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कहीं आप बिना टिकट यात्रा तो नहीं कर रहे-City
Updated Sat, 25 Aug 2018 02:16 AM IST
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कहीं आप बिना टिकट यात्रा तो नहीं कर रहे!
झांसी। अगर आप एजेंट से ई-टिकट बनवाने जा रहे हैं, तो पूरी सावधानी बरतें। कहीं ऐसा न हो कि यात्रा के लिए ट्रेन में सवार हो जाएं और चार्ट में नाम न होने पर टीटीई बिना टिकट मानते हुए जुर्माना वसूल करे। कंफर्म सीट भी हाथ से जाए, साथ ही पैसे का भी भुगतना करना पड़े। ऐसे ही कई मामले सामने आने के बाद यात्रियों को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है।
ताजा मामला ट्रेन नंबर 12447 यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का है। स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे एक यात्री के उस समय होश उड़ गए जब टीटीई ने चार्ट चेक करते हुए उससे कहा कि उसका टिकट कैंसिल हो चुका है। दरअसल, युवक ने आगरा के एक एजेंट से ई-टिकट बुक कराया था। एजेंट ने उसे कंफर्म टिकट भी दिया लेकिन चार्ट बनने के पहले ही एजेंट ने टिकट कैंसिल करवा दिया, ताकि रिफंड की राशि उसके खाते में आ जाए। ई-टिकट कैंसिल होने की स्थिति में टीटीई ने युवक को बिना टिकट माना। साथ ही अन्य यात्रियों के सामने उसे शर्मिंदगी उठानी पड़ी। कंफर्म सीट भी हाल से गई और जुर्माना भी देना पड़ा।
एक अन्य मामला, बरौनी मेल में सामने आया। जहां एक युवती झांसी से लखनऊ के लिए ई-टिकट लेकर सवार हुई। जब वह अपनी सीट पर पहुंची तो वहां पहले से ही अन्य यात्री बैठे थे। सीट को लेकर यात्रियों को बहस शुरू हो गई। इसके बाद टीटीई ने आकर जब टिकट की जांच तो युवती का टिकट कैंसिल निकला, जिसे बाद में बताया गया कि उसका ई-टिकट कैंसिल हो चुका है। बात समझने के बाद यहां भी युवती को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। साथ ही जुर्माना भी भरा। झांसी मंडल में इस तरह की कई शिकायतें आ रही हैं।
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बॉक्स..
बाहरी यात्रियों के साथ होता धोखा
एजेंट यात्रियों के नाम व पते को देखकर उनके साथ धोखा करते हैं। ज्यादातर शिकार होने वाले बाहरी यात्री होते हैं। क्योंकि, उनके वापस लौटकर आना कम होता है। स्थानीय व्यक्ति के साथ एजेंट धोखा नहीं करते। त्योहारी सीजन व छुट्टियों के दौरान बड़े स्टेशनों से चलने वाली ट्रेनों में इस तरह की शिकायतें ज्यादा आती हैं।
ऐसे बरतें सावधानी
- ई-टिकट आईआरसीटीसी से अधिकृत एजेंट से बनवाएं
- शक होने या धोखाधड़ी का शिकार होने पर टोल फ्री नंबर 139 पर काल करें
- यात्रा से पहले पूछताछ केंद्र या मोबाइल से पीएनआर चेक करें
- टिकट बनवाते समय एजेंट को अपना मोबाइल नंबर दें
- रेलवे से कंफर्म मेसेज आने के बाद ही टिकट को कंफर्म मानें
- टिकट कैंसिल होने पर जीआरपी या आरपीएफ से शिकायत करें
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झांसी। अगर आप एजेंट से ई-टिकट बनवाने जा रहे हैं, तो पूरी सावधानी बरतें। कहीं ऐसा न हो कि यात्रा के लिए ट्रेन में सवार हो जाएं और चार्ट में नाम न होने पर टीटीई बिना टिकट मानते हुए जुर्माना वसूल करे। कंफर्म सीट भी हाथ से जाए, साथ ही पैसे का भी भुगतना करना पड़े। ऐसे ही कई मामले सामने आने के बाद यात्रियों को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है।
ताजा मामला ट्रेन नंबर 12447 यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस का है। स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे एक यात्री के उस समय होश उड़ गए जब टीटीई ने चार्ट चेक करते हुए उससे कहा कि उसका टिकट कैंसिल हो चुका है। दरअसल, युवक ने आगरा के एक एजेंट से ई-टिकट बुक कराया था। एजेंट ने उसे कंफर्म टिकट भी दिया लेकिन चार्ट बनने के पहले ही एजेंट ने टिकट कैंसिल करवा दिया, ताकि रिफंड की राशि उसके खाते में आ जाए। ई-टिकट कैंसिल होने की स्थिति में टीटीई ने युवक को बिना टिकट माना। साथ ही अन्य यात्रियों के सामने उसे शर्मिंदगी उठानी पड़ी। कंफर्म सीट भी हाल से गई और जुर्माना भी देना पड़ा।
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एक अन्य मामला, बरौनी मेल में सामने आया। जहां एक युवती झांसी से लखनऊ के लिए ई-टिकट लेकर सवार हुई। जब वह अपनी सीट पर पहुंची तो वहां पहले से ही अन्य यात्री बैठे थे। सीट को लेकर यात्रियों को बहस शुरू हो गई। इसके बाद टीटीई ने आकर जब टिकट की जांच तो युवती का टिकट कैंसिल निकला, जिसे बाद में बताया गया कि उसका ई-टिकट कैंसिल हो चुका है। बात समझने के बाद यहां भी युवती को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। साथ ही जुर्माना भी भरा। झांसी मंडल में इस तरह की कई शिकायतें आ रही हैं।
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बाहरी यात्रियों के साथ होता धोखा
एजेंट यात्रियों के नाम व पते को देखकर उनके साथ धोखा करते हैं। ज्यादातर शिकार होने वाले बाहरी यात्री होते हैं। क्योंकि, उनके वापस लौटकर आना कम होता है। स्थानीय व्यक्ति के साथ एजेंट धोखा नहीं करते। त्योहारी सीजन व छुट्टियों के दौरान बड़े स्टेशनों से चलने वाली ट्रेनों में इस तरह की शिकायतें ज्यादा आती हैं।
ऐसे बरतें सावधानी
- ई-टिकट आईआरसीटीसी से अधिकृत एजेंट से बनवाएं
- शक होने या धोखाधड़ी का शिकार होने पर टोल फ्री नंबर 139 पर काल करें
- यात्रा से पहले पूछताछ केंद्र या मोबाइल से पीएनआर चेक करें
- टिकट बनवाते समय एजेंट को अपना मोबाइल नंबर दें
- रेलवे से कंफर्म मेसेज आने के बाद ही टिकट को कंफर्म मानें
- टिकट कैंसिल होने पर जीआरपी या आरपीएफ से शिकायत करें