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शराब छुड़ाने के लिए दी गई दवा के खाने से युवक की मौत

Wed, 20 Jan 2021 12:17 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2021 12:17 AM IST
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A people dead for eat drink medicine
झांसी। सोमवार की सुबह प्रेमनगर थाना क्षेत्र के हंसारी में शराब छुड़ाने के लिए दी गई दवा के खाने से एक युवक की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार हो गया।
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हंसारी निवासी सुनील अहिरवार शराब पीने का आदी था। उसकी आदत से परिजन परेशान थे। पुलिस का कहना है कि शनिवार को भिंड निवासी दो लोग हंसारी से निकले। दोनों दावा कर रहे थे कि वे दो खुराक में शराब छुड़ा सकते हैं। यह सुनकर सुनील के परिवार के सदस्यों ने उन्हें घर बुलाया। दोनों ने सुुनील को खाने के लिए दो खुराकें दीं। उनके बताए अनुसार परिवार के लोगों ने सुनील को एक खुराक रविवार की रात खिला दी, जबकि दूसरी सोमवार सुबह खाली पेट खिलाई। खाली पेट दवा खाने के बाद सुनील की हालत बिगड़ गई। यह देख परिजन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां सुनील की मौत हो गई। घटना की सूचना पर प्रेमनगर पुलिस ने हंसारी डिपो प्रतीक्षालय के पास से दवा देने वाले एक युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम भिंड के गोहद निवासी कालू कुबेर बताया। उसका दूसरा साथी आकाश फरार हो गया। प्रेमनगर इंस्पेक्टर के अनुसार दोनों लोग झाड़फूंक करते हैं। रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कालू को जेल भेज दिया गया।
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बिखर गया परिवार
जादू-टोना वालों के फेर में फंसकर सुनील को अपनी जान गंवानी पड़ गई जबकि उसका पूरा परिवार बिखर गया। परिवार में पत्नी हेमलता के अलावा पुत्री निकिता (12), कुणाल (10) एवं अभय (8) हैं। सुनील की कमाई पर ही पूरा परिवार आश्रित था। किसी तरह घर का खर्च चलता था लेकिन, सुनील की मौत के बाद परिवार के ऊपर जीवनयापन का संकट आ गया। सुनील की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
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बेहद खतरनाक है इस्तेमाल होने वाली दवा
शराब छुड़ाने के लिए अकसर जिस दवा का इस्तेमाल होता है, उसे चिकित्सक बेहद खतरनाक बताते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इसका असावधानीपूर्वक इस्तेमाल अकसर जानलेवा हो जाता है। उनका कहना है मनोचिकित्सकों के अलावा शराब छुड़वाने के धंधे में शामिल जालसाज भी इसका इस्तेमाल करते हैं लेकिन, उनको इसके इस्तेमाल का तरीका नहीं पता होता। इसका खामियाजा दवाई खाने वाले को भुगतना पड़ता है। मनोचिकित्सक डॉ. अर्जित गौरव के मुताबिक जालसाज शराब पीने वाले के परिजनों को विश्वास में लेकर यह दवाई खिलाते हैं। परिजन भी नशा करने वालों को न बताकर चुपचाप उसे खाने में मिलाकर दवा खिला देते हैं। दवाई खाने के बाद अगर शराब पीने पर यह घातक असर दिखना शुरू करती है। बेचैनी के साथ ही दिल की धड़कन काफी तेज हो जाती है। अगर मरीज की निगरानी सही से नहीं हुई तब वह अपनी चेतना खो बैठता है। डॉक्टरों को भी इसका पता नहीं चलता। डॉ. गौरव का कहना है इस दवा का इस्तेमाल बेहद सावधानी से ही होना चाहिए।

गली-गली में घूम रहे ऐसे जालसाज
शराब के नशे की आदत को सिर्फ दो दिन में छूमंतर करने का दावा करने वाले अपने शिकार की तलाश में गली-गली घूमते रहते हैं। अकसर इनके चुंगल में निम्न मध्यम वर्ग अथवा मध्यम वर्ग के लोग असानी से फंस जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है जालसाज जादू-टोना के बहाने दवाई खिलाते हैं लेकिन, उसका अनुपात पता न होने से अक्सर वह घातक हो जाती है। गलत तरीके से दवाई खाने से मरीज को नुकसान तक उठाना पड़ता है। दवाई खाने के बाद सुनील की हालत भी इसी वजह से बिगड़ी। विशेषज्ञों का कहना है बिना चिकित्सकों की सलाह लिए कभी भी इस तरह की दवा नहीं खानी चाहिए।
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