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Jhansi News: 7.41 करोड़ खर्च, आंतिया ताल में न बोटिंग शुरू, न कैफेटेरिया
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आठ महीने पहले पूरा हो चुका काम, नाले का भी गंदा पानी गिर रहा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आंतिया ताल के सौंदर्यीकरण के लिए स्मार्ट सिटी के तहत 7.41 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए हैं। काम पूरा हुए आठ महीने से भी ज्यादा समय बीत गया है मगर यहां न तो बोटिंग शुरू हो सकी है और न ही कैफेटेरिया। यहां पर नाले का पानी गिरने से ताल का जल भी गंदा हो गया है।
स्मार्ट सिटी के तहत आंतिया ताल को खूबसूरत बनाने के लिए काफी काम कराया गया है। यहां का पानी भी साफ कराया गया था। फाउंटेन लगा दिए गए। बोटिंग प्लाजा भी बनकर तैयार हो गया। कैफेटेरिया भी बन गया। स्मार्ट सिटी के तहत इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में तैयार तो कर दिया गया। मगर जिस उद्देश्य के साथ करोड़ों रुपये खर्च हुए, वो अब तक पूरा नहीं हो सका है। यहां पर न तो लोग बोटिंग का लुत्फ उठा पा रहे हैं। न ही कैफेटेरिया शुरू हुआ है। दूसरी तरफ, क्षेत्रीय पार्षद लखन कुशवाहा ने बताया कि ताल में नाले का पानी अभी भी गिर रहा है। इससे पानी का रंग काला पड़ गया है। आसपास दुर्गंध भी फैली रहती है। वहीं, स्मार्ट सिटी की सलाहकार समिति पीएमसी के नोडल हेड केबी सिंह ने बताया कि बोटिंग आदि का टेंडर खोला जा चुका है। मगर मेहंदीबाग से पठौरिया तक नाले का निर्माण चल रहा है। ये काम पूरा होते ही ताल में नाले का पानी गिरना बंद हो जाएगा। फिर बोटिंग आदि भी शुरू हो जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आंतिया ताल के सौंदर्यीकरण के लिए स्मार्ट सिटी के तहत 7.41 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए हैं। काम पूरा हुए आठ महीने से भी ज्यादा समय बीत गया है मगर यहां न तो बोटिंग शुरू हो सकी है और न ही कैफेटेरिया। यहां पर नाले का पानी गिरने से ताल का जल भी गंदा हो गया है।
स्मार्ट सिटी के तहत आंतिया ताल को खूबसूरत बनाने के लिए काफी काम कराया गया है। यहां का पानी भी साफ कराया गया था। फाउंटेन लगा दिए गए। बोटिंग प्लाजा भी बनकर तैयार हो गया। कैफेटेरिया भी बन गया। स्मार्ट सिटी के तहत इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में तैयार तो कर दिया गया। मगर जिस उद्देश्य के साथ करोड़ों रुपये खर्च हुए, वो अब तक पूरा नहीं हो सका है। यहां पर न तो लोग बोटिंग का लुत्फ उठा पा रहे हैं। न ही कैफेटेरिया शुरू हुआ है। दूसरी तरफ, क्षेत्रीय पार्षद लखन कुशवाहा ने बताया कि ताल में नाले का पानी अभी भी गिर रहा है। इससे पानी का रंग काला पड़ गया है। आसपास दुर्गंध भी फैली रहती है। वहीं, स्मार्ट सिटी की सलाहकार समिति पीएमसी के नोडल हेड केबी सिंह ने बताया कि बोटिंग आदि का टेंडर खोला जा चुका है। मगर मेहंदीबाग से पठौरिया तक नाले का निर्माण चल रहा है। ये काम पूरा होते ही ताल में नाले का पानी गिरना बंद हो जाएगा। फिर बोटिंग आदि भी शुरू हो जाएगी।
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