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Jhansi News: ललितपुर में बिजली गिरने से पांच साल में 80 लोगों की मौत
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- मृतक आश्रितों को 3.16 करोड़, झुलसे को 50.45 लाख और मृत पशुओं का 4.03 लाख रुपये दिया मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद में बिजली गिरने की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। आलम यह है कि पांच सालों में बिजली से मरने वालों का आंकड़ा 80 पार पहुंच गया है, जबकि 132 लोग झुलसे और 315 पशुओं की मौत हुई। इन घटनाओं में 12 मकान भी क्षतिग्रस्त हुए थे। जिला प्रशासन ने मृतक परिवारों सहित अन्य को करीब 3.70 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की।
अभी 79 मृतकों के आश्रितों को 3.16 करोड़ रुपये सरकार राहत राशि में दे चुकी है, बीते साल एक को तकनीकी कारणों से राहत राशि नहीं मिल सकी। तो वहीं बिजली की चपेट में आने से 132 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें राहत राशि के तौर पर 50.45 लाख रुपये वितरित किए गए हैं। पांच सालों में 315 पशु की मौत हुई है, जिसके लिए पशु पालकों को 4.03 लाख रुपये और क्षतिग्रस्त हुए 12 भवन स्वामियों को राहत के तौर पर 24 हजार रुपये दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी का कहना है कि मृतक आश्रितों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही धनराशि उनके खाते में भेज दी जाती है।
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राहत राशि पर एक नजर
बिजली गिरने से मौत- चार लाख
40 से 60 फीसदी झुलसने पर-74 हजार
60 प्रतिशत से अधिक अपंगता पर-2.50 लाख
सात दिन से अधिक भर्ती-16 हजार रुपये अतिरिक्त
सात दिन से कम भर्ती होने पर 5400 रुपये अतिरिक्त
घरेलू सामान क्षति पर 2500 रुपये
दुधारू गाय, भैंस की मौत पर 37,500 रुपये
भेड़ बकरी व सुअर के मरने पर चार हजार रुपये
ऊंट, घोड़ा, बैल के मृत होने पर 32 हजार रुपये
बछड़ा व गधा की मौत पर 20 हजार रुपये
मकान पूर्ण क्षतिग्रस्त होने पर 1.20 लाख रुपये
मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर 6500 रुपये
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पांच साल में बिजली गिरने से क्षति और राहत राशि वितरण पर एक नजर
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मोबाइल पर दामिनी एप डाउनलोड करने की सलाह
अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि जब आसमान में तेज गर्जना हो पेड़ के नीचे खड़े न हों, साथ ही मोबाइल पर दामिनी एप डाउनलोड करें। जिससे तीन घंटे पहले अपने आसपास गाज की गिरने की सूचना मिल सके। भूमि में खनिज तत्वों की अधिकता से बिजली (गाज) गिरने की घटनाएं अधिक होने का एक कारण माना जाता है। गाज से प्रभावित परिवारों को 48 घंटे के भीतर राहत राशि पहुंचा दी जाती है।
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वर्जन
सर्वाधिक बिजली गिरने वाले क्षेत्रों का सर्वे कराया गया था। जिसमें धौरीसागर गांव में गाज गिरने की अधिक घटनाएं होने के कारण गांव की सभी सरकारी इमारतों पर तड़ित चालक लगवा रहे हैं। यदि इससे बिजली गिरने की घटनाएं कम होती हैं तो सभी ग्राम पंचायतों में यंत्र लगाने का कार्य कराया जाएगा। -अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद में बिजली गिरने की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। आलम यह है कि पांच सालों में बिजली से मरने वालों का आंकड़ा 80 पार पहुंच गया है, जबकि 132 लोग झुलसे और 315 पशुओं की मौत हुई। इन घटनाओं में 12 मकान भी क्षतिग्रस्त हुए थे। जिला प्रशासन ने मृतक परिवारों सहित अन्य को करीब 3.70 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की।
अभी 79 मृतकों के आश्रितों को 3.16 करोड़ रुपये सरकार राहत राशि में दे चुकी है, बीते साल एक को तकनीकी कारणों से राहत राशि नहीं मिल सकी। तो वहीं बिजली की चपेट में आने से 132 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें राहत राशि के तौर पर 50.45 लाख रुपये वितरित किए गए हैं। पांच सालों में 315 पशु की मौत हुई है, जिसके लिए पशु पालकों को 4.03 लाख रुपये और क्षतिग्रस्त हुए 12 भवन स्वामियों को राहत के तौर पर 24 हजार रुपये दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी का कहना है कि मृतक आश्रितों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही धनराशि उनके खाते में भेज दी जाती है।
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राहत राशि पर एक नजर
बिजली गिरने से मौत- चार लाख
40 से 60 फीसदी झुलसने पर-74 हजार
60 प्रतिशत से अधिक अपंगता पर-2.50 लाख
सात दिन से अधिक भर्ती-16 हजार रुपये अतिरिक्त
सात दिन से कम भर्ती होने पर 5400 रुपये अतिरिक्त
घरेलू सामान क्षति पर 2500 रुपये
दुधारू गाय, भैंस की मौत पर 37,500 रुपये
भेड़ बकरी व सुअर के मरने पर चार हजार रुपये
ऊंट, घोड़ा, बैल के मृत होने पर 32 हजार रुपये
बछड़ा व गधा की मौत पर 20 हजार रुपये
मकान पूर्ण क्षतिग्रस्त होने पर 1.20 लाख रुपये
मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने पर 6500 रुपये
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पांच साल में बिजली गिरने से क्षति और राहत राशि वितरण पर एक नजर
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अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि जब आसमान में तेज गर्जना हो पेड़ के नीचे खड़े न हों, साथ ही मोबाइल पर दामिनी एप डाउनलोड करें। जिससे तीन घंटे पहले अपने आसपास गाज की गिरने की सूचना मिल सके। भूमि में खनिज तत्वों की अधिकता से बिजली (गाज) गिरने की घटनाएं अधिक होने का एक कारण माना जाता है। गाज से प्रभावित परिवारों को 48 घंटे के भीतर राहत राशि पहुंचा दी जाती है।
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वर्जन
सर्वाधिक बिजली गिरने वाले क्षेत्रों का सर्वे कराया गया था। जिसमें धौरीसागर गांव में गाज गिरने की अधिक घटनाएं होने के कारण गांव की सभी सरकारी इमारतों पर तड़ित चालक लगवा रहे हैं। यदि इससे बिजली गिरने की घटनाएं कम होती हैं तो सभी ग्राम पंचायतों में यंत्र लगाने का कार्य कराया जाएगा। -अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी