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पेट्रोल- डीजल के दाम घटे, पर राहत नहीं
Jhansi
Updated Fri, 07 Nov 2014 05:30 AM IST
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झांसी। पेट्रोल और डीजल क ी दर में लगातार कटौती के बावजूद आम लोगों को इससे कोई राहत नहीं मिली है। अब तक न तो किराये में कोई कमी की गई है और न ही माला भाड़ा में ही कटौती की गई है। जबकि, कीमत में वृद्धि होते ही किराया व भाड़ा में बढ़ोतरी का दंश लोगों को झेलना पड़ता है।
गौरतलब है कि पिछले दो माह के अंदर डीजल में छह रुपये व पेट्रोल में पांच रुपये तक प्रति लीटर की कमी आई है। कच्चा तेल की कीमतों में गिरावट को देखते हुए फिलहाल में इसमें बढ़ोतरी की भी कोई संभावना नहीं दिखती है। पूर्व में डीजल की कीमत में हुई बढ़ोतरी के तुरंत बाद ऑटो चालकों ने जहां अपने- अपने रूट में किराया बढ़ा दिया था, वहीं स्कूली ऑटो चालकों ने भी प्रत्येक बच्चे को लाने और ले जाने के लिए सौ से दो सौ रुपये तक किराये बढ़ा दिए थे। ट्रक व लोडर संचालकों ने भी माल भाड़े में बढ़ोतरी कर दी थी।
दतिया गेट बाहर निवासी आलोक विचपुरिया के मुताबिक पेट्रो पदार्थों की कीमतों में हुई कटौती का लाभ आम जनता को अभी तक नहीं मिला है। नझाई मुहल्ला निवासी दिनेश लखेरा भी उनकी राय से इत्तेफाक रखते हैं और कहते हैं कि जिस तरह किराया और भाड़ा बढ़ाने में तेजी दिखाई गई थी, उसी तरह कटौती पर भी ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को गौर करना चाहिए।
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डीजल की दर
-------------
सितंबर - 64.14 रुपये/ प्रति लीटर
अक्टूबर - 60.62 रुपये/ प्रति लीटर
नवंबर - 58.23 रुपये/ प्रति लीटर
पेट्रोल की दर
------------
सितंबर - 75.16 रुपये/ प्रति लीटर
अक्टूबर - 73.20 रुपये/ प्रति लीटरे
नवंबर - 70.63 रुपये/ प्रति लीटर
बैठक कर तय करेंगे किराया/ भाड़ा
झांसी। बुंदेलखंड मिनीडोर, विक्रम, आपे, मैजिक, टैक्सी, टैम्पो फे डरेशन के अध्यक्ष मंसूर अहमद मंसूरी के अनुसार किराया- भाड़ा में वृद्धि सिर्फ पेट्रोल या डीजल की वजह से नहीं होती है, बल्कि टायर ट्यूब व अन्य वस्तुओं की कीमतों का भी इस पर असर पड़ता है। हालांकि, डीजल के दामों में की गई कटौती के चलते उपभोक्ताओं को किराया- भाड़ा में जल्द ही राहत मिलेगी। फेडरेशन की बैठक कर जल्द ही नई संशोधित दरें निर्धारित की जा सकतीं हैं।
घाटे की कर रहे भरपाई
झांसी। झांसी बस एसोसिएशन के अध्यक्ष शम्मी छतवाल के अनुसार पिछले दो वर्ष से निजी बसों के संचालकों ने कोई किराया नहीं बढ़ाया है। उनके अनुसार घाटे में चल रहा बस संचालन व्यवसाय इन दिनों अपने घाटे से उबर रहा है। वहीं, बुंदेलखंड ट्रक एवं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, झांसी के उपाध्यक्ष मानिक चंद्र राय के अनुसार दूरस्थ क्षेत्रों में माल भेजने वाले व्यापारी डीजल के घट- बढ़ रहे दामों पर निगाह रखते हैं और इसी आधार पर भाडे़ की दरें निर्धारित होती रहती है।
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गौरतलब है कि पिछले दो माह के अंदर डीजल में छह रुपये व पेट्रोल में पांच रुपये तक प्रति लीटर की कमी आई है। कच्चा तेल की कीमतों में गिरावट को देखते हुए फिलहाल में इसमें बढ़ोतरी की भी कोई संभावना नहीं दिखती है। पूर्व में डीजल की कीमत में हुई बढ़ोतरी के तुरंत बाद ऑटो चालकों ने जहां अपने- अपने रूट में किराया बढ़ा दिया था, वहीं स्कूली ऑटो चालकों ने भी प्रत्येक बच्चे को लाने और ले जाने के लिए सौ से दो सौ रुपये तक किराये बढ़ा दिए थे। ट्रक व लोडर संचालकों ने भी माल भाड़े में बढ़ोतरी कर दी थी।
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दतिया गेट बाहर निवासी आलोक विचपुरिया के मुताबिक पेट्रो पदार्थों की कीमतों में हुई कटौती का लाभ आम जनता को अभी तक नहीं मिला है। नझाई मुहल्ला निवासी दिनेश लखेरा भी उनकी राय से इत्तेफाक रखते हैं और कहते हैं कि जिस तरह किराया और भाड़ा बढ़ाने में तेजी दिखाई गई थी, उसी तरह कटौती पर भी ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को गौर करना चाहिए।
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डीजल की दर
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सितंबर - 64.14 रुपये/ प्रति लीटर
अक्टूबर - 60.62 रुपये/ प्रति लीटर
नवंबर - 58.23 रुपये/ प्रति लीटर
पेट्रोल की दर
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सितंबर - 75.16 रुपये/ प्रति लीटर
अक्टूबर - 73.20 रुपये/ प्रति लीटरे
नवंबर - 70.63 रुपये/ प्रति लीटर
बैठक कर तय करेंगे किराया/ भाड़ा
झांसी। बुंदेलखंड मिनीडोर, विक्रम, आपे, मैजिक, टैक्सी, टैम्पो फे डरेशन के अध्यक्ष मंसूर अहमद मंसूरी के अनुसार किराया- भाड़ा में वृद्धि सिर्फ पेट्रोल या डीजल की वजह से नहीं होती है, बल्कि टायर ट्यूब व अन्य वस्तुओं की कीमतों का भी इस पर असर पड़ता है। हालांकि, डीजल के दामों में की गई कटौती के चलते उपभोक्ताओं को किराया- भाड़ा में जल्द ही राहत मिलेगी। फेडरेशन की बैठक कर जल्द ही नई संशोधित दरें निर्धारित की जा सकतीं हैं।
घाटे की कर रहे भरपाई
झांसी। झांसी बस एसोसिएशन के अध्यक्ष शम्मी छतवाल के अनुसार पिछले दो वर्ष से निजी बसों के संचालकों ने कोई किराया नहीं बढ़ाया है। उनके अनुसार घाटे में चल रहा बस संचालन व्यवसाय इन दिनों अपने घाटे से उबर रहा है। वहीं, बुंदेलखंड ट्रक एवं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, झांसी के उपाध्यक्ष मानिक चंद्र राय के अनुसार दूरस्थ क्षेत्रों में माल भेजने वाले व्यापारी डीजल के घट- बढ़ रहे दामों पर निगाह रखते हैं और इसी आधार पर भाडे़ की दरें निर्धारित होती रहती है।