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पार्वो वायरस ने तीन महीने में ली 50 पालतू कुत्तों की जान
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झांसी। एक के बाद एक वायरसों का हमला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंसानों पर कोरोना वायरस संक्रमण के बाद पक्षियों पर बर्ड फ्लू का खौफ रहा अब जिले के कुत्तों पर पार्वो वायरस ने हमला बोल दिया है। इस वायरस के संक्रमण से जिले भर में तीन माह के भीतर ही पचास से अधिक पालतू कुत्तों की मौत हो गई है। वहीं, जिला पशु चिकित्सालय में रोजाना बीस से अधिक कुत्तों का इलाज किया जा रहा है।
मौसम बदलते ही कुत्तों में पार्वो वायरस का खतरा बढ़ जाता है। कुत्तों का नियमित वैक्सीनेशन होने पर वह इस वायरस की चपेट में आने से बच जाता है। लेकिन जिन कुत्तों का वैक्सीनेशन नहीं होता है वह इस घातक बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। पार्वो वायरस एक विषाणु जनित रोग है। जो कुत्तों की आंत में अवरोध पैदा करता है। जिससे आंत में संक्रमण हो जाता है। इस बीमारी के लक्षण दिखाई देने के बाद सही समय से उपचार नहीं होने पर कुत्तों की मौत हो जाती है।
विदेशी नस्ल के कुत्तों में यह संक्रमण तेजी से फैलता है। संक्रमण के बाद एक से डेढ़ माह के भीतर ही कुत्ता मर जाता है। इस संबंध में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सुरेश कुमार ने बताया की कुत्तों में पार्वो वायरस तेजी से फैल रहा है। इस बीमारी से अब तक पचास से अधिक कुत्तों की मौत हो गई है। जबकि रोजाना बीस कुत्तों का इलाज किया जा रहा है। नियमित वैक्सीन नहीं होने के कारण कुत्ते इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं।
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ये हैं लक्षण
- कुत्ता खाना पीना छोड़ देता है।
- खूनी दस्त करने लगता है।
- सुस्त हो जाता है।
- कुछ भी खाने पर तुरंत उल्टी होती है।
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मौसम बदलते ही कुत्तों में पार्वो वायरस का खतरा बढ़ जाता है। कुत्तों का नियमित वैक्सीनेशन होने पर वह इस वायरस की चपेट में आने से बच जाता है। लेकिन जिन कुत्तों का वैक्सीनेशन नहीं होता है वह इस घातक बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। पार्वो वायरस एक विषाणु जनित रोग है। जो कुत्तों की आंत में अवरोध पैदा करता है। जिससे आंत में संक्रमण हो जाता है। इस बीमारी के लक्षण दिखाई देने के बाद सही समय से उपचार नहीं होने पर कुत्तों की मौत हो जाती है।
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विदेशी नस्ल के कुत्तों में यह संक्रमण तेजी से फैलता है। संक्रमण के बाद एक से डेढ़ माह के भीतर ही कुत्ता मर जाता है। इस संबंध में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सुरेश कुमार ने बताया की कुत्तों में पार्वो वायरस तेजी से फैल रहा है। इस बीमारी से अब तक पचास से अधिक कुत्तों की मौत हो गई है। जबकि रोजाना बीस कुत्तों का इलाज किया जा रहा है। नियमित वैक्सीन नहीं होने के कारण कुत्ते इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं।
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ये हैं लक्षण
- कुत्ता खाना पीना छोड़ देता है।
- खूनी दस्त करने लगता है।
- सुस्त हो जाता है।
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