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शिक्षामित्रों ने सड़कों पर लगाई झाड़ू
Updated Fri, 18 Aug 2017 01:28 AM IST
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शिक्षामित्रों ने सड़कों पर लगाई झाड़ू
ललितपुर। बृहस्पतिवार से शिक्षामित्रों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने सड़कों पर झाड़ू लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही उन्हाेंने सड़क जाम कर जनपद के नोडल अधिकारी का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा है।
प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के समायोजन के मामले में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। जिसके विरोध में शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू का दिया है। जनपद के समस्त शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार से संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के तत्वाधान में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में सत्याग्रह आंदोलन के रूप में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शिक्षामित्रों ने खुुद को बेरोजगार बताते हुए सड़कों पर झाड़ू लगाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए स्वच्छता का पाठ पढ़ाया। बीएसए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष भगवत सिंह बैस ने कहा कि सरकार के आश्वासन पर हम लोगों ने विगत दिनों प्रदर्शन स्थगित कर दिया था। अब प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 17 अगस्त से अनवरत 3 दिन धरना प्रदर्शन चलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षक का पद बहाल न होने तक आंदोलित रहेंगे। जब तक समायोजन बहाल नहीं होता तब तक समान कार्य समान वेतन दिलाए जाने की मांग की हैै। इसी क्रम में मनोहर सिंह बुंदेला ने कहा कि अब शिक्षामित्रों का धैर्य टूटने वाला है, यदि अति शीघ्र सरकार निर्णय नहीं लेती है तो उग्र आंदोलन होगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। दयाराम विश्वकर्मा ने कहा कि बार-बार वार्ता के उपरांत भी सरकार कोई भी निर्णय नहीं निकाल पाई हैं। इसी क्रम में योगेंद्र सिंह परमार ने कहा की अब सरकार ने वार्ता के लिए बुलाया था, जिसे शिक्षामित्रों के प्रदेशीय नेताओं ने ठुकरा दिया है। वहीं, व्यापार मंडल के पदाधिकारी नरेंद्र कड़की ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर शिक्षामित्रों को समर्थन दिया। साथ ही शिक्षामित्रों को समर्थन देने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मंडल अध्यक्ष अरविंद तिवारी और जिलाध्यक्ष रविकांत ताम्रकार भी पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान बृजेंद्र तिवारी, संजय सिंह गौर, बृजेश टोटेें, शैलेंद्र राजा, कुलदीप गोस्वामी, रेखा लिटोरिया, श्रीनारायण पांडेय, धर्मेंद्र परमार, वीर दुबे, सूर्यप्रताप सिंह, आजाद सिंह, समीर चतुर्वेदी, उर्मिला झा, आराधना, नीलम रिछारिया, रजिया रिजवाना, नीतू सिंह, सीमा, नीता पांडेय, पल्लवी परमार, नीलेश, रजनी, सुनीता, पूनम व राघवेंद्र यादव आदि शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
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सचिव का काफिला रोककर ज्ञापन सौंपा
ललितपुर। शासन ने लोक निर्माण विभाग के प्रदेश सचिव पंकज यादव को जनपद का नोडल अधिकारी नामित किया है। वह दो दिवसीय जनपद दौरे पर तय कार्यक्रमों के अनुसार बृहस्पतिवार की दोपहर दो बजे से तीन बजे तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण करना तय था। इसी कार्यक्रम के मद्देनजर शिक्षामित्र भी सचिव के कार्यालय आने का इंतजार करते रहे ताकि वह अपनी मांगों के संबंध में सचिव को ज्ञापन सौंप सके। प्रशासन को इस बात की भनक हुई कि भारी संख्या में शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके चलते सचिव का बीएसए कार्यालय निरीक्षण को स्थगित कर दिया गया। दोपहर करीब तीन बजे सचिव अपने काफिले के साथ नवीन तहसील भवन में निरीक्षण के लिए जा रहे थे, जिसकी जानकारी शिक्षामित्रों को लगी। शिक्षामित्रों ने सदनशाह-तहसील चौराहे पर सचिव व जिला प्रशासन के काफिले को घेराव करते हुए सड़क पर चक्का जाम कर दिया और नारे-बाजी करने लगे। कुल समय बाद सचिव पंकज यादव और जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह गाड़ी से बाहर निकले और उन्होंने शिक्षामित्रों का ज्ञापन लिया। इस पर सचिव ने आश्वासन दिया कि वह शिक्षामित्रों की मांग को प्रमुखता के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समझ रखेेंगे। उन्होंने कहा कि मेरी बहन भी कानपुर में शिक्षामित्र है इसलिए में आप लोगों की समस्या से भली-भांति परिचित हूं।
