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डॉक्टर्स के मकानों में टपकती हैं छतें, सीलन से भरी दीवारें-City
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:46 PM IST
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दरवाजों में घुन, सीलन भरी दीवारें और छतों से टपकता पानी
- मेडिकल कॉलेज कैंपस का आवासीय परिसर बदहाल
- डाक्टरों के सरकारी घरों का इलाज नहीं, अनदेखी हो रही
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर्स कॉलोनी बदहाल है। मकानों की छतों से पानी टपकता रहता है। दीवारों में सीलन बनी रहती है। कई साल से पुताई नहीं कराई गई है। दरवाजों को घुन ने खोखला कर दिया है। अव्यवस्थाओं के भरे इन घरों में डॉक्टर अपने परिवार के साथ रह रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज कैंपस में लगभग 60 डॉक्टरों के घर बने हुए हैं। इनमें कुछ घरों में हाल ही में रहने आए डॉक्टरों ने तो घरों की मरम्मत करा ली है लेकिन अधिकतर आवास बदहाली से जूझ रहे हैं। भूतल के कई आवासों में ऊपरी मंजिल के घरों में बने शौचालय का पानी टपकता है। दीवारें सीलन से भरी हुई हैं। कई डॉक्टर के घरों के शौचालय चोक हो गए हैं। डॉक्टर किसी समस्या का समाधान कराते हैं, तो उन्हें दूसरी समस्या से जूझना पड़ जाता है। इससे वह बदहाली में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। बताया गया कि आवासों के अंदर तो पिछले साल पुताई करवाई गई थी लेकिन बाहरी दीवारों की पुताई हुए चार साल से अधिक समय बीत चुका है।
बॉक्स..
खुले में शौच को मजबूर
मेडिकल कॉलेज परिसर में बीस प्रोफेसर के हैं। नियमत: प्रोफेसरों के घरों में सर्वेंट क्वार्टर तो बने हुए हैं लेकिन इनमें से किसी में भी शौचालय नहीं बना है। ऐसे में कर्मचारी व उनके परिवार के सदस्य खुले में शौच कर रहे हैं। इससे आवासीय परिसर में जगह-जगह गंदगी पड़ी रहती है। डॉक्टर मॉर्निंग वॉक नहीं कर पाते हैं। रास्ते से गुजरने पर बदबू आती रहती है। संक्रमण फैलने का भी खतरा बना है।
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झाड़ियों में सांप
मेडिकल कॉलेज परिसर में जगह-जगह झाड़-झंकाड़ हैं। कहीं-कहीं तो इनकी ऊंचाई पांच से सात फीट तक हैं। सांप समेत कई जहरीले जंतु इसमें पनपते हैं। कई बार सांप डॉक्टरों के घरों में घुस चुका है। सड़क पर भी सांप घूमता दिख जाता है, इससे डॉक्टरों, छोटे बच्चों समेत परिवार को जान का खतरा बना रहता है।
बॉक्स..
डॉक्टर बोले
.................
... तो धरने पर बैठूंगा
घरों के दरवाजों को दीमक खा गई है। बाथरूम में पिछले कई सालों से पानी टपक रहा है। पुताई नहीं हुई है। प्राचार्य को पत्र लिखकर समस्याएं बताई हैं। कार्रवाई नहीं होती तो धरने पर बैठ जाऊंगा। - डॉ. पंकज सोनकिया।
डॉक्टर कॉलोनी लगती नहीं
तीन महीने से गंदगी भरी होने के कारण बाथरूम की लाइन चोक है। कई बार अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या के निस्तारण की मांग की जा चुकी है। लगता नहीं है कि डॉक्टर कॉलोनी में रह रहे। - डॉ. सतेंद्र राजपूत।
सीलन से आ रहा था करंट
आवासीय परिसर में पानी की निकासी ठीक से नहीं होती है। दीवारों में सीलन आ जाने से करंट आ रहा था। खुद के पैसे से ठीक कराया है। छत पर रखी पानी की टंकियां चूने लगी हैं। - डॉ. राजकुमार वर्मा।
वर्जन..
