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4774.77 क्विंटल अनाज का बनेगा पुष्टाहार
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झांसी। गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के बीच वितरित होने वाले पुष्टाहार के लिए अनाज मुहैया करा दिया गया है। जनपद को पोषाहार केलिए 4774.77 क्विंटल खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है। इसमें 3754.36 क्ंिवटल गेहूं एवं 1020.41 क्ंिवटल चावल शामिल है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इनसे पुष्टाहार बनाएंगी।
पुष्टाहार वितरण में बदलाव करते हुए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी गई है। इसके पहले यह काम बड़ी-बड़ी पंजीरी कंपनियों के पास था। प्रदेश स्तर पर भारी वित्तीय गड़बड़ियों के मिलने पर सरकार ने इनका अनुबंध निरस्त करके इसे स्वयं सहायता समूहों से कराने का निर्णय लिया। सबसे बड़ी परेशानी समूहों तक खाद्यान्न पहुंचाने की थी। शासन स्तर पर काफी दिनों से मंथन चल रहा था। विचार-विर्मश के बाद खाद्य विभाग को इसका जिम्मा सौंपा गया।
खाद्य विभाग अब एफसीआई गोदाम से खाद्यान्न का उठान करके ब्लॉक स्तर पर कोटे की दुकान तक पहुंचाएगा। वहां से यह आनाज स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा। पोषाहार बनाकर महिलाएं इसे बच्चों एवं महिलाओं के बीच वितरित करेंगी। शुरूआत में गेहूं एवं चावल को मिलाकर पुष्टाहार बनाया जाएगा। इसके बाद चिह्नित समूहों को पुष्टाहार निर्मित करने के लिए उपकरण भी दिए जाएंगे। बता दें, झांसी में छह माह से तीन वर्ष के 53864 बच्चे, तीन वर्ष से छह वर्ष तक के 34093 बच्चे सहित 22161 गर्भवती महिलाएं पोषाहार वितरण के लिए चिह्नित की गई हैं।
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पुष्टाहार वितरण में बदलाव करते हुए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपी गई है। इसके पहले यह काम बड़ी-बड़ी पंजीरी कंपनियों के पास था। प्रदेश स्तर पर भारी वित्तीय गड़बड़ियों के मिलने पर सरकार ने इनका अनुबंध निरस्त करके इसे स्वयं सहायता समूहों से कराने का निर्णय लिया। सबसे बड़ी परेशानी समूहों तक खाद्यान्न पहुंचाने की थी। शासन स्तर पर काफी दिनों से मंथन चल रहा था। विचार-विर्मश के बाद खाद्य विभाग को इसका जिम्मा सौंपा गया।
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खाद्य विभाग अब एफसीआई गोदाम से खाद्यान्न का उठान करके ब्लॉक स्तर पर कोटे की दुकान तक पहुंचाएगा। वहां से यह आनाज स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा। पोषाहार बनाकर महिलाएं इसे बच्चों एवं महिलाओं के बीच वितरित करेंगी। शुरूआत में गेहूं एवं चावल को मिलाकर पुष्टाहार बनाया जाएगा। इसके बाद चिह्नित समूहों को पुष्टाहार निर्मित करने के लिए उपकरण भी दिए जाएंगे। बता दें, झांसी में छह माह से तीन वर्ष के 53864 बच्चे, तीन वर्ष से छह वर्ष तक के 34093 बच्चे सहित 22161 गर्भवती महिलाएं पोषाहार वितरण के लिए चिह्नित की गई हैं।
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