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ललितपुर। बृहस्पतिवार से शिक्षामित्रों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने सड़कों पर झाड़ू लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही उन्हाेंने सड़क जाम कर जनपद के नोडल अधिकारी का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा है।
प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के समायोजन के मामले में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। जिसके विरोध में शिक्षामित्रों का विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू का दिया है। जनपद के समस्त शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार से संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के तत्वाधान में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में सत्याग्रह आंदोलन के रूप में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शिक्षामित्रों ने खुुद को बेरोजगार बताते हुए सड़कों पर झाड़ू लगाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए स्वच्छता का पाठ पढ़ाया। बीएसए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष भगवत सिंह बैस ने कहा कि सरकार के आश्वासन पर हम लोगों ने विगत दिनों प्रदर्शन स्थगित कर दिया था। अब प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 17 अगस्त से अनवरत 3 दिन धरना प्रदर्शन चलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षक का पद बहाल न होने तक आंदोलित रहेंगे। जब तक समायोजन बहाल नहीं होता तब तक समान कार्य समान वेतन दिलाए जाने की मांग की हैै। इसी क्रम में मनोहर सिंह बुंदेला ने कहा कि अब शिक्षामित्रों का धैर्य टूटने वाला है, यदि अति शीघ्र सरकार निर्णय नहीं लेती है तो उग्र आंदोलन होगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। दयाराम विश्वकर्मा ने कहा कि बार-बार वार्ता के उपरांत भी सरकार कोई भी निर्णय नहीं निकाल पाई हैं। इसी क्रम में योगेंद्र सिंह परमार ने कहा की अब सरकार ने वार्ता के लिए बुलाया था, जिसे शिक्षामित्रों के प्रदेशीय नेताओं ने ठुकरा दिया है। वहीं, व्यापार मंडल के पदाधिकारी नरेंद्र कड़की ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर शिक्षामित्रों को समर्थन दिया। साथ ही शिक्षामित्रों को समर्थन देने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मंडल अध्यक्ष अरविंद तिवारी और जिलाध्यक्ष रविकांत ताम्रकार भी पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान बृजेंद्र तिवारी, संजय सिंह गौर, बृजेश टोटेें, शैलेंद्र राजा, कुलदीप गोस्वामी, रेखा लिटोरिया, श्रीनारायण पांडेय, धर्मेंद्र परमार, वीर दुबे, सूर्यप्रताप सिंह, आजाद सिंह, समीर चतुर्वेदी, उर्मिला झा, आराधना, नीलम रिछारिया, रजिया रिजवाना, नीतू सिंह, सीमा, नीता पांडेय, पल्लवी परमार, नीलेश, रजनी, सुनीता, पूनम व राघवेंद्र यादव आदि शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
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सचिव का काफिला रोककर ज्ञापन सौंपा
ललितपुर। शासन ने लोक निर्माण विभाग के प्रदेश सचिव पंकज यादव को जनपद का नोडल अधिकारी नामित किया है। वह दो दिवसीय जनपद दौरे पर तय कार्यक्रमों के अनुसार बृहस्पतिवार की दोपहर दो बजे से तीन बजे तक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण करना तय था। इसी कार्यक्रम के मद्देनजर शिक्षामित्र भी सचिव के कार्यालय आने का इंतजार करते रहे ताकि वह अपनी मांगों के संबंध में सचिव को ज्ञापन सौंप सके। प्रशासन को इस बात की भनक हुई कि भारी संख्या में शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके चलते सचिव का बीएसए कार्यालय निरीक्षण को स्थगित कर दिया गया। दोपहर करीब तीन बजे सचिव अपने काफिले के साथ नवीन तहसील भवन में निरीक्षण के लिए जा रहे थे, जिसकी जानकारी शिक्षामित्रों को लगी। शिक्षामित्रों ने सदनशाह-तहसील चौराहे पर सचिव व जिला प्रशासन के काफिले को घेराव करते हुए सड़क पर चक्का जाम कर दिया और नारे-बाजी करने लगे। कुल समय बाद सचिव पंकज यादव और जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह गाड़ी से बाहर निकले और उन्होंने शिक्षामित्रों का ज्ञापन लिया। इस पर सचिव ने आश्वासन दिया कि वह शिक्षामित्रों की मांग को प्रमुखता के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समझ रखेेंगे। उन्होंने कहा कि मेरी बहन भी कानपुर में शिक्षामित्र है इसलिए में आप लोगों की समस्या से भली-भांति परिचित हूं।
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