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Jhansi News: 42 साल का टूटा रिकॉर्ड, सपरार बांध से पहली दफा छूटा 58 एमसीएम पानी
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छह साल से भर नहीं पा रहा था सपरार बांध
रिकॉर्ड बारिश के चलते 15 बार खोलने पड़े गेट
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। वर्ष 1954 में बने सपरार बांध में इस मानसूनी सीजन के दौरान पहली दफा 58 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी छोड़ा गया। इस बारिश में वर्ष 1983 में छोड़े गए सर्वाधिक 39,900 एमसीएम पानी के रिकॉर्ड को तोड़ा। सिंचाई अफसरों का कहना है कि इस बांध से एक सीजन में आज तक इतना पानी नहीं छोड़ा गया। पिछले छह साल से मानसूनी बारिश न होने से यह बांध पूरा नहीं भर पाता था। अबकी हुई भरपूर बारिश ने बांध को लबालब भर दिया। इससे मऊरानीपुर इलाके में पीने के पानी के साथ सिंचाई के लिए भी पानी मिल सकेगा।
मऊरानीपुर के सपरार नदी पर बना सपरार बांध आसपास के इलाकों की प्यास बुझाने के साथ सिंचाई के भी काम आता है। वर्ष 2019 में यह बांध अपनी क्षमता से भर सका था। उसके बाद आज तक बांध पूरी तरह नहीं भर सका। पर्याप्त बारिश न होने से बांध आधा भर पाता था। इस वजह से सिंचाई प्रभावित होने के साथ ही पीने का पानी भी देने में परेशानी होती थी, लेकिन इस दफा हुई भरपूर बारिश ने सपरार बांध को लबालब भर दिया। एक माह की मानसूनी सीजन में 15 बार बांध के गेट खोलने पड़े। एक्सईएन अजय कुमार भारती के मुताबिक बांध की कुल क्षमता 76 एमसीएम है, जबकि इस दफा अतिरिक्त 58 एमसीएम पानी छोड़ा गया। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक इसके पहले 1983 में 39 हजार एमसीएम पानी छोड़ा गया था।
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रिकॉर्ड बारिश के चलते 15 बार खोलने पड़े गेट
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। वर्ष 1954 में बने सपरार बांध में इस मानसूनी सीजन के दौरान पहली दफा 58 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी छोड़ा गया। इस बारिश में वर्ष 1983 में छोड़े गए सर्वाधिक 39,900 एमसीएम पानी के रिकॉर्ड को तोड़ा। सिंचाई अफसरों का कहना है कि इस बांध से एक सीजन में आज तक इतना पानी नहीं छोड़ा गया। पिछले छह साल से मानसूनी बारिश न होने से यह बांध पूरा नहीं भर पाता था। अबकी हुई भरपूर बारिश ने बांध को लबालब भर दिया। इससे मऊरानीपुर इलाके में पीने के पानी के साथ सिंचाई के लिए भी पानी मिल सकेगा।
मऊरानीपुर के सपरार नदी पर बना सपरार बांध आसपास के इलाकों की प्यास बुझाने के साथ सिंचाई के भी काम आता है। वर्ष 2019 में यह बांध अपनी क्षमता से भर सका था। उसके बाद आज तक बांध पूरी तरह नहीं भर सका। पर्याप्त बारिश न होने से बांध आधा भर पाता था। इस वजह से सिंचाई प्रभावित होने के साथ ही पीने का पानी भी देने में परेशानी होती थी, लेकिन इस दफा हुई भरपूर बारिश ने सपरार बांध को लबालब भर दिया। एक माह की मानसूनी सीजन में 15 बार बांध के गेट खोलने पड़े। एक्सईएन अजय कुमार भारती के मुताबिक बांध की कुल क्षमता 76 एमसीएम है, जबकि इस दफा अतिरिक्त 58 एमसीएम पानी छोड़ा गया। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक इसके पहले 1983 में 39 हजार एमसीएम पानी छोड़ा गया था।
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