फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   80 percent cheat matter pending

धोखाधड़ी की 80 फीसदी विवेचनाएं लंबित

Thu, 18 Feb 2021 12:08 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2021 12:08 AM IST
विज्ञापन
80 percent cheat matter pending
झांसी। धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की विवेचनाएं पुलिस समय पर नहीं निपटा पाती। इस कारण ऐसे मामलों का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा। जिले में कुल 842 विवेचनाएं लंबित हैं। इनमें करीब 80 फीसदी (छह सौ से अधिक) विवेचनाएं धोखाधड़ी से संबंधित हैं। विवेचनाओं के समय पर नहीं निपटने से भुक्तभोगी न्याय के लिए भटक रहे हैं।
विज्ञापन

पुलिस पर विवेचनाओं का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा। समय-समय पर अर्दली रूम करके पुलिस अफसर लंबित विवेचनाओं को जल्द निपटाने के निर्देश देते हैं, लेकिन इसके बाद भी लंबित विवेचनाओं का बोझ कम नहीं हो रहा है। जनपद में कुल 842 विवेचनाएं लंबित हैं। इनमें 598 विवेचनाएं तीन महीने से कम पुरानी हैं। 154 विवेचनाएं तीन माह से अधिक, 85 विवेचनाएं छह माह से अधिक पुरानी हैं और पांच विवेचनाएं दो साल बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकीं हैं। सबसे अधिक जिनकी विवेचनाएं लंबित हैं, उनमें धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं। 600 से अधिक मामले धारा 420 जैसी धारा से संबंधित हैं। इनमें बैंकिंग फ्राड, नौकरी के नाम पर जालसाजी, जमीन के नाम पर फर्जीवाड़ा जैसे मामले शामिल हैं। इसके बाद साइबर क्राइम से जुड़े मामले हैं। इनकी विवेचनाएं भी समय पर नहीं निपट पातीं। इस वजह से मामले कोर्ट की दहलीज तक भी नहीं ंपहुंच पाते। अफसरों का कहना है कि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में कागज जुटाने की प्रक्रिया बहुत लंबी हो जाती है। इस वजह से संबंधित विवेचनाएं समय पर नहीं निपट पातीं।
विज्ञापन

विवेचनाएं जल्द पूरी हों, इसके लिए लगातार निगरानी की जाती है। जनपदवार पुलिस अफसरों को विवेचनाएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। विवेचनाएं लंबित रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

- सुभाष चंद्र बघेल, आईजी, झांसी रेंज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed