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स्टोरी- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना-City
Updated Mon, 17 Jul 2017 08:38 PM IST
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‘उज्ज्वला’ से भी नहीं जले 22 हजार घरों के चूल्हे
सब हेड: कनेक्शन तो मिल गए, मगर कुकिंग गैस भरवाने को पैसा नहीं
क्रासर
आर्थिक तंगी से जूझ रहे ये परिवार अभी भी लकड़ी कर रहे इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
प्रधानमंत्री की उज्ज्वला योजना से बीपीएल सूची में शामिल जिले के 54 हजार से ज्यादा परिवारों को फ्री में गैस कनेक्शन दिए गए, लेकिन इनमें से 22 हजार परिवार ऐसे हैं, जिनके सिलेंडर अभी तक खाली हैं। इनके पास इसमें गैस भराने का पैसा नहीं है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे ये परिवार लकड़ी जलाकर ही खाना बनाने को मजबूर हैं।
केंद्र सरकार ने एक मई 2016 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरूआत की थी। इसमें बीपीएल सूची में शामिल परिवार की महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए, जिससे वह लकड़ी जलाकर चूल्हे पर खाना बनाने और धुएं से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रह सके। मगर, सरकार के इस उद्देश्य में उनकी गरीबी बाधा बनी है।
उज्ज्वला योजना में सामाजिक आर्थिक एवं जातीय जनगणना 2011 के तहत जनपद में 78514 हजार बीपीएल परिवार चिह्नित किए गए हैं। गैस कंपनियां अभी तक 54,827 परिवार की महिलाओं को कनेक्शन दे चुकी है।
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‘यह सही है कि 54 हजार कनेक्शन में करीब 22 हजार उज्ज्वला ग्राहकों ने दोबारा सिलेंडर नहीं भरवाए हैं। इसका एक कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होना हो सकता है। साथ ही लक्ष्य के जो बाकी कनेक्शन दिए जाने हैं उनके लिए गांव-गांव में कैंप लगाए जा रहे हैं।’
निशांत कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक भारत पेट्रोलियम।
दो तरीके से मिल रहा कनेक्शन
अगर आप उज्ज्वला योजना में लोन पर कनेक्शन लेते है तो उसमें कंपनी 990 रुपये का एक चूल्हा, पाइप, रेग्यूलेटर और वर्तमान रेट का एक भरा सिलेंडर मुफ्त देती है। यह राशि बाद में उपभोक्ता की सब्सिडी से काट ली जाती है। उपभोक्ता को सब्सिडी का लाभ पूरी राशि कटने के बाद ही मिलता है। दूसरा, नो लोन पर 1600 रुपये जमा करने पर कनेक्शन दिया जाता है।
ये है नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में कनेक्शन लेने के लिए बैंक एकाउंट और आधार कार्ड होना जरूरी है। अगर परिवार में पहले से गैस कनेक्शन है तो उसे भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
फोटो
मुफ्त नहीं 1600 में मिला था कनेक्शन
मुझे मुफ्त कनेक्शन नहीं मिला था। एक साल पहले 1600 रुपये जमा कराए गए थे। इस बीच दो बार सिलेंडर भरा चुकी हूं, लेकिन एकाउंट में सब्सिडी एक बार भी नहीं आई।
विनीता, बिरगुवां
फोटो
अब भी वहीं परेशानी
मेरे पति मजदूर है। पिछले छह माह से मजदूरी न मिल पाने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सिलेंडर के लिए पैसे ही जमा नहीं हो पा रहे हैं। पहले की तरह खेत से लकड़ियां बीनकर लाने के बाद चूल्हा जला रही हूं।
गीता, बिरगुवां
फोटो
लकड़ी और उबले भी महंगे
गैस सिलेंडर घर में आने से आराम तो बहुत हो गया है। लेकिन, पैसों का इंतजाम होने पर ही सिलेंडर भरा पाती हूं। एक साल में एक ही बार सिलेंडर भरा सकी। इस बीच लकड़ी और उबले पर ही खाना बनाया। अब तो लकड़ी और उबले भी महंगे मिलने लगे हैं।
शारदा, बिरगुवां
फोटो
एक बीघा जमीन में होता गुजारा
मेरे पति पहले पत्थर तोड़ते थे, लेकिन अब उनसे यह काम नहीं होता। एक बीघा जमीन से होने वाली आमदनी में ही परिवार चलता है। इस कारण गैस चूल्हे पर बहुत कम ही खाना बनाती हूं।
