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बिजली: मीटर डिमांड ने बढ़ाई बिल राशि,,,-Lalitpur
Updated Tue, 04 Jul 2017 07:55 PM IST
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कम लोड पर ज्यादा खपत से लगेगी चपत
सब हेड: बिजली का उपयोग ज्यादा है तो खुद बढ़वा लें भार
क्रासर
तय लोड से अधिक डिमांड आने पर हर 0.01 किलोवाट पर 4.50 रुपये वसूल रहा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अगर आपके घर एक किलोवाट का बिजली कनेक्शन है और उपयोग इससे ज्यादा का है तो खुद ही लोड बढ़वा लें। अगर ऐसा नहीं किया तो आपको हर महीने चपत लगेगी। बिजली विभाग के अफसरों की सख्ती के बाद अब महानगर में मीटर रीडरों ने मीटर डिमांड को बिल में दर्शाना शुरू कर दिया है। इस वजह से तय लोड अधिक उपभोग आने पर 4.50 रुपये प्रति 0.01 किलोवाट की दर से वसूल किए जा रहे हैं।
दीनदयाल नगर निवासी भगवान दास के घर एक किलोवाट का बिजली कनेक्शन है। उनके घर में एक महीने में औसतन 150 से 160 यूनिट बिजली खर्च होती है। घर का लोड भी एक किलोवाट के आसपास रहता है। इस हिसाब से उनका हर महीने लगभग 1500 रुपये बिजली का बिल आता है। मगर, मई में उनके घर बिजली का लोड 1.68 किलोवाट पर पहुंच गया। मीटर रीडर ने बिल में मीटर डिमांड 1.68 किलोवाट भरी तो उनका बिल में 306 रुपये राशि अधिक जुड़कर आ गई। उनको लगा कि 306 रुपये उनके बिल में गलत जुड़कर आ गए है। उन्होंने विभाग में संपर्क किया तो पता चला कि मीटर में आई अतिरिक्त डिमांड 0.68 किलोवाट पर 4.50 रुपये की दर से पैसा जुड़कर आ गया।
दरअसल, यह नियम है कि उपभोक्ता के कनेक्शन लोड के अलावा जितनी भी डिमांड मीटर में आएगी, वह उसको प्रति 0.01 किलोवाट पर 4.50 रुपये के हिसाब से अदा करना होगा। अगर किसी के एक किलोवाट के कनेक्शन में तीन किलोवाट डिमांड आ गई तो उसे अतिरिक्त दो किलोवाट पर 900 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। जबकि, अगर उपभोक्ता घर के लोड के हिसाब से कनेक्शन ले तो उसे प्रति किलोवाट 100 रुपये ही अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है। यहीं कारण विभाग अब लोड बढ़वाने के लिए ज्यादा दबाव नहीं डालता, क्योंकि उनको मालूम है कि इससे घाटा उपभोक्ता को ही हो रहा है।
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‘मीटर रीडरों को निर्देशित किया गया है कि वे मशीन में डिमांड सही दर्शाए, ताकि उपभोक्ता से पूरा राजस्व लिया जा सके। अगर उपभोक्ता परेशानी से बचना चाहते है तो वह मीटर डिमांड के हिसाब से अपने कनेक्शन पर लोड बढ़वा ले।’
हेमराज, अधिशासी अभियंता (द्वितीय)।
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सब हेड: बिजली का उपयोग ज्यादा है तो खुद बढ़वा लें भार
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तय लोड से अधिक डिमांड आने पर हर 0.01 किलोवाट पर 4.50 रुपये वसूल रहा विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अगर आपके घर एक किलोवाट का बिजली कनेक्शन है और उपयोग इससे ज्यादा का है तो खुद ही लोड बढ़वा लें। अगर ऐसा नहीं किया तो आपको हर महीने चपत लगेगी। बिजली विभाग के अफसरों की सख्ती के बाद अब महानगर में मीटर रीडरों ने मीटर डिमांड को बिल में दर्शाना शुरू कर दिया है। इस वजह से तय लोड अधिक उपभोग आने पर 4.50 रुपये प्रति 0.01 किलोवाट की दर से वसूल किए जा रहे हैं।
दीनदयाल नगर निवासी भगवान दास के घर एक किलोवाट का बिजली कनेक्शन है। उनके घर में एक महीने में औसतन 150 से 160 यूनिट बिजली खर्च होती है। घर का लोड भी एक किलोवाट के आसपास रहता है। इस हिसाब से उनका हर महीने लगभग 1500 रुपये बिजली का बिल आता है। मगर, मई में उनके घर बिजली का लोड 1.68 किलोवाट पर पहुंच गया। मीटर रीडर ने बिल में मीटर डिमांड 1.68 किलोवाट भरी तो उनका बिल में 306 रुपये राशि अधिक जुड़कर आ गई। उनको लगा कि 306 रुपये उनके बिल में गलत जुड़कर आ गए है। उन्होंने विभाग में संपर्क किया तो पता चला कि मीटर में आई अतिरिक्त डिमांड 0.68 किलोवाट पर 4.50 रुपये की दर से पैसा जुड़कर आ गया।
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दरअसल, यह नियम है कि उपभोक्ता के कनेक्शन लोड के अलावा जितनी भी डिमांड मीटर में आएगी, वह उसको प्रति 0.01 किलोवाट पर 4.50 रुपये के हिसाब से अदा करना होगा। अगर किसी के एक किलोवाट के कनेक्शन में तीन किलोवाट डिमांड आ गई तो उसे अतिरिक्त दो किलोवाट पर 900 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। जबकि, अगर उपभोक्ता घर के लोड के हिसाब से कनेक्शन ले तो उसे प्रति किलोवाट 100 रुपये ही अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है। यहीं कारण विभाग अब लोड बढ़वाने के लिए ज्यादा दबाव नहीं डालता, क्योंकि उनको मालूम है कि इससे घाटा उपभोक्ता को ही हो रहा है।
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‘मीटर रीडरों को निर्देशित किया गया है कि वे मशीन में डिमांड सही दर्शाए, ताकि उपभोक्ता से पूरा राजस्व लिया जा सके। अगर उपभोक्ता परेशानी से बचना चाहते है तो वह मीटर डिमांड के हिसाब से अपने कनेक्शन पर लोड बढ़वा ले।’
हेमराज, अधिशासी अभियंता (द्वितीय)।