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पीएचडी : समिति करेगी गाइडों का चयन
Jhansi
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में पांच साल बाद प्रारंभ पीएचडी के लिए नए गाइडों की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए प्रो. धीर सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। समिति नए नियमों के अनुसार गाइडों का निर्धारण करेगी।
विश्वविद्यालय में पीएचडी में सन 2012 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हुई। पांच साल पूर्व विश्वविद्यालय व संबद्ध महाविद्यालयों में 250 से ज्यादा गाइड थे, जोकि समय के साथ सेवानिवृत्त होते चले गए। वर्तमान में करीब 150 गाइड बचे हैं। इस बीच नए गाइड भी तैयार हो गए हैं। इन गाइडों का निर्धारण विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों के अनुसार होना है। इसलिए, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने नए गाइडों का चयन करने के लिए पीएचडी गाइड चयन कमेटी का गठन किया है। इसका अध्यक्ष प्रो. धीर सिंह को बनाया गया है। समिति में सहायक कुलसचिव डा. अंशुला सरकार व प्रो. रोचना श्रीवास्तव को भी शामिल किया गया है।
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मालूम हो कि पूर्व में स्नातक कक्षाओं में 07 साल तक पढ़ाने वाले शिक्षक एवं परास्नातक कक्षाओं में पांच साल पढ़ाने वाले लेक्चरर पीएचडी के गाइड बन सकते थे, लेकिन नए नियम के अनुसार स्नातक कक्षाओं में 10 साल एवं परास्नातक कक्षाओं में 07 साल पढ़ाने का अनुभव रखने वाले शिक्षक ही पीएचडी गाइड बन सकते हैं। विश्वविद्यालय को अभी तक 50 से ज्यादा शिक्षकों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जोकि पीएचडी गाइड बनने की योग्यता रखते हैं।
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