सुदामा, बिरगुवां
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‘उज्ज्वला’ से भी नहीं जले 22 हजार घरों के चूल्हे
सब हेड: कनेक्शन तो मिल गए, मगर कुकिंग गैस भरवाने को पैसा नहीं
क्रासर
आर्थिक तंगी से जूझ रहे ये परिवार अभी भी लकड़ी कर रहे इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
प्रधानमंत्री की उज्ज्वला योजना से बीपीएल सूची में शामिल जिले के 54 हजार से ज्यादा परिवारों को फ्री में गैस कनेक्शन दिए गए, लेकिन इनमें से 22 हजार परिवार ऐसे हैं, जिनके सिलेंडर अभी तक खाली हैं। इनके पास इसमें गैस भराने का पैसा नहीं है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे ये परिवार लकड़ी जलाकर ही खाना बनाने को मजबूर हैं।
केंद्र सरकार ने एक मई 2016 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरूआत की थी। इसमें बीपीएल सूची में शामिल परिवार की महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए, जिससे वह लकड़ी जलाकर चूल्हे पर खाना बनाने और धुएं से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रह सके। मगर, सरकार के इस उद्देश्य में उनकी गरीबी बाधा बनी है।
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उज्ज्वला योजना में सामाजिक आर्थिक एवं जातीय जनगणना 2011 के तहत जनपद में 78514 हजार बीपीएल परिवार चिह्नित किए गए हैं। गैस कंपनियां अभी तक 54,827 परिवार की महिलाओं को कनेक्शन दे चुकी है।
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‘यह सही है कि 54 हजार कनेक्शन में करीब 22 हजार उज्ज्वला ग्राहकों ने दोबारा सिलेंडर नहीं भरवाए हैं। इसका एक कारण उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होना हो सकता है। साथ ही लक्ष्य के जो बाकी कनेक्शन दिए जाने हैं उनके लिए गांव-गांव में कैंप लगाए जा रहे हैं।’
निशांत कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक भारत पेट्रोलियम।
दो तरीके से मिल रहा कनेक्शन
अगर आप उज्ज्वला योजना में लोन पर कनेक्शन लेते है तो उसमें कंपनी 990 रुपये का एक चूल्हा, पाइप, रेग्यूलेटर और वर्तमान रेट का एक भरा सिलेंडर मुफ्त देती है। यह राशि बाद में उपभोक्ता की सब्सिडी से काट ली जाती है। उपभोक्ता को सब्सिडी का लाभ पूरी राशि कटने के बाद ही मिलता है। दूसरा, नो लोन पर 1600 रुपये जमा करने पर कनेक्शन दिया जाता है।
ये है नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में कनेक्शन लेने के लिए बैंक एकाउंट और आधार कार्ड होना जरूरी है। अगर परिवार में पहले से गैस कनेक्शन है तो उसे भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
फोटो
मुफ्त नहीं 1600 में मिला था कनेक्शन
मुझे मुफ्त कनेक्शन नहीं मिला था। एक साल पहले 1600 रुपये जमा कराए गए थे। इस बीच दो बार सिलेंडर भरा चुकी हूं, लेकिन एकाउंट में सब्सिडी एक बार भी नहीं आई।
विनीता, बिरगुवां
फोटो
अब भी वहीं परेशानी
मेरे पति मजदूर है। पिछले छह माह से मजदूरी न मिल पाने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सिलेंडर के लिए पैसे ही जमा नहीं हो पा रहे हैं। पहले की तरह खेत से लकड़ियां बीनकर लाने के बाद चूल्हा जला रही हूं।
गीता, बिरगुवां
फोटो
लकड़ी और उबले भी महंगे
गैस सिलेंडर घर में आने से आराम तो बहुत हो गया है। लेकिन, पैसों का इंतजाम होने पर ही सिलेंडर भरा पाती हूं। एक साल में एक ही बार सिलेंडर भरा सकी। इस बीच लकड़ी और उबले पर ही खाना बनाया। अब तो लकड़ी और उबले भी महंगे मिलने लगे हैं।
शारदा, बिरगुवां
फोटो
एक बीघा जमीन में होता गुजारा
मेरे पति पहले पत्थर तोड़ते थे, लेकिन अब उनसे यह काम नहीं होता। एक बीघा जमीन से होने वाली आमदनी में ही परिवार चलता है। इस कारण गैस चूल्हे पर बहुत कम ही खाना बनाती हूं।
सुदामा, बिरगुवां