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झांसी के अंबाबाय और पारीछा में बनेगा नया इंडस्ट्रियल जोन
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झांसी। जनपद में कल-कारखानों को बढ़ावा देने के लिए अंबाबाय और पारीछा में नया इंडस्ट्रियल जोन बनेगा। अभी तक जनपद में इसका रकबा 730 हेक्टेयर था, जिसे नई महायोजना-2031 में इसे बढ़ाकर 1700 हेक्टेयर करने का प्रस्ताव है। इसकी मदद से इन इलाकों में नए कारखानों के खुलने का रास्ता साफ होगा।
अभी तक बिजौली इलाके को ही औद्योगिक इकाई के लिए सुरक्षित रखा गया था। पिछले तीस वर्ष के दौरान यहां तमाम औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो चुकीं। अब नई इकाइयों के लिए यहां कोई जगह नहीं बची जबकि सरकार का मध्यम एवं लघु उद्योग की इकाइयों को स्थापित करने की ओर खास जोर है। इनके लिए जमीन की आवश्यकता है। इसे देखते हुए नए स्थान चिन्हित करने की कवायद शुरू हुई। प्रस्तावित नई महायोजना-2031 में दो स्थानों को नए इंडस्ट्रियल एरिया के तौर पर विकसित किया जाएगा। नियोजन विभाग अफसरों का कहना है औद्योगिक विकास के लिहाज से अंबाबाय एवं पारीछा को उपयुक्त पाया गया। यह दोनों इलाके आवागमन के साधनों से जुड़े हैं। यहां बिना अतिरिक्त संसाधन लगाए नया जोन तैयार किया जा सकता है। मंजूरी मिलने पर अंबाबाय समेत पारीछा में डायमंड सीमेंट के बीच का इलाका नए जोन के तौर पर इस्तेमाल हो सकेगा। इससे यहां विभिन्न कल-कारखानों को स्थापित करने में मदद मिलेगी। सहयुक्त नियोजक एनके पुष्पकर्णा के मुताबिक आने वाले समय को देखते हुए यह प्रावधान किया गया है। इससे यहां औद्योगिक गतिविधियों को बढ़वा मिलने में मदद मिलेगी।
लैंड यूज बदलने की नहीं होगी आवश्यकता
इन दोनों जगहों पर कुल करीब 1750 हेक्टेयर जमीन को इंडस्ट्रियल एरिया के तौर पर चिन्हित करने के बाद यहां लैंड यूज नहीं बदलवाना होगा। लैंड यूज के बगैर यहां मानचित्र पारित कराए जा सकेंगे। इससे आसानी से कल-कारखाने स्थापित हो सकेंगे। इनके स्थापित होने से इन इलाकों में रोजगार के साधन भी बढ़ाए जाएंगे।
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अभी तक बिजौली इलाके को ही औद्योगिक इकाई के लिए सुरक्षित रखा गया था। पिछले तीस वर्ष के दौरान यहां तमाम औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो चुकीं। अब नई इकाइयों के लिए यहां कोई जगह नहीं बची जबकि सरकार का मध्यम एवं लघु उद्योग की इकाइयों को स्थापित करने की ओर खास जोर है। इनके लिए जमीन की आवश्यकता है। इसे देखते हुए नए स्थान चिन्हित करने की कवायद शुरू हुई। प्रस्तावित नई महायोजना-2031 में दो स्थानों को नए इंडस्ट्रियल एरिया के तौर पर विकसित किया जाएगा। नियोजन विभाग अफसरों का कहना है औद्योगिक विकास के लिहाज से अंबाबाय एवं पारीछा को उपयुक्त पाया गया। यह दोनों इलाके आवागमन के साधनों से जुड़े हैं। यहां बिना अतिरिक्त संसाधन लगाए नया जोन तैयार किया जा सकता है। मंजूरी मिलने पर अंबाबाय समेत पारीछा में डायमंड सीमेंट के बीच का इलाका नए जोन के तौर पर इस्तेमाल हो सकेगा। इससे यहां विभिन्न कल-कारखानों को स्थापित करने में मदद मिलेगी। सहयुक्त नियोजक एनके पुष्पकर्णा के मुताबिक आने वाले समय को देखते हुए यह प्रावधान किया गया है। इससे यहां औद्योगिक गतिविधियों को बढ़वा मिलने में मदद मिलेगी।
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लैंड यूज बदलने की नहीं होगी आवश्यकता
इन दोनों जगहों पर कुल करीब 1750 हेक्टेयर जमीन को इंडस्ट्रियल एरिया के तौर पर चिन्हित करने के बाद यहां लैंड यूज नहीं बदलवाना होगा। लैंड यूज के बगैर यहां मानचित्र पारित कराए जा सकेंगे। इससे आसानी से कल-कारखाने स्थापित हो सकेंगे। इनके स्थापित होने से इन इलाकों में रोजगार के साधन भी बढ़ाए जाएंगे।
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