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समझाया न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत

Wed, 22 Jan 2014 05:51 AM IST
Jhansi
Jhansi Updated Wed, 22 Jan 2014 05:51 AM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रहे इंस्पायर विज्ञान शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को विद्यार्थियों को भौतिक विज्ञान, फोरेंसिक साइंस व गणित के रोचक व गूढ़ तथ्यों की जानकारी दी गई। यहां हवाई जहाज के उड़ने व बंदूक की गोली चलने के बुनियादी सिद्धांत के साथ ही फोरेंसिक साइंस से अपराधी को पकड़ने की विधि को समझाया गया। एक्सपर्ट ने केस स्टडी के माध्यम से बताया कि निर्भया केस में फोरेंसिक साइंस का प्रयोग शीघ्र करने से यह केस आसानी से सुलझ गया, जबकि आरुषि हत्याकांड में देरी हुई।
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परिसर के गांधी सभागार के बेसमेंट हाल में डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से चल रहे शिविर में प्रथम तकनीकी सत्र में कुमायूं विश्वविद्यालय, नैनीताल के प्रोफेसर योगेश कुमार शर्मा ने भौतिक विज्ञान के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने न्यूटन के तीन नियमों को समझाते हुए कहा कि न्यूटन ने लॉ ऑफ ग्रेविटी को समझा। यह नियम चिड़िया व विमान के उड़ने पर प्रयोग हुआ। रोकेट विज्ञान की बारीकी को समझाते हुए उन्होंने कहा कि यहां भी लॉ ऑफ ग्रेविटी का प्रयोग होता है।
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दूसरे सत्र में राजस्थान राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला के सहायक निदेशक (बायोलॉजी) डा. राजेश कुमार सिंह ने कहा कि फोरेंसिक साइंस विज्ञान की सभी शाखाओं का मिलाजुला रूप है। यह विद्या ब्लाइंड क्राइम यानी रहस्यमय अपराधों की गुत्थियां सुलझाने में कारगर है। उन्होेंने आरुषि हत्याकांड एवं निर्भया केस का तुलनात्मक वर्णन करते हुए कहा कि आरुषि हत्याकांड में फोरेंसिक साइंस की मदद देरी से ली गई, जबकि निर्भया केस में तत्काल मदद लेने से यह केस आसानी से सुलझ गया। यहां लाई डिटेक्शन, नार्को एनालेसिस, क्राइम सीन मैनेजमेंट, ब्रेन मैपिंग व डीएनए मैपिंग आदि आधुनिक विधियों को बताया गया।
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तृतीय सत्र में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के डा. एम के गुप्ता ने गणित के नियमों को समझाया। उन्होंने कहा कि गणित कठिन विषय नहीं है। इसमें अंकों या सूत्रों को याद करने से ज्यादा जरूरी व्यवहार से समझना है। उन्होंने बताया कि पेड़, पौधाें, लोगों, घर, कुर्सी, मेज व दूसरी रोजमर्रा की चीजों को देखकर गणित के सिद्धांत को समझना एवं याद रखना चाहिए। तकनीकी सत्रों का संचालन डा. गजाला रिजवी ने किया।

इस अवसर पर डा. राजेश सैनी, डा. पूनम मेहरोत्रा, डा. सुनील काबिया, डा. सौरभ श्रीवास्तव, डा. आलोक वर्मा, डा. धर्मेंद्र कंचन, डा. अनिल केवट, डा. सचिन उपाध्याय, डा. अंजली श्रीवास्तव, डा. सी पी पेन्यूली, डा. बी एस भदौरिया, डा. मधुर श्रीवास्तव, उमेश शुक्ला, सतीश साहनी, डा. सी पी पेन्यूली, डा. मुकुल सक्सेना, अतुल खरे आदि उपस्थित रहे।
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