संख्या 10,57,436 जबकि महिलाओं की संख्या 9,41,167 है। आबादी में इजाफा हो चुका लेकिन, इनकी सुरक्षा में तैनात पुलिस बल की संख्या में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई। यह संख्या जस की तस है।
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आबादी के मुताबिक थाने न होने से अभी भी एक थाने की सीमा कई किलोमीटर तक फैली हुई है। इसके चलते अकसर पुलिस घटना स्थल पर घंटों बाद ही पहुंच पाती है। शासन ने इस समस्या को दूर करने के लिए कई बार कमेटियां बनाई लेकिन हल नहीं निकला। पुरानी आबादी के आधार पर बने थाने ही अभी काम कर रहे हैं। शहर के ही दो प्रमुख थाने सीपरी बाजार एवं प्रेमनगर की सीमाएं कई किलोमीटर दूर तक फैली हुई है। प्रेमनगर थाने के अंतर्गत बिजौली, राजगढ़ जैसे इलाके आते हैं। यहां वारदात होने पर थानेदार को पहुंचने में करीब सवा घंटे का वक्त लगता है। सामान्य तौर पर ग्रामीण इलाकों में 50 हजार एवं शहरी इलाकों में 75 हजार की आबादी के आधार पर थाने बनाए जाने चाहिए। इस लिहाज से यहां थानों की संख्या करीब 40-44 के बीच होनी चाहिए लेकिन, यहां इतनी बड़ी आबादी के लिए अभी भी 25 थानों के अलावा एक महिला थाना, समेत करीब सौ चौकियां ही काम कर रही हैं। दस वर्ष पहले यहां पुलिस फोर्स की तैनाती करीब 2100-2400 के बीच रहती थी। आज भी फोर्स की संख्या 2500 से अधिक नहीं हुई है। इनमें भी करीब 250 पुलिसकर्मी वीआईपी ड्यूटी के अलावा कैदियों को जेल ले जाने समेत अन्य कामों में लगे रहते हैं। अगर इस संख्या को बाहर कर दिया जाए तब एक पुलिसकर्मी को करीब 1000 लोगों की सुरक्षा का भार उठाना पड़ रहा है। वहीं, एसएसपी शिवहरि मीना का कहना है कि इस बारे में शासन को फैसला करना होता है। उपलब्ध पुलिस बल का बेहतरीन इस्तेमाल होता है।
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एक निगाह में आकड़े
क्षेत्रफल 5024
ग्राम पंचायतें- 496
तहसील- 5
ब्लॉक- 8
पुलिस थाना- 25
महिला थाना-1
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