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अस्सी फीसदी उम्मीदवारों ने नहीं दिया चुनावी खर्चे का ब्योरा
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पंचायत चुनाव
- फोटो : ?????? ?????
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झांसी। पंचायत चुनावों की तैयारियां आरंभ हो चुकी है। लेकिन हैरानी की बात यह कि पिछले चुनाव में किस्मत आजमाने वाले करीब अस्सी फीसदी उम्मीदवारों ने अब तक अपने चुनावी खर्चे का ब्योरा ही नहीं दिया। इनमें विजयी उम्मीदवार भी शामिल हैं। अगले चुनाव में ऐसे उम्मीदवारों से कड़ाई किए जाने की तैयारी है। इसको लेकर दिशा-निर्देश भी मांगे गए हैं। आयोग के सख्त होने पर ऐसे उम्मीदवार चुनावी मैदान से बाहर हो सकते हैं।
लोकसभा, विधानसभा चुनावों की तर्ज पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में खर्च की सीमा राज्य निर्वाचन आयोग ने तय कर रखी है। उम्मीदवारों को बाकायदा चुनावी समय में इसका लिखित ब्योरा देना होता है लेकिन, इसका विवरण देने में उम्मीदवार कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते। अगर वर्ष 2015 के पंचायत चुनावों की बात करें तब उसमें सभी पदों पर करीब साढ़े सत्रह हजार उम्मीदवार मैदान में थे लेकिन, महज बीस फीसदी उम्मीदवारों ने ही खर्च का ब्योरा जमा किया। शेष अस्सी फीसदी उम्मीदवारों ने चुनाव खत्म हो जाने के बाद भी इस बारे में आयोग को बताना मुनासिब नहीं समझा। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इनमें बड़ी संख्या में विजयी उम्मीदवार भी है। अब नई चुनावी प्रक्रिया आरंभ होने के साथ ही इनकी खोज-खबर भी ली जा रही है। जिन उम्मीदवारों ने पिछली दफे चुनावी खर्चे जमा नहीं किए उनको चुनावी आचार संहिता के आधार पर अयोग्य ठहराया जा सकता है हालांकि अभी इस बारे में नियम बहुत साफ नहीं हैं। इसको लेकर आयोग की ओर से दिशा-निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है सीमा से अधिक चुनावी खर्च करने पर उम्मीदवार के खिलाफ एफआईआर का प्रावधान है। लेकिन खर्च का ब्योरा न देने पर कार्रवाई का प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं। बता दें, पिछली दफे ग्राम पंचायत सदस्य के लिए पांच हजार, ग्राम प्रधान के लिए 30 हजार, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 25 हजार, जिला पंचायत सदस्य के लिए 75 हजार तक की खर्च सीमा तय की गई थी लेकिन, इस सीमा की जमकर धज्जियां भी उड़ाई गईं।
तहसीलों में भेजी जाने लगी चुनावी सामग्री
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर एक अक्तूबर से आरंभ होने वाली मतदाता सूची बनाने से जुड़ी सामग्री तहसीलों में भेजी जाने लगी है। शनिवार को मऊरानीपुर एवं गरौठा में बीएलओ नामावली पुनरीक्षण सामग्री भेजी गईं। सोमवार को सदर एवं मंगलवार को मोंठ एवं टहरौली में यह सामग्री भेजी जाएंगी। सभी तहसीलों में एक अक्तूबर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम आरंभ होगा।
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निर्वाचन कार्यालय का कंट्रोल रूम शुरू
मतदाता सूची बनाए जाने का कार्य आरंभ होने के साथ ही निर्वाचन कार्यालय में कंट्रोल रूम भी आरंभ हो गया है। इसके लिए एक दूरभाष नंबर 0510-2980849 भी जारी किया गया है। इस नंबर से कार्यालय समयावधि के भीतर सूचनाएं ली जा सकती हैं।
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लोकसभा, विधानसभा चुनावों की तर्ज पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में खर्च की सीमा राज्य निर्वाचन आयोग ने तय कर रखी है। उम्मीदवारों को बाकायदा चुनावी समय में इसका लिखित ब्योरा देना होता है लेकिन, इसका विवरण देने में उम्मीदवार कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते। अगर वर्ष 2015 के पंचायत चुनावों की बात करें तब उसमें सभी पदों पर करीब साढ़े सत्रह हजार उम्मीदवार मैदान में थे लेकिन, महज बीस फीसदी उम्मीदवारों ने ही खर्च का ब्योरा जमा किया। शेष अस्सी फीसदी उम्मीदवारों ने चुनाव खत्म हो जाने के बाद भी इस बारे में आयोग को बताना मुनासिब नहीं समझा। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इनमें बड़ी संख्या में विजयी उम्मीदवार भी है। अब नई चुनावी प्रक्रिया आरंभ होने के साथ ही इनकी खोज-खबर भी ली जा रही है। जिन उम्मीदवारों ने पिछली दफे चुनावी खर्चे जमा नहीं किए उनको चुनावी आचार संहिता के आधार पर अयोग्य ठहराया जा सकता है हालांकि अभी इस बारे में नियम बहुत साफ नहीं हैं। इसको लेकर आयोग की ओर से दिशा-निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है सीमा से अधिक चुनावी खर्च करने पर उम्मीदवार के खिलाफ एफआईआर का प्रावधान है। लेकिन खर्च का ब्योरा न देने पर कार्रवाई का प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं। बता दें, पिछली दफे ग्राम पंचायत सदस्य के लिए पांच हजार, ग्राम प्रधान के लिए 30 हजार, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 25 हजार, जिला पंचायत सदस्य के लिए 75 हजार तक की खर्च सीमा तय की गई थी लेकिन, इस सीमा की जमकर धज्जियां भी उड़ाई गईं।
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तहसीलों में भेजी जाने लगी चुनावी सामग्री
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर एक अक्तूबर से आरंभ होने वाली मतदाता सूची बनाने से जुड़ी सामग्री तहसीलों में भेजी जाने लगी है। शनिवार को मऊरानीपुर एवं गरौठा में बीएलओ नामावली पुनरीक्षण सामग्री भेजी गईं। सोमवार को सदर एवं मंगलवार को मोंठ एवं टहरौली में यह सामग्री भेजी जाएंगी। सभी तहसीलों में एक अक्तूबर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम आरंभ होगा।
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निर्वाचन कार्यालय का कंट्रोल रूम शुरू
मतदाता सूची बनाए जाने का कार्य आरंभ होने के साथ ही निर्वाचन कार्यालय में कंट्रोल रूम भी आरंभ हो गया है। इसके लिए एक दूरभाष नंबर 0510-2980849 भी जारी किया गया है। इस नंबर से कार्यालय समयावधि के भीतर सूचनाएं ली जा सकती हैं।