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प्रत्याशियो ने जुटाई वोटरों की कुंडली
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प्रत्याशियों ने जुटाई वोटरों की कुंडली
झांसी। चुनाव की तिथि करीब आते ही पार्टी और प्रत्याशियों ने मतदाताओं की कुंडली जुटा ली है। प्रत्याशियों ने पुराने लोकसभा व विधानसभा नतीजों से पूरा चुनावी समीकरण बैठाना शुरू कर दिया है। इसके लिए बाकायदा पुराने प्रत्याशियोें से लेकर कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से फीडबैक लिया जा रहा है। प्रचार का वक्त कम है, इसलिए फोकस उन इलाकों पर हो रहा है, जहां से वोट पक्के हैं।
झांसी-लोकसभा सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होना है। इसके लिए सभी प्रत्याशियों ने मतदाताओं को अपने-अपने पक्ष में करने की पूरी रणनीति तैयार कर रखी है। प्रत्याशियोें की घोषणा होने के बाद से ही प्रमुख दलों ने मतदाताओं की कुंडली बनाने का काम शुरू कर दिया था, जो अब जाकर ऐन वक्त पर खत्म हुआ है। इनमें यह भांपा जा रहा है कि पिछले चुनावों में कहां-कहां के इलाकों से वोट नहीं मिले थे। इनमें लोकसभा से लेकर विधानसभा व मेयर के चुनावों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। यह खंगाला जा रहा है कि किस बूथ पर पार्टी कमजोर रही और किसमें सर्वाधिक वोट मिले। यदि वोट कम मिले हैं तो उसकी भरपाई करने की कोशिश मेें प्रत्याशी जुट गए हैं। उन इलाकों में अलग-अलग पदाधिकारियों को भेजना भी शुरू कर दिया है और उनको अधिक से अधिक समय बिताने को भी कहा गया है, ताकि पिछले चुनाव में हुई कमी की भरपाई की जा सके।
इसमेें यह भी देखा जा रहा है कि बूथ स्तर पर किस पार्टी को अधिक समर्थन मिला, इसका ब्योरा बनाकर रखा जा चुका है। सूत्रों की मानें तो प्रत्याशियों ने अलग-अलग श्रेणी बनाकर बूथों को बांटा है। इसमें ए से लेकर डी श्रेणी रखी गई है।
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तय की गई ग्रेडिंग
ए ग्रेड: ऐसे बूथ जहां पार्टी को 75 फीसदी से ज्यादा वोट मिले।
बी ग्रेड: वो बूथ जहां से पार्टी को 50 फीसदी वोट मिले।
सी ग्रेड: ऐसे बूथ जहां पार्टी को कभी 50 से कम या ज्यादा वोट मिले।
डी ग्रेड: ऐसे बूथ जिनमें पार्टी को हमेशा हार मिली है।
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झांसी। चुनाव की तिथि करीब आते ही पार्टी और प्रत्याशियों ने मतदाताओं की कुंडली जुटा ली है। प्रत्याशियों ने पुराने लोकसभा व विधानसभा नतीजों से पूरा चुनावी समीकरण बैठाना शुरू कर दिया है। इसके लिए बाकायदा पुराने प्रत्याशियोें से लेकर कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों से फीडबैक लिया जा रहा है। प्रचार का वक्त कम है, इसलिए फोकस उन इलाकों पर हो रहा है, जहां से वोट पक्के हैं।
झांसी-लोकसभा सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होना है। इसके लिए सभी प्रत्याशियों ने मतदाताओं को अपने-अपने पक्ष में करने की पूरी रणनीति तैयार कर रखी है। प्रत्याशियोें की घोषणा होने के बाद से ही प्रमुख दलों ने मतदाताओं की कुंडली बनाने का काम शुरू कर दिया था, जो अब जाकर ऐन वक्त पर खत्म हुआ है। इनमें यह भांपा जा रहा है कि पिछले चुनावों में कहां-कहां के इलाकों से वोट नहीं मिले थे। इनमें लोकसभा से लेकर विधानसभा व मेयर के चुनावों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है। यह खंगाला जा रहा है कि किस बूथ पर पार्टी कमजोर रही और किसमें सर्वाधिक वोट मिले। यदि वोट कम मिले हैं तो उसकी भरपाई करने की कोशिश मेें प्रत्याशी जुट गए हैं। उन इलाकों में अलग-अलग पदाधिकारियों को भेजना भी शुरू कर दिया है और उनको अधिक से अधिक समय बिताने को भी कहा गया है, ताकि पिछले चुनाव में हुई कमी की भरपाई की जा सके।
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इसमेें यह भी देखा जा रहा है कि बूथ स्तर पर किस पार्टी को अधिक समर्थन मिला, इसका ब्योरा बनाकर रखा जा चुका है। सूत्रों की मानें तो प्रत्याशियों ने अलग-अलग श्रेणी बनाकर बूथों को बांटा है। इसमें ए से लेकर डी श्रेणी रखी गई है।
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तय की गई ग्रेडिंग
ए ग्रेड: ऐसे बूथ जहां पार्टी को 75 फीसदी से ज्यादा वोट मिले।
बी ग्रेड: वो बूथ जहां से पार्टी को 50 फीसदी वोट मिले।
सी ग्रेड: ऐसे बूथ जहां पार्टी को कभी 50 से कम या ज्यादा वोट मिले।
डी ग्रेड: ऐसे बूथ जिनमें पार्टी को हमेशा हार मिली है।