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Jhansi News: दिव्यांग ने एसडीएम न्यायालय कक्ष में की आत्मदाह की कोशिश
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- आया था जमीन के विवाद के मुकदमे की पैरोकारी के लिए
संवाद न्यूज एजेंसी
मोंठ। मंगलवार को उप जिलाधिकारी (न्यायिक) के न्यायालय कक्ष में एक दिव्यांग ने आत्मदाह की कोशिश की। उसने बोतल से खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। समय रहते वहां तैनात होमगार्ड ने उसके हाथ से माचिस छीन ली। दिव्यांग जमीन के विवाद के मुकदमे की पैरोकारी के लिए आया था। इस घटना से तहसील परिसर में हड़कंप की स्थिति रही।
ग्राम पहाड़पुरा स्टेट निवासी दिव्यांग प्रीतम अहिरवार का पारिवारिक जमीनी विवाद का एक मुकदमा उप जिलाधिकारी (न्यायिक) के न्यायालय में विचाराधीन है। मुकदमे की मंगलवार को सुनवाई थी। प्रीतम पक्ष तहसीलदार न्यायिक के न्यायालय से मुकदमा हार चुका था। तहसीलदार के आदेश के खिलाफ एसडीएम (न्यायिक) के न्यायालय में अपील दायर की गई थी । तहसीलदार न्यायिक के आदेश पर रोक लगाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था और स्थगन आदेश की मांग की थी। मंगलवार को प्रार्थना पत्र सुनवाई हुई। एसडीएम ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर फाइल रख ली और आदेश के लिए तारीख लगा दी। इसी दौरान न्यायालय कक्ष में मौजूद दिव्यांग प्रीतम अहिरवार ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच उसने बोतल से खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। आग लगाने के लिए उसने माचिस निकाली, लेकिन इसी बीच वहां तैनात होमगार्ड ने झपट्टा मारकर उससे माचिस छीन ली। इससे न्यायालय में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। राजस्व कर्मचारी दिव्यांग प्रीतम अहिरवार को पकड़ कर तहसीलदार कक्ष में ले गए और उसे एक कमरे में बंद कर दिया। सूचना पर सीओ देवेंद्र नाथ मिश्रा और कोतवाली प्रभारी अखिलेश द्विवेदी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने प्रीतम से पूछताछ की। इसके बाद प्रीतम अहिरवार और उसके चाचा अशोक कुमार का शांति भंग में चालान कर दिया गया। अधिकारियों ने उसे न्यायिक प्रक्रिया समझाई और इसके बाद देर शाम उसे पुलिस की गाड़ी से गांव छोड़ दिया गया। एसडीएम श्वेता साहू ने बताया कि पीड़ित ने मुकदमे में दबाव बनाने के लिए इस तरह का काम किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोंठ। मंगलवार को उप जिलाधिकारी (न्यायिक) के न्यायालय कक्ष में एक दिव्यांग ने आत्मदाह की कोशिश की। उसने बोतल से खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। समय रहते वहां तैनात होमगार्ड ने उसके हाथ से माचिस छीन ली। दिव्यांग जमीन के विवाद के मुकदमे की पैरोकारी के लिए आया था। इस घटना से तहसील परिसर में हड़कंप की स्थिति रही।
ग्राम पहाड़पुरा स्टेट निवासी दिव्यांग प्रीतम अहिरवार का पारिवारिक जमीनी विवाद का एक मुकदमा उप जिलाधिकारी (न्यायिक) के न्यायालय में विचाराधीन है। मुकदमे की मंगलवार को सुनवाई थी। प्रीतम पक्ष तहसीलदार न्यायिक के न्यायालय से मुकदमा हार चुका था। तहसीलदार के आदेश के खिलाफ एसडीएम (न्यायिक) के न्यायालय में अपील दायर की गई थी । तहसीलदार न्यायिक के आदेश पर रोक लगाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था और स्थगन आदेश की मांग की थी। मंगलवार को प्रार्थना पत्र सुनवाई हुई। एसडीएम ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई कर फाइल रख ली और आदेश के लिए तारीख लगा दी। इसी दौरान न्यायालय कक्ष में मौजूद दिव्यांग प्रीतम अहिरवार ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच उसने बोतल से खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। आग लगाने के लिए उसने माचिस निकाली, लेकिन इसी बीच वहां तैनात होमगार्ड ने झपट्टा मारकर उससे माचिस छीन ली। इससे न्यायालय में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। राजस्व कर्मचारी दिव्यांग प्रीतम अहिरवार को पकड़ कर तहसीलदार कक्ष में ले गए और उसे एक कमरे में बंद कर दिया। सूचना पर सीओ देवेंद्र नाथ मिश्रा और कोतवाली प्रभारी अखिलेश द्विवेदी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने प्रीतम से पूछताछ की। इसके बाद प्रीतम अहिरवार और उसके चाचा अशोक कुमार का शांति भंग में चालान कर दिया गया। अधिकारियों ने उसे न्यायिक प्रक्रिया समझाई और इसके बाद देर शाम उसे पुलिस की गाड़ी से गांव छोड़ दिया गया। एसडीएम श्वेता साहू ने बताया कि पीड़ित ने मुकदमे में दबाव बनाने के लिए इस तरह का काम किया है।
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