जल्द होगा समाधान
हाल ही में शासन के अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक में डॉक्टरों के घरों की समस्या बताई गई थी। अधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी को जर्जर मकानों को ढहाने व अन्य की मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही सर्वे कराकर मकानों की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके बाद मरम्मत होगी।
- डॉ. ओमशंकर चौरसिया, आवासीय परिसर इंचार्ज।
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दरवाजों में घुन, सीलन भरी दीवारें और छतों से टपकता पानी
- मेडिकल कॉलेज कैंपस का आवासीय परिसर बदहाल
- डाक्टरों के सरकारी घरों का इलाज नहीं, अनदेखी हो रही
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर्स कॉलोनी बदहाल है। मकानों की छतों से पानी टपकता रहता है। दीवारों में सीलन बनी रहती है। कई साल से पुताई नहीं कराई गई है। दरवाजों को घुन ने खोखला कर दिया है। अव्यवस्थाओं के भरे इन घरों में डॉक्टर अपने परिवार के साथ रह रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज कैंपस में लगभग 60 डॉक्टरों के घर बने हुए हैं। इनमें कुछ घरों में हाल ही में रहने आए डॉक्टरों ने तो घरों की मरम्मत करा ली है लेकिन अधिकतर आवास बदहाली से जूझ रहे हैं। भूतल के कई आवासों में ऊपरी मंजिल के घरों में बने शौचालय का पानी टपकता है। दीवारें सीलन से भरी हुई हैं। कई डॉक्टर के घरों के शौचालय चोक हो गए हैं। डॉक्टर किसी समस्या का समाधान कराते हैं, तो उन्हें दूसरी समस्या से जूझना पड़ जाता है। इससे वह बदहाली में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। बताया गया कि आवासों के अंदर तो पिछले साल पुताई करवाई गई थी लेकिन बाहरी दीवारों की पुताई हुए चार साल से अधिक समय बीत चुका है।
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खुले में शौच को मजबूर
मेडिकल कॉलेज परिसर में बीस प्रोफेसर के हैं। नियमत: प्रोफेसरों के घरों में सर्वेंट क्वार्टर तो बने हुए हैं लेकिन इनमें से किसी में भी शौचालय नहीं बना है। ऐसे में कर्मचारी व उनके परिवार के सदस्य खुले में शौच कर रहे हैं। इससे आवासीय परिसर में जगह-जगह गंदगी पड़ी रहती है। डॉक्टर मॉर्निंग वॉक नहीं कर पाते हैं। रास्ते से गुजरने पर बदबू आती रहती है। संक्रमण फैलने का भी खतरा बना है।
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झाड़ियों में सांप
मेडिकल कॉलेज परिसर में जगह-जगह झाड़-झंकाड़ हैं। कहीं-कहीं तो इनकी ऊंचाई पांच से सात फीट तक हैं। सांप समेत कई जहरीले जंतु इसमें पनपते हैं। कई बार सांप डॉक्टरों के घरों में घुस चुका है। सड़क पर भी सांप घूमता दिख जाता है, इससे डॉक्टरों, छोटे बच्चों समेत परिवार को जान का खतरा बना रहता है।
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डॉक्टर बोले
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... तो धरने पर बैठूंगा
घरों के दरवाजों को दीमक खा गई है। बाथरूम में पिछले कई सालों से पानी टपक रहा है। पुताई नहीं हुई है। प्राचार्य को पत्र लिखकर समस्याएं बताई हैं। कार्रवाई नहीं होती तो धरने पर बैठ जाऊंगा। - डॉ. पंकज सोनकिया।
डॉक्टर कॉलोनी लगती नहीं
तीन महीने से गंदगी भरी होने के कारण बाथरूम की लाइन चोक है। कई बार अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या के निस्तारण की मांग की जा चुकी है। लगता नहीं है कि डॉक्टर कॉलोनी में रह रहे। - डॉ. सतेंद्र राजपूत।
सीलन से आ रहा था करंट
आवासीय परिसर में पानी की निकासी ठीक से नहीं होती है। दीवारों में सीलन आ जाने से करंट आ रहा था। खुद के पैसे से ठीक कराया है। छत पर रखी पानी की टंकियां चूने लगी हैं। - डॉ. राजकुमार वर्मा।
वर्जन..
जल्द होगा समाधान
हाल ही में शासन के अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक में डॉक्टरों के घरों की समस्या बताई गई थी। अधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी को जर्जर मकानों को ढहाने व अन्य की मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही सर्वे कराकर मकानों की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके बाद मरम्मत होगी।
- डॉ. ओमशंकर चौरसिया, आवासीय परिसर इंचार्ज।