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पत्नी की मौत के सदमे में वृद्ध ने आग लगाकर आत्महत्या की
Jhansi
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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झांसी। जीवनसंगिनी के करीब नौ माह पूर्व हुए निधन से सदमे में डूबे वृद्ध ने शुक्रवार की रात आग लगाकर आत्महत्या कर ली।
यह मामला प्रेमनगर थानांतर्गत पुलिया नंबर नौ का है। रेलवे से सेवानिवृत्त कन्हैयालाल (75) की पत्नी जमुना बाई का करीब नौ माह पूर्व बीमारी के चलते निधन हो गया था। जीवनसंगिनी के साथ छोड़कर हमेशा के लिए चले जाने की वजह से कन्हैया गहरे सदमे में डूब गए। पुत्र जगदीश प्रसाद ने बताया कि वह दिन में कई बार कहते थे कि अब जीने का कोई मतलब नहीं है, वह मरना चाहते हैं। इन बातों को सुनकर परिजन उनके ऊपर पूरी नजर रखते थे। दो-तीन दिन से कन्हैया की तबियत कुछ खराब चल रही थी। शुक्रवार की शाम को वह बाजार से शराब खरीदकर लाए और अपने कमरे में पीने बैठ गए। तबियत को देखते हुए उन्हें कई बार रोका मगर वह नहीं माने। रात करीब ग्यारह बजे पिता कन्हैयालाल नीचे का कमरा बंद करके लेट गए। वह अपने परिवार के साथ ऊपर के कमरे में सो गया। रात करीब पौने बारह बजे कमरे में धुआं आया तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। जब तक वह पलंग से उठकर कमरे से बाहर आते तब तक पिता की चीखपुकार की आवाज सुनाई दी। इसे सुनकर वह और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो पिता को लपटों से घिरा पाया। आग को बुझाने के बाद पिता को मेडिकल कालेज लाया गया। यहां उपचार के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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यह मामला प्रेमनगर थानांतर्गत पुलिया नंबर नौ का है। रेलवे से सेवानिवृत्त कन्हैयालाल (75) की पत्नी जमुना बाई का करीब नौ माह पूर्व बीमारी के चलते निधन हो गया था। जीवनसंगिनी के साथ छोड़कर हमेशा के लिए चले जाने की वजह से कन्हैया गहरे सदमे में डूब गए। पुत्र जगदीश प्रसाद ने बताया कि वह दिन में कई बार कहते थे कि अब जीने का कोई मतलब नहीं है, वह मरना चाहते हैं। इन बातों को सुनकर परिजन उनके ऊपर पूरी नजर रखते थे। दो-तीन दिन से कन्हैया की तबियत कुछ खराब चल रही थी। शुक्रवार की शाम को वह बाजार से शराब खरीदकर लाए और अपने कमरे में पीने बैठ गए। तबियत को देखते हुए उन्हें कई बार रोका मगर वह नहीं माने। रात करीब ग्यारह बजे पिता कन्हैयालाल नीचे का कमरा बंद करके लेट गए। वह अपने परिवार के साथ ऊपर के कमरे में सो गया। रात करीब पौने बारह बजे कमरे में धुआं आया तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। जब तक वह पलंग से उठकर कमरे से बाहर आते तब तक पिता की चीखपुकार की आवाज सुनाई दी। इसे सुनकर वह और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो पिता को लपटों से घिरा पाया। आग को बुझाने के बाद पिता को मेडिकल कालेज लाया गया। यहां उपचार के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।