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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सरकारी संपति बर्बाद करने वाले जूडा पर कार्रवाई नहीं
Thu, 17 Jan 2019 01:58 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 17 Jan 2019 01:58 AM IST
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में कॉटरी मशीन को तोड़कर सरकारी संपत्ति बर्बाद करने वाले जूनियर डॉक्टर के खिलाफ छह दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। कॉलेज प्रशासन सर्जरी विभागाध्यक्ष को कार्रवाई के लिए पत्र लिख चुका है।
मेडिकल कॉलेज में छह दिन पूर्व एपेंडिक्स के मरीज का सर्जरी विभाग में ऑपरेशन चल रहा था। जैसे ही केस खत्म हुआ, तो जूनियर डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान नहीं चलने वाली कॉटरी मशीन को उठाकर बाहर फेंक दिया। इससे मशीन टूट गई और उसके टुकड़े-टुकड़े हो गए। इन सब बातों का उल्लेख करते हुए सिस्टर इंचार्ज ने कॉलेज प्रशासन से मामले की शिकायत की। पत्र में लिखा गया कि मशीन तोड़ने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी मशीन सही तरीके से नहीं चल रही है। उसे बदलवाने का यही तरीका है।
बताया गया कि ये मशीन पहले खराब हो गई थी तो कॉलेज प्रशासन ने नई लीड मंगवाकर सुधरवा दी थी। इसके बाद से मशीन काम कर रही थी लेकिन ऑपरेशन के दौरान मशीन में कोई परेशानी भी आई तो उसे तोड़ने का अधिकार जूनियर डॉक्टरों को किसने दिया। यह सीधे सरकारी संपत्ति का नुकसान है। शिकायत के तीन दिन बाद तक कॉलेज प्रशासन इस प्रकरण में चुप्पी साधे रहा। अमर उजाला ने घटना को लेकर जब कॉलेज के अधिकारियों से बात की तब जाकर सर्जरी विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर आरोपी जूनियर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया। अब प्रकरण को छह दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद कार्रवाई को लेकर कुछ कदम नहीं उठाया गया है। इससे आरोपी जूनियर डॉक्टर के हौसले बुलंद हैं।
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एक से डेढ़ लाख की मशीन
सामान्य कॉटरी मशीन की कीमत एक से डेढ़ लाख रुपये है। कॉलेज प्रशासन नई मशीन की खरीद करने पर विचार कर रहा है। इन एक लाख रुपये में न जाने कितने मरीजों की दवा आ सकती थी, जिससे कॉलेज प्रशासन कॉटरी मशीन खरीदने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वास्थ्य योजनाओं पर फोकस है। झांसी मेडिकल कॉलेज को वह भरपूर बजट दे रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि मरीजों के हित में आने वाले पैसे को क्या जानबूझकर तोड़ी जाने वाली मशीनों की दोबारा खरीद पर खर्च किया जाएगा?
सर्जरी विभागाध्यक्ष छुट्टी पर चल रहे थे। अब उन्होंने ज्वाइन कर लिया है। आरोपी जूनियर डॉक्टर को बख्शा नहीं जाएगा। हर हाल में कार्रवाई होगी। - डॉ. साधना कौशिक, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
मेडिकल कॉलेज में छह दिन पूर्व एपेंडिक्स के मरीज का सर्जरी विभाग में ऑपरेशन चल रहा था। जैसे ही केस खत्म हुआ, तो जूनियर डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान नहीं चलने वाली कॉटरी मशीन को उठाकर बाहर फेंक दिया। इससे मशीन टूट गई और उसके टुकड़े-टुकड़े हो गए। इन सब बातों का उल्लेख करते हुए सिस्टर इंचार्ज ने कॉलेज प्रशासन से मामले की शिकायत की। पत्र में लिखा गया कि मशीन तोड़ने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी मशीन सही तरीके से नहीं चल रही है। उसे बदलवाने का यही तरीका है।
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बताया गया कि ये मशीन पहले खराब हो गई थी तो कॉलेज प्रशासन ने नई लीड मंगवाकर सुधरवा दी थी। इसके बाद से मशीन काम कर रही थी लेकिन ऑपरेशन के दौरान मशीन में कोई परेशानी भी आई तो उसे तोड़ने का अधिकार जूनियर डॉक्टरों को किसने दिया। यह सीधे सरकारी संपत्ति का नुकसान है। शिकायत के तीन दिन बाद तक कॉलेज प्रशासन इस प्रकरण में चुप्पी साधे रहा। अमर उजाला ने घटना को लेकर जब कॉलेज के अधिकारियों से बात की तब जाकर सर्जरी विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर आरोपी जूनियर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया। अब प्रकरण को छह दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद कार्रवाई को लेकर कुछ कदम नहीं उठाया गया है। इससे आरोपी जूनियर डॉक्टर के हौसले बुलंद हैं।
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एक से डेढ़ लाख की मशीन
सामान्य कॉटरी मशीन की कीमत एक से डेढ़ लाख रुपये है। कॉलेज प्रशासन नई मशीन की खरीद करने पर विचार कर रहा है। इन एक लाख रुपये में न जाने कितने मरीजों की दवा आ सकती थी, जिससे कॉलेज प्रशासन कॉटरी मशीन खरीदने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वास्थ्य योजनाओं पर फोकस है। झांसी मेडिकल कॉलेज को वह भरपूर बजट दे रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि मरीजों के हित में आने वाले पैसे को क्या जानबूझकर तोड़ी जाने वाली मशीनों की दोबारा खरीद पर खर्च किया जाएगा?
सर्जरी विभागाध्यक्ष छुट्टी पर चल रहे थे। अब उन्होंने ज्वाइन कर लिया है। आरोपी जूनियर डॉक्टर को बख्शा नहीं जाएगा। हर हाल में कार्रवाई होगी। - डॉ. साधना कौशिक, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।