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पेयजल योजना पिछड़ी....अभी रहेगा पानी का संकट
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झांसी। जहां एक ओर प्रदेश सरकार सूखे क्षेत्रों को तरबतर करने के लिए योजनाएं चला रही है। तो वहीं, दूसरी तरफ काम में लापरवाही कर अधिकारी और ठेकेदार योजनाओं को पलीता लगा रहे हैं। ऐसे में 55 करोड़ की लागत से झांसी गुरसराय, गरौठा में पेयजल पुनर्गठन योजना चल रही है। जिसको जनवरी 2022 में पूरा करना था लेकिन अब तक यह परवान नहीं चढ़ पाई है। जिससे गरौठा व गुरसराय की जनता अब तक प्यासी है।
दरअसल, महानगर के गरौठा व गुरसराय क्षेत्र सामान्य से ज्यादा सूखग्रस्त की श्रेणी में आता है। ऐसे में सरकार द्वारा पेयजल पुनर्गठन योजना से क्षेत्र में बांध से पानी लाना, पाइपलाइन बिछाना, फिल्टर और टंकी का निर्माण कराना था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण धीमी प्रगति से काम हो रहा है। ऐसे में यह योजना अब मार्च 2023 में पूरी होगी। इससे क्षेत्र की जनता तब तक प्यासी रहेगी।
गरौठा विधायक ने की थी शिकायत
योजना एक जनवरी 2019 में शुरू हुई थी। इसके बावजूद गुरसराय में काम धीमा चल रहा है। वहीं, गरौठा में शुरू नहीं हो पाया है। जबकि सरकार ने भरपूर बजट दिया है। काम पूरा न होने की वजह से क्षेत्र की जनता अब तक प्यासी है। समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए गरौठा विधायक जवाहर राजपूत ने इसकी शिकायत मुख्य सचिव से करते हुए फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की है।
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डीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया। जिसमें काम की धीमी प्रगति पर कार्यदायी संस्था जियो मिलर एंड कंपनी प्रा. लि के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत संबंधित पर एफआईआर कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने क हा कि तय समय पर काम पूरा नहीं होता है तो फर्म को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।
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दरअसल, महानगर के गरौठा व गुरसराय क्षेत्र सामान्य से ज्यादा सूखग्रस्त की श्रेणी में आता है। ऐसे में सरकार द्वारा पेयजल पुनर्गठन योजना से क्षेत्र में बांध से पानी लाना, पाइपलाइन बिछाना, फिल्टर और टंकी का निर्माण कराना था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण धीमी प्रगति से काम हो रहा है। ऐसे में यह योजना अब मार्च 2023 में पूरी होगी। इससे क्षेत्र की जनता तब तक प्यासी रहेगी।
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गरौठा विधायक ने की थी शिकायत
योजना एक जनवरी 2019 में शुरू हुई थी। इसके बावजूद गुरसराय में काम धीमा चल रहा है। वहीं, गरौठा में शुरू नहीं हो पाया है। जबकि सरकार ने भरपूर बजट दिया है। काम पूरा न होने की वजह से क्षेत्र की जनता अब तक प्यासी है। समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए गरौठा विधायक जवाहर राजपूत ने इसकी शिकायत मुख्य सचिव से करते हुए फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की है।
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डीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया। जिसमें काम की धीमी प्रगति पर कार्यदायी संस्था जियो मिलर एंड कंपनी प्रा. लि के प्रोजेक्ट मैनेजर समेत संबंधित पर एफआईआर कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने क हा कि तय समय पर काम पूरा नहीं होता है तो फर्म को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।