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छोटी मछलियों में ही उलझा सचल दल
Jhansi
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
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झांसी। दीपावली पर इस बार टैक्स चोरों की पौ बारह रही। सचल दल अफसर छोटी मछलियों में ही उलझे रहे और बड़े वाहनों से करोड़ों रुपये का टैक्स चोरी का माल शहर में आता रहा। ऐसा नहीं कि सचल दलों को माल आने की जानकारी नहीं थी, लेकिन सब मिलीभगत से चलता रहा। सचल दलों की इस कार्रवाई से अफसर खासे नाराज हैं।
इस बार वाणिज्य कर कमिश्नर ने दीपावली से पूर्व अभियान चलाकर ड्राई फ्रूट्स, मिठाई, इलेक्ट्रिक गुड्स, गिफ्ट आइटम, रेडीमेड गारमेंट्स, बर्तन, पटाखों और दुपहिया वाहनों के थोक व्यापारियों की जांच कराने एवं कोल्ड स्टोरेज/ वेयर हाउसेज के संबंध में सूचना एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सचल दल को प्रत्येक दिन चेक किए वाहनों के संबंध में रिपोर्ट देने के आदेश भी दिए गए। लेकिन पिछले दो हफ्तों में पांचों सचल दल अफसर मात्र छोटी- छोटी गाड़ियों से ही कर चोरी का माल पकड़ते रहे हैं। जबकि भारी मात्रा में दतिया, रक्सा, ओरछा व निवाड़ी के रास्ते ट्रकों से कर चोरी का माल शहर के अंदर आता रहा। ऐसा नहीं कि सचल दलों को माल आने की जानकारी नहीं है, लेकिन सब मिलीभगत से चल रहा है। सचल दलों की इस कार्रवाई से अफसर खासे नाराज हैं। इस संबंध में एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू सुनील त्रिपाठी का कहना है कि दीपावली बाद वह सचल दल अफसरों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।
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गौरतलब है कि वाणिज्य कर चेक पोस्ट समाप्त होने के बाद से कर चोरी को पकड़ने का सारा जिम्मा सचल दल अधिकारियों के हाथों में है। लक्ष्य को पूरा करने की जिम्मेदारी भी उनकी है। इस कारण अफसर आठ से दस लाख के लक्ष्य तक सिमटकर रह गए हैं। अफसर दूसरे प्रांतों को जाने वाली चार पांच बड़ी गाड़ियों में ही कमियां तलाश कर यह लक्ष्य आसानी से पा लेते हैं।
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