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तकनीकि कुशलता पर भारी पड़ा शौक
Jhansi
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
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झांसी। कहीं भी अच्छा नजारा देखकर उसे अपने कैमरे में कैद करने का शौक रखने वालों ने कभी भी यह नहीं सोचा था कि यह शौक उनके लिए सम्मान का कारण बनेगा। अमर उजाला के वर्ल्ड फोटोग्राफी दिवस कॉन्टेस्ट के तीनों विजेता इंजीनियरिंग फील्ड से हैं। वह कभी कभार नॉन प्रोफेशनल कैमरे से सुंदर स्थानों की फोटो खींचते और उसे अपने पास सहेज लेते। अमर उजाला की प्रतियोगिता में अपनी फोटो भेजते समय उन्हें जरा भी इल्म नहीं था कि वह इस प्रतियोगिता के विजेता भी हो सकते हैं। इस प्रतियोगिता में कई प्रोफेशनल फोटोग्राफरों ने अपने चित्र भेजे थे, लेकिन जीत शौकिया फोटोग्राफरों की हुई।
प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार खाती बाबा निवासी कुश गुप्ता, द्वितीय पुरस्कार सीपरी बाजार निवासी रोहन मिश्रा व तृतीय पुरस्कार खाती बाबा निवासी केंद्रीय भंडारन निगम के सहायक अभियंता एसके रंदर ने जीता। अमर उजाला यूनिट कार्यालय में संपादकीय प्रमुख हेमंत लवानिया व यूनिट हैड संजय पचौरी ने विजयी प्रतिभागियों को प्रथम पुरस्कार तीन हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार दो हजार रुपये व तृतीय पुरस्कार एक हजार रुपये देकर सम्मानित किया। प्रथम पुरस्कार विजेता कुश ने बताया कि वह बीई इंजीनियर हैं और प्रतियोगिता में चुनी गई फोटो उसने इंदौर के पातालपानी में ली थी। कुश का मानना है कि कैमरे के लैंस सामान्य लोकेशन को भी आकर्षक बना देते हैं, बस उसे सही एंगिल से देखने की आवश्यकता होती है। प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान पर रहे रोहन मिश्रा बीटेक इंजीनियर हैं। रोहन का बचपन से शौक रहा है कि वह आकर्षक लोकेशन को अपने कैमरे में कैद कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि अमर उजाला से मिले मंच ने उनके शौक को वह साकार रूप दिया है, जिसकी कल्पना नहीं की थी। पुरस्कार के लिए चुनी गई उनकी फोटो झांसी के ऐतिहासिक किले के गेट पर सुबह की पहली किरण की साथ ली गई थी। यह उनकी नजर में शहर की सबसे सुंदर लोकेशन है। तृतीय पुरस्कार विजेता एसके रन्दर का मानना है कि जीवन की आपाधापी में जो भी खाली समय मिले उसे मस्ती में जीना चाहिए। उन्हें मिला यह पुरस्कार अपने परिवार के साथ बिताए खूबसूरत लम्हों का गवाह है। रन्दर ने पुरस्कृत फोटो सुकवां ढुकवां में ली थी। प्रतियोगिता में जीतने वाले तीनों विजेता प्रोफेशनल फोटोग्राफर नहीं हैं, और न ही उनका लक्ष्य फोटोग्राफर बनना है। ऐसे में यह प्रतियोगिता जीतना उनके शौक की ही जीत है।
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प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार खाती बाबा निवासी कुश गुप्ता, द्वितीय पुरस्कार सीपरी बाजार निवासी रोहन मिश्रा व तृतीय पुरस्कार खाती बाबा निवासी केंद्रीय भंडारन निगम के सहायक अभियंता एसके रंदर ने जीता। अमर उजाला यूनिट कार्यालय में संपादकीय प्रमुख हेमंत लवानिया व यूनिट हैड संजय पचौरी ने विजयी प्रतिभागियों को प्रथम पुरस्कार तीन हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार दो हजार रुपये व तृतीय पुरस्कार एक हजार रुपये देकर सम्मानित किया। प्रथम पुरस्कार विजेता कुश ने बताया कि वह बीई इंजीनियर हैं और प्रतियोगिता में चुनी गई फोटो उसने इंदौर के पातालपानी में ली थी। कुश का मानना है कि कैमरे के लैंस सामान्य लोकेशन को भी आकर्षक बना देते हैं, बस उसे सही एंगिल से देखने की आवश्यकता होती है। प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान पर रहे रोहन मिश्रा बीटेक इंजीनियर हैं। रोहन का बचपन से शौक रहा है कि वह आकर्षक लोकेशन को अपने कैमरे में कैद कर लेते हैं। उन्होंने बताया कि अमर उजाला से मिले मंच ने उनके शौक को वह साकार रूप दिया है, जिसकी कल्पना नहीं की थी। पुरस्कार के लिए चुनी गई उनकी फोटो झांसी के ऐतिहासिक किले के गेट पर सुबह की पहली किरण की साथ ली गई थी। यह उनकी नजर में शहर की सबसे सुंदर लोकेशन है। तृतीय पुरस्कार विजेता एसके रन्दर का मानना है कि जीवन की आपाधापी में जो भी खाली समय मिले उसे मस्ती में जीना चाहिए। उन्हें मिला यह पुरस्कार अपने परिवार के साथ बिताए खूबसूरत लम्हों का गवाह है। रन्दर ने पुरस्कृत फोटो सुकवां ढुकवां में ली थी। प्रतियोगिता में जीतने वाले तीनों विजेता प्रोफेशनल फोटोग्राफर नहीं हैं, और न ही उनका लक्ष्य फोटोग्राफर बनना है। ऐसे में यह प्रतियोगिता जीतना उनके शौक की ही जीत है।
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