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झांसी में लगेगी रानी लक्ष्मीबाई की 33 फुट ऊंची प्रतिमा, ग्वालियर में हो रही तैयार

Mon, 16 May 2022 12:01 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2022 12:01 AM IST
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33 feet high statue of Rani Laxmibai will be installed in Jhansi, getting ready in Gwalior
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई की 33 फुट ऊंची प्रतिमा झांसी में लगाई जाएगी। ग्वालियर में इसका निर्माण हो रहा है। लक्ष्मीताल में इस प्रतिमा को लगाया जाएगा। स्मार्ट सिटी योजना के तहत तैयार कराई जा रही इस प्रतिमा को दो माह के भीतर स्थापित कर दिया जाएगा।
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झांसी की रानी की गौरवगाथा की गूंज देश और दुनिया के हर हिस्से में सुनने को मिल जाती है। देश-विदेश में उनकी कई प्रतिमाएं भी स्थापित हैं। अब स्मार्ट सिटी मिशन योजना के तहत रानी लक्ष्मीबाई की 21 फुट की कांस्य प्रतिमा बनवाई जा रही है। इस प्रतिमा का प्लेटफार्म ही 12 फुट ऊंचा होगा। इस हिसाब से कुल ऊंचाई 33 फुट हो जाएगी। लगभग पचास लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण ग्वालियर में मूर्तिकार प्रभात राय द्वारा किया जा रहा है। इसका वजन चार टन है। रानी के हाथ में पांच फुट लंबी तलवार है। जबकि, उनकी पीठ पर दत्तक पुत्र दामोदर राव हैं। नगर निगम का दावा है कि ये रानी की दुनिया की सबसे ऊंची कांस्य प्रतिमा है। इसे लक्ष्मीताल के बीचों बीच प्लेटफार्म पर स्थापित किया जाएगा। महापौर रामतीर्थ सिंघल ने बताया कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत रानी की दुनिया की सबसे ऊंची कांस्य प्रतिमा का निर्माण ग्वालियर में कराया जा रहा है। निर्माण का काम अंतिम दौर में पहुंच गया है। आगामी दो माह में इसे स्थापित करने की योजना है।
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77 साल पहले स्थापित हुई थी पहली प्रतिमा
झांसी। स्वराज्य की खातिर अपने प्राणों की आहुति देने वालीं वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की पहली प्रतिमा झांसी में 1945 में लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में स्थापित की गई थी। इसका निर्माण क्रांतिकारी मास्टर रुद्रनारायण ने किया था। उन्होंने 1937 में प्रतिमा बनाना शुरू किया था, जो 1943 में बनकर तैयार हुई थी। प्रतिमा निर्माण से पहले उन्होंने काफी समय तक झांसी के लोगों से रानी के बारे में जानकारी हासिल की थी, ताकि प्रतिमा को जीवंत रूप दिया जा सके। ये प्रतिमा आज भी एलवीएम में स्थापित है, जो लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है।
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