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दतिया में खुलेगा पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय
Jhansi
Updated Mon, 24 Nov 2014 05:30 AM IST
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झांसी। बुंदेलखंड के पहले ‘पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय’ की स्थापना की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। रानी लक्ष्मीबाई पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय द्वारा इसका निर्माण मध्य प्रदेश के समीपवर्ती जनपद दतिया में किया जाएगा। इसके लिए मप्र शासन द्वारा जमीन आवंटित कर दी गई है।
देश का दूसरा केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी में स्थापित किया गया है। शिक्षण सत्र 2014 - 15 में यहां आईजीएफआरआई के भवन में बीएससी (कृषि) की कक्षाएं भी शुरू कर दी गईं हैं। अब विश्वविद्यालय अब कारवां आगे बढ़ाने जा रहा है। इसी कड़ी में बुंदेलखंड के पहले पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दतिया जनपद के नौनेर गांव में 125 एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है। शुरुआत में यहां बीवीएससी (बैचलर ऑफ वेटरनिटी साइंस एंड एनीमल हसवेंडरी) की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। हालांकि, इसमें अभी समय लगेगा। भवन निर्माण के बाद ही कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा।
क्लिनिक की भी होगी स्थापना
झांसी। दतिया में बनने वाले पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में केवल पशु चिकित्सा की शिक्षा ही नहीं दी जाएगी, बल्कि पशुओं का इलाज भी किया जाएगा। इसके लिए महाविद्यालय परिसर में उच्च स्तरीय संसाधनों से युक्त पशु क्लिनिक की स्थापना की जाएगी, जिसमें पशुओं के विभिन्न रोगों का उपचार होगा।
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कृषि आधारित व्यवसायों को बढ़ावा
झांसी। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए यहां प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी, जिसमें विशेषज्ञों द्वारा किसानों को पोल्ट्री, पिगरी, बर्मी कंपोस्ट खाद आदि जैसे कृषि आधारित व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
‘पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जमीन आवंटित कर दी गई है। इस कालेज से समूचा बुंदेलखंड क्षेत्र लाभान्वित होगा। विश्वविद्यालय स्तर पर स्थापना की तैयारी शुरू कर दी गई है।’
- डा. अरविंद कुमार, कुलपति
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देश का दूसरा केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी में स्थापित किया गया है। शिक्षण सत्र 2014 - 15 में यहां आईजीएफआरआई के भवन में बीएससी (कृषि) की कक्षाएं भी शुरू कर दी गईं हैं। अब विश्वविद्यालय अब कारवां आगे बढ़ाने जा रहा है। इसी कड़ी में बुंदेलखंड के पहले पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दतिया जनपद के नौनेर गांव में 125 एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है। शुरुआत में यहां बीवीएससी (बैचलर ऑफ वेटरनिटी साइंस एंड एनीमल हसवेंडरी) की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। हालांकि, इसमें अभी समय लगेगा। भवन निर्माण के बाद ही कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाएगा।
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क्लिनिक की भी होगी स्थापना
झांसी। दतिया में बनने वाले पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में केवल पशु चिकित्सा की शिक्षा ही नहीं दी जाएगी, बल्कि पशुओं का इलाज भी किया जाएगा। इसके लिए महाविद्यालय परिसर में उच्च स्तरीय संसाधनों से युक्त पशु क्लिनिक की स्थापना की जाएगी, जिसमें पशुओं के विभिन्न रोगों का उपचार होगा।
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कृषि आधारित व्यवसायों को बढ़ावा
झांसी। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए यहां प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी, जिसमें विशेषज्ञों द्वारा किसानों को पोल्ट्री, पिगरी, बर्मी कंपोस्ट खाद आदि जैसे कृषि आधारित व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
‘पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जमीन आवंटित कर दी गई है। इस कालेज से समूचा बुंदेलखंड क्षेत्र लाभान्वित होगा। विश्वविद्यालय स्तर पर स्थापना की तैयारी शुरू कर दी गई है।’
- डा. अरविंद कुमार, कुलपति