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गारंटरों के चलते बैंकों का 650 करोड़ रुपये एनपीए

Sat, 22 May 2021 01:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 May 2021 01:52 AM IST
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650 crore bank npa due to guarators
झांसी। गारंटरों की जवाबदेही नहीं होने के कारण झांसी में बैंकों का 650 करोड़ रुपये एनपीए हो चुका है। यानी यह पैसा बट्टेखाते में जा चुका है। इन पैसों को वापस वसूलने में बैंकों का पसीना निकल आया लेकिन न कर्जदार हाथ आ रहे हैं और न गारंटर।
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बैंक अपने ऋण की सुरक्षा के लिए कर्ज लेने वाले से गारंटर की मांग करते हैं लेकिन, तमाम मामलों में देखने में आया है कि ऋण वापस देने में गारंटर बैंक के सामने नहीं आते हैं। न कर्जधारक बैंक को मिलता है न गारंटी देने वाला गारंटर सामने आता है। ऐसे में बैंकों पर एनपीए (नान परफारमेंस एसेट) का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। सिर्फ झांसी में ही बैंकों का कुल एनपीए 650 करोड़ रुपये के करीब पहुंच चुका है। इनमें एसबीआई, पीएनबी, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक जैसे राष्ट्रीयकृत बैंकों के एनपीए शामिल हैं।
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बैंक अधिकारियों का कहना है कि अभी तक भारी- भरकम गारंटी देने वाले के बारे में स्पष्ट निर्देश नहीं थे। उसमें सिर्फ ऋण लेने वाले के बारे में ही कार्रवाई का प्रावधान था, लेकिन गारंटर के मामले में कुछ नहीं होता था। अब नियम में संशोधन के बाद गारंटर को भी कर्जधारक के साथ- साथ नोटिस देने का प्रावधान कर दिया है।
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बैंक काफी पहले से इस प्रावधान के मुताबिक काम कर रहे हैं। एनपीए होने पर बैंक की ओर से ऋणी के साथ- साथ गारंटर को भी नोटिस भेजा जाता है। - अरुण कुमार
लीड बैंक मैनेजर
मृत्यु के बाद भी नहीं खत्म होगी गारंटर की जवाबदेही
आमतौर पर गारंटर दस्तावेजों पर बिना पढ़े और समझे ही हस्ताक्षर कर देते हैं लेकिन, अब इसमें खतरे बढ़ गए हैं। गारंटर बनने के दायित्व जोखिम भरे हो गए हैं। गारंटर बनने के बाद व्यक्ति को बैंक के उन सभी नियमों का पालन करना होगा, जिसमें उसने हस्ताक्षर किए हैं। यदि कोई व्यक्ति बैंक का कर्ज वापस नहीं कर रहा है तो इसकी वसूली गारंटर से की जा सकेगी। यह गारंटर की सबसे अहम जवाबदेही होगी। कर्जधारक की मौत होने पर भी गारंटर की जवाबदेही समाप्त नहीं होगी बल्कि इन हालातों में कर्जधारक का खाता फ्रीज कर दिया जाएगा। बैंक ऋणी और गारंटर के खिलाफ एक साथ वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई कर सकता है। बैंकों के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वह पहले ऋणी के खिलाफ कार्रवाई करे।
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