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फर्जीवाड़ा: विकास को आया 53 लाख पी गईं पंचायतें
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झांसी। गांवों के विकास की खातिर मिलने वाला पैसा खर्च करने में पंचायतों की मनमानी हावी है। कई पंचायतें आडिट में पकड़ी गई हैं। बबीना की चमरौआ ग्राम पंचायत में सर्वाधिक 49.88 लाख रुपये की गड़बड़ी पकड़ में आई। यहां लाखों रुपये से निर्माण कार्य कराए गए लेकिन, इसका कोई हिसाब-किताब नहीं है। गड़बड़ी सामने आने पर प्रधान एवं सचिव को नोटिस थमाया गया है।
गांव में विकास कार्य करने को ग्राम विकास निधि समेत चतुर्थ वित्त आयोग एवं केंद्रीय वित्त आयोग से मोटी रकम मिलती है। ग्राम प्रधान एवं सचिव इसे खर्च करते हैं लेकिन, सख्त निगरानी न होने से अक्सर गड़बड़ियां सामने आतीं हैं। पंचायतों की हालिया आडिट रिपोर्ट (2019-20) के मुताबिक बबीना ब्लॉक की चमरौआ ग्राम पंचायत ने 49.88 लाख से निर्माण संबंधी कार्य कराए। वित्तीय वर्ष खत्म होेने के बाद जब आडिट शुरू हुआ तब पंचायत अफसर कोई कागज पेश नहीं कर सके। सचिव समेत ग्राम प्रधान से भी कई बाद ब्यौरा मांगने पर नहीं दिया गया। आखिरकार अगस्त महीने में सहकारी समितियां एवं पंचायतें लेखा परीक्षा विभाग ने तत्कालीन ग्राम प्रधान लीलावती एवं सचिव संजय गोस्वामी पर अधिभार की कार्रवाई शुरू की। इन दोनों को कुल 4988431 रुपये की देनदारी तय की गई है। इसी ब्लॉक की करीब तीन लाख रुपये का हिसाब अन्य पंचायतों से भी नहीं मिला। वहीं, जिला लेखा परीक्षक अधिकारी विवेक कुमार सिंह के मुताबिक पिछले माह प्रधान एवं सचिव को नोटिस दी गई है।
इसके परिपालन के लिए सचिव एवं ग्राम प्रधान को पंद्रह दिन का समय दिया गया है। परिपालन आख्या न मिलने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जगदीश राम
डीपीआरओ
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गांव में विकास कार्य करने को ग्राम विकास निधि समेत चतुर्थ वित्त आयोग एवं केंद्रीय वित्त आयोग से मोटी रकम मिलती है। ग्राम प्रधान एवं सचिव इसे खर्च करते हैं लेकिन, सख्त निगरानी न होने से अक्सर गड़बड़ियां सामने आतीं हैं। पंचायतों की हालिया आडिट रिपोर्ट (2019-20) के मुताबिक बबीना ब्लॉक की चमरौआ ग्राम पंचायत ने 49.88 लाख से निर्माण संबंधी कार्य कराए। वित्तीय वर्ष खत्म होेने के बाद जब आडिट शुरू हुआ तब पंचायत अफसर कोई कागज पेश नहीं कर सके। सचिव समेत ग्राम प्रधान से भी कई बाद ब्यौरा मांगने पर नहीं दिया गया। आखिरकार अगस्त महीने में सहकारी समितियां एवं पंचायतें लेखा परीक्षा विभाग ने तत्कालीन ग्राम प्रधान लीलावती एवं सचिव संजय गोस्वामी पर अधिभार की कार्रवाई शुरू की। इन दोनों को कुल 4988431 रुपये की देनदारी तय की गई है। इसी ब्लॉक की करीब तीन लाख रुपये का हिसाब अन्य पंचायतों से भी नहीं मिला। वहीं, जिला लेखा परीक्षक अधिकारी विवेक कुमार सिंह के मुताबिक पिछले माह प्रधान एवं सचिव को नोटिस दी गई है।
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इसके परिपालन के लिए सचिव एवं ग्राम प्रधान को पंद्रह दिन का समय दिया गया है। परिपालन आख्या न मिलने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जगदीश राम
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