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बंटता है खजाना चमनगंज में-City
Updated Sun, 27 Aug 2017 07:48 PM IST
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चार को बंटेगा चमनगंज के राजा का खजाना
सब हेड: गणेशोत्सव पर आयोजित बाल मेले में मिलेगा भगवान का प्रसाद
क्रासर
सीपरी बाजार के चमनगंज इलाके में होता है आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मुंबई में जो जलवा लालबाग के राजा का है, वहीं महानगर में चमनगंज के राजा का है। सीपरी बाजार के चमनगंज में स्थापित होने वाली गणेश जी की प्रतिमा को चमनगंज का राजा कहा जाता है। राजा भी विदा होने से पहले अपनी प्रजा को निहाल करते हैं। गणपति जी की पत्नी का स्वरूप बनकर बालिकाएं प्रतिमा पर चढ़ी चढ़ौती को श्रद्धालुओं में प्रसाद स्वरूप लुटाती हैं। यह परंपरा यहां वर्ष 1974 से निभाई जा रही है।
गणेश जी की प्रतिमाओं का विसर्जन पांच सितंबर को होगा। इससे पहले चार सितंबर को चमनगंज में बाल मेले का आयोजन होगा। चमनगंज में विराजमान गणेश जी की प्रतिमा को चढ़ाई जाने वाली चढ़ौती को भक्तों के बीच प्रसाद स्वरूप लुटाया जाएगा। संयोजक दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि चार सितंबर को लगने वाले मेले में बच्चे खान-पान और गेम्स के स्टॉल लगाएंगे। यह मेला रात भर लगा रहेगा। विसर्जन के पूर्व मध्य रात्रि 12 बजे गणेश जी की महाआरती होगी, इस दौरान गणेश जी की पत्नी ऋद्धि-सिद्धि के स्वरूप में बालिकाएं आरती में चढे़ पैसे और प्रसाद को मटके में निकालकर चमनगंज के राजा के खजाना के रूप में श्रद्धालुओं को बांटती है। महिलाओं को गणेश जी को चढ़ा सिंदूर आशीर्वाद स्वरूप दिया जाता है।
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चार को बंटेगा चमनगंज के राजा का खजाना
सब हेड: गणेशोत्सव पर आयोजित बाल मेले में मिलेगा भगवान का प्रसाद
क्रासर
सीपरी बाजार के चमनगंज इलाके में होता है आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
मुंबई में जो जलवा लालबाग के राजा का है, वहीं महानगर में चमनगंज के राजा का है। सीपरी बाजार के चमनगंज में स्थापित होने वाली गणेश जी की प्रतिमा को चमनगंज का राजा कहा जाता है। राजा भी विदा होने से पहले अपनी प्रजा को निहाल करते हैं। गणपति जी की पत्नी का स्वरूप बनकर बालिकाएं प्रतिमा पर चढ़ी चढ़ौती को श्रद्धालुओं में प्रसाद स्वरूप लुटाती हैं। यह परंपरा यहां वर्ष 1974 से निभाई जा रही है।
गणेश जी की प्रतिमाओं का विसर्जन पांच सितंबर को होगा। इससे पहले चार सितंबर को चमनगंज में बाल मेले का आयोजन होगा। चमनगंज में विराजमान गणेश जी की प्रतिमा को चढ़ाई जाने वाली चढ़ौती को भक्तों के बीच प्रसाद स्वरूप लुटाया जाएगा। संयोजक दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि चार सितंबर को लगने वाले मेले में बच्चे खान-पान और गेम्स के स्टॉल लगाएंगे। यह मेला रात भर लगा रहेगा। विसर्जन के पूर्व मध्य रात्रि 12 बजे गणेश जी की महाआरती होगी, इस दौरान गणेश जी की पत्नी ऋद्धि-सिद्धि के स्वरूप में बालिकाएं आरती में चढे़ पैसे और प्रसाद को मटके में निकालकर चमनगंज के राजा के खजाना के रूप में श्रद्धालुओं को बांटती है। महिलाओं को गणेश जी को चढ़ा सिंदूर आशीर्वाद स्वरूप दिया जाता है